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कारोबारी के बेटे का अपहरण, 20 लाख रुपये फिरौती मांगी

Sat, 18 Nov 2017 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Sat, 18 Nov 2017 01:20 AM IST
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Businessman's son kidnapped, seeks ransom Rs 20 lakh
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
जसरा बाजार से बृहस्पतिवार रात कपड़ा कारोबारी चंद्रकुमार केसरवानी के छह वर्षीय बेटे नैतिक का अपहरण कर बदमाशों ने बीस लीख रुपये फिरौती मांगी। बच्चा अपने बाबा के साथ घर के निकट मिठाई की दुकान गया था, जहां से वह लापता हो गया। परिवार के लोग उसकी तलाश में जुटे थे तभी रात में अपहर्ता ने फोन पर धमकी दी। इसके बाद क्राइम ब्रांच को बदमाशों की धरपकड़ में लगाया गया। पुलिस ने रात में दो संदिग्ध लोगों को पकड़ लिया हालांकि बच्चा नहीं मिला।
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जसरा में लाइन पार मुहल्ले में रहने वाले शंभूनाथ केसरवानी ने बांदा मार्ग स्थित मकान में दो दुकान खोल रखी है। बीज भंडार में वह खुद बैठते हैं जबकि उनके दो पुत्र चंद्रकुमार तथा विजय कपड़े की दुकान चलाते हैं। चंद्रकुमार के दो बच्चे हैं। तीन साल की बेटी और छह साल का बेटा नैतिक उर्फ डुग्गू। नैतिक स्थानीय सारंगापुर स्थित लारेल इंटरनेशनल स्कूल में केजी का छात्र है। बृहस्पतिवार रात करीब आठ बजे पोते नैतिक को साथ लेकर शंभूनाथ घर से कुछ दूर पर मनोज केसरवानी की मिठाई की दुकान गए। वहां नैतिक को रसगुल्ला खाता छोड़कर वह सड़क पार दूसरी दुकान से कुछ खरीदने चले गए। दुकान पर लौटे तो नैतिक वहां नहीं था। उन्होंने समझा कि नैतिक घर चला गया होगा। वह खुद अपनी दुकान पर चले गए। रात में करीब साढ़े नौ बजे वह घर पहुंचे तो पता चला कि नैतिक लापता है। मिठाई दुकानदार मनोज ने कहा कि नैतिक रसगुल्ला खाकर चला गया था। खोजबीन के बाद 100 नंबर पर सूचना दी गई तो पुलिस टीम वहां पहुंच गई।
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पहले तो पुलिस ने समझा कि नैतिक भटककर कहीं चला गया है। मगर रात करीब 11.30 नैतिक के चाचा विजय केसरवानी के मोबाइल पर किसी बदमाश ने 7318295527 नंबर से फोन किया और धमकाया कि ज्यादा फड़फड़ाओ नहीं वरना बच्चे से हाथ धो बैठोगे। इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ करछना अमित श्रीवास्तव और घूरपुर थानाध्यक्ष अरविंद त्रिवेदी वहां पहुंच गए। एसएसपी आकाश कुलहरि को पता चला तो उन्होंने क्राइम ब्रांच को अपहर्ताओं की तलाश में लगा दिया। शुक्रवार को भी दोपहर और शाम को उसी नंबर से फोनकर बदमाश ने बीस लाख रुपये की फिरौती का इंतजाम करने के लिए कहा। क्राइम ब्रांच की तीन टीम आधी रात तक यमुनापार और कौशाम्बी में छापेमारी कर रही थ। इस मामले में दो संदिग्ध लोगों को दबोचा गया हालांकि पुलिस ने चुप्पी साध रखी है। एसपी क्राइम ब्रजेश मिश्रा ने कहा कि पुलिस टीम बच्चे की सकुशल बरामदगी की कोशिश कर रही है। अपहर्ताओं के बारे में अभी कुछ नहीं बताया जा सकता है।
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बच्चे नैतिक का अपहर्ता फिरौती के लिए उसके चाचा विजय को जिस मोबाइल से फोन कर रहा है, उसे कुछ ही दिन पहले छीना गया था। मोबाइल छिनैती का मुकदमा भी दर्ज है। सर्विलांस के  जरिए देर रात तक क्राइम ब्रांच की टीम मोबाइल की लोकेशन जुटाकर अपहर्ता की घेराबंदी करने में जुटी रही। शातिर अपहर्ता लगातार लोकेशन बदलकर फोन कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस गिरोह में यमुनापार के अलावा कौशाम्बी के भी बदमाश शामिल हैं। उनके साथियों की तलाश में दबिश दी जाती रही। एसएसपी के साथ ही एसपी क्राइम के निर्देशन में पुलिस सावधानी के साथ धरपकड़ में जुटी रही क्योंकि बच्चे की सलामती भी जरूरी है।

नैतिक के अपहरण से परिजनों के साथ ही रिश्तेदार बेहद चिंतित रहे। मां टीना तो रोते-रोते बेहाल हो गई। परिवार के लोग और रिश्तेदार टीना को दिलासा देते रहे कि पुलिस बच्चे को लेकर घर आ रही है। वह सुरक्षित है लेकिन मां आंसू बहाते हुए बार-बार पूछती रही कि मेरा डुग्गू का कहां है। उसे मेरे पास ले आओ। मां को रोता देख तीन साल की बेटी नायरा भी घबराकर बिलखने लगती। घर पर रिश्तेदारों के साथ ही इलाके के व्यापारियों का भी देर रात तक जमावड़ा रहा। व्यापारी नेता बार-बार पुलिस पर दबाव बनाते रहे कि नैतिक को सुरक्षित बरामद कर अपराधियों को गिरफ्तार किया जाए। पुलिस अधिकारी भी व्यापारियों को आश्वासन देते रहे।


पुलिस का मानना है कि बदमाशों ने कई दिन रेकी के बाद कपड़ा कारोबारी के बेेटे नैतिक के अपहरण की वारदात की। यह भी साफ है कि इस घटना में आसपास का भी कोई शख्स जरूर शामिल है जिसे नैतिक पहचानता है। परिचित होने की वजह से नैतिक उसके साथ बाजार से गया होगा। मिठाई की दुकान से बच्चे को जबरन उठाया जाता तो लोगों का ध्यान जाता। मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ।  यह भी संभव है कि इसी परिचित शख्स ने ही अपहरण की साजिश रची।
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