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‘पार्क में बुलाकर मेरे भाई को मार डाला’
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 09 Sep 2018 02:02 AM IST
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Murder
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झूंसी के न्याय नगर पार्क में युवक-युवती के मृत पाए जाने के मामले में शनिवार को नया मोड़ आ गया। युवक के परिजनेां ने पुलिस को तहरीर दी है कि उसे पार्क में बुलाकर मार डाला गया। तहरीर मिलने के बाद पुलिस पसोपेश में पड़ गई है क्योंकि वह पहले ही युवक पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर चुकी है। फिलहाल अफसरों का कहना है कि रविवार को दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
सहसों में रहने वाली वंशिका सोनी व शेरडीह निवासी बृजेश उर्फ विजय यादव छह सितंबर को झूंसी के न्यायनगर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। गोली लगने से दोनों की मौत हुई थी। युवती के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने बृजेश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। उनका कहना था कि बृजेश ने पहले वंशिका की जान ली, फिर खुद को भी खत्म कर लिया। पुलिस भी इसी थ्योरी को मानकर चल रही थी लेकिन घटनास्थल के हालात कुछ और ही इशारा कर रहे थे। मौके से दो असलहों का मिलना भी एक ऐसी ही बात थी जिसका अफसर भी कोई जवाब नहीं दे सके।
शनिवार को मामले में नया मोड़ आ गया। मृतक बृजेश के भाई सोहन ने थाने पहुंचकर तहरीर दी कि उसके भाई को पार्क में बुलाया गया और फिर उसे मार डाला गया। घरवालों ने किसी का नाम नहीं लिया है लेकिन उन्होंने मांग की है कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जाए। तहरीर मिलने के बाद से पुलिस पसोपेश में है। दरअसल पुलिस अब तक वंशिका के घरवालों की ही थ्योरी को मानकर आगे बढ़ रही थी। हालांकि बृजेश के घरवालों ने जो आरोप लगाए हैं, वह मामले को कुछ और ही रूप दे रहे हैं। फिलहाल झूंसी इंस्पेक्टर जीतेंद्र सिंह का कहना है कि तहरीर मिली है। जांच की जा रही है। रविवार को पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज करेगी। बृजेश के घरवालों से तो बात की ही जाएगी, वंशिका के परिजनों से भी पूछताछ होगी। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बृजेश के भाई सोहन ने पुलिस को दी तहरीर में जो आरोप लगाया है, वह वंशिका की मां, जो यह दावा कर रही हैं कि वह घटना के वक्त मौके पर मौजूद थीं, के बयान पर भी सवालिया निशान लगा रहा है। दरअसल वंशिका की मां उर्मिला ने पुलिस को बताया था कि वह बेटी वंशिका के साथ पार्क में पहुंची थीं तो वहां बृजेश पहले से मौजूद था। उधर सोहन की तहरीर में कहा गया है कि बृजेश को फोन कर पार्क में बुलाया गया। जहां वंशिका व उसकी मां पहले से मौजूद थीं। पुलिस का कहना है कि पार्क में पहले कौन पहुंचा, यह जांच का विषय है। जानकारी जुटाई जा रही है।
घटना के बाद पुलिस को मृत पड़े बृजेश के पैंट में मोबाइल फोन मिला था। हालांकि वंशिका के पास से मोबाइल नहीं मिला। बड़ी बात यह है कि वंशिका के पास मोबाइल फोन था या नहीं, इस बारे में उसके घरवालों के बयान भी अलग-अलग रहे। घटनास्थल पर मौजूद उसके परिजनों ने पुलिस को बताया था कि वंशिका के पास मोबाइल नहीं था। जबकि पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे परिवार के एक करीबी ने बातचीत के दौरान ही कबूला था कि वंशिका के पास मोबाइल फोन था। घरवाले भी यह आरोप लगा रहे हैं कि बृजेश को फोन कर पार्क में बुलाया गया। सवाल है कि उसके मोबाइल पर वंशिका के फोन से कॉल किया गया तो वह मोबाइल कहां है। अगर वंशिका की मां के मोबाइल से फोन हुआ तो उस मोबाइल को पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच पड़ताल क्यों नहीं की।
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सहसों में रहने वाली वंशिका सोनी व शेरडीह निवासी बृजेश उर्फ विजय यादव छह सितंबर को झूंसी के न्यायनगर में संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। गोली लगने से दोनों की मौत हुई थी। युवती के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने बृजेश के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। उनका कहना था कि बृजेश ने पहले वंशिका की जान ली, फिर खुद को भी खत्म कर लिया। पुलिस भी इसी थ्योरी को मानकर चल रही थी लेकिन घटनास्थल के हालात कुछ और ही इशारा कर रहे थे। मौके से दो असलहों का मिलना भी एक ऐसी ही बात थी जिसका अफसर भी कोई जवाब नहीं दे सके।
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शनिवार को मामले में नया मोड़ आ गया। मृतक बृजेश के भाई सोहन ने थाने पहुंचकर तहरीर दी कि उसके भाई को पार्क में बुलाया गया और फिर उसे मार डाला गया। घरवालों ने किसी का नाम नहीं लिया है लेकिन उन्होंने मांग की है कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जाए। तहरीर मिलने के बाद से पुलिस पसोपेश में है। दरअसल पुलिस अब तक वंशिका के घरवालों की ही थ्योरी को मानकर आगे बढ़ रही थी। हालांकि बृजेश के घरवालों ने जो आरोप लगाए हैं, वह मामले को कुछ और ही रूप दे रहे हैं। फिलहाल झूंसी इंस्पेक्टर जीतेंद्र सिंह का कहना है कि तहरीर मिली है। जांच की जा रही है। रविवार को पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज करेगी। बृजेश के घरवालों से तो बात की ही जाएगी, वंशिका के परिजनों से भी पूछताछ होगी। जांच के दौरान जो तथ्य सामने आएंगे, उसके हिसाब से आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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बृजेश के भाई सोहन ने पुलिस को दी तहरीर में जो आरोप लगाया है, वह वंशिका की मां, जो यह दावा कर रही हैं कि वह घटना के वक्त मौके पर मौजूद थीं, के बयान पर भी सवालिया निशान लगा रहा है। दरअसल वंशिका की मां उर्मिला ने पुलिस को बताया था कि वह बेटी वंशिका के साथ पार्क में पहुंची थीं तो वहां बृजेश पहले से मौजूद था। उधर सोहन की तहरीर में कहा गया है कि बृजेश को फोन कर पार्क में बुलाया गया। जहां वंशिका व उसकी मां पहले से मौजूद थीं। पुलिस का कहना है कि पार्क में पहले कौन पहुंचा, यह जांच का विषय है। जानकारी जुटाई जा रही है।
घटना के बाद पुलिस को मृत पड़े बृजेश के पैंट में मोबाइल फोन मिला था। हालांकि वंशिका के पास से मोबाइल नहीं मिला। बड़ी बात यह है कि वंशिका के पास मोबाइल फोन था या नहीं, इस बारे में उसके घरवालों के बयान भी अलग-अलग रहे। घटनास्थल पर मौजूद उसके परिजनों ने पुलिस को बताया था कि वंशिका के पास मोबाइल नहीं था। जबकि पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे परिवार के एक करीबी ने बातचीत के दौरान ही कबूला था कि वंशिका के पास मोबाइल फोन था। घरवाले भी यह आरोप लगा रहे हैं कि बृजेश को फोन कर पार्क में बुलाया गया। सवाल है कि उसके मोबाइल पर वंशिका के फोन से कॉल किया गया तो वह मोबाइल कहां है। अगर वंशिका की मां के मोबाइल से फोन हुआ तो उस मोबाइल को पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच पड़ताल क्यों नहीं की।