{"_id":"578a97b54f1c1ba64e13fe41","slug":"bull-will-again-be-summoned-ramlli-suryamni-murder-trial","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिपाही सूर्यमणि हत्याकांड में रामलली को तलब करने पर फिर होगी सुनवाई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सिपाही सूर्यमणि हत्याकांड में रामलली को तलब करने पर फिर होगी सुनवाई
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 17 Jul 2016 01:53 AM IST
विज्ञापन
अदालत
- फोटो : file
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिपाही सूर्यमणि मिश्र हत्याकांड में विधायक विजय मिश्र की पत्नी रामलली मिश्रा को मुक दमे के विचारण के लिए तलब नहीं करने के निचली अदालत के निर्णय को हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। कोर्ट ने निचली अदालत को आदेश दिया है कि वह वादी मुकदमा की अर्जी पर दोबारा सुनवाई कर आदेश पारित करे।
यह आदेश न्यायमूर्ति केजे ठाकर ने वादी मुकदमा के द्वारा दाखिल पुनरीक्षण याचिका पर दिया है। याचिका में कहा गया है कि सूर्यमणि हत्याकांड में विधायक विजय मिश्र, उनकी पत्नी रामलली मिश्र समेत दस को नामजद किया गया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान रामलली का नाम एफआईआर से निकाल दिया। मुकदमे का ट्रायल वाराणसी की अदालत में चल रहा है। वादी ने सीआरपीसी की धारा 319 के तहत कोर्ट में अर्जी देकर रामलली मिश्र को विचारण के लिए तलब किए जाने की मांग की थी। मगर निचली अदालत ने अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी कि सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे के शीघ्र निस्तारण का आदेश दिया है।
इसके अलावा कोई और ठोस कारण अर्जी करने का नहीं दिया गया। हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा है कि जब रामलली मिश्र का नाम प्राथमिकी में दर्ज था और बयान में भी सामने आया है तो निचली अदालत को तलब करने पर विचार करना चाहिए था। हाईकोर्ट ने निचली अदालत को आदेश दिया है कि वादी के 319 के प्रार्थना पर फिर से सुनवाई कर आदेश पारित करें। उल्लेखनीय है कि 12 मई 2003 को इलाहाबाद के सिविल लाइंस में पुलिस सिपाही सूर्यमणि मिश्र की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक सिपाही सूर्यमणि मिश्र पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय के भाई की हत्या के मामले की पैरवी कर रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
यह आदेश न्यायमूर्ति केजे ठाकर ने वादी मुकदमा के द्वारा दाखिल पुनरीक्षण याचिका पर दिया है। याचिका में कहा गया है कि सूर्यमणि हत्याकांड में विधायक विजय मिश्र, उनकी पत्नी रामलली मिश्र समेत दस को नामजद किया गया था। पुलिस ने विवेचना के दौरान रामलली का नाम एफआईआर से निकाल दिया। मुकदमे का ट्रायल वाराणसी की अदालत में चल रहा है। वादी ने सीआरपीसी की धारा 319 के तहत कोर्ट में अर्जी देकर रामलली मिश्र को विचारण के लिए तलब किए जाने की मांग की थी। मगर निचली अदालत ने अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी कि सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे के शीघ्र निस्तारण का आदेश दिया है।
विज्ञापन
इसके अलावा कोई और ठोस कारण अर्जी करने का नहीं दिया गया। हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार करते हुए कहा है कि जब रामलली मिश्र का नाम प्राथमिकी में दर्ज था और बयान में भी सामने आया है तो निचली अदालत को तलब करने पर विचार करना चाहिए था। हाईकोर्ट ने निचली अदालत को आदेश दिया है कि वादी के 319 के प्रार्थना पर फिर से सुनवाई कर आदेश पारित करें। उल्लेखनीय है कि 12 मई 2003 को इलाहाबाद के सिविल लाइंस में पुलिस सिपाही सूर्यमणि मिश्र की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक सिपाही सूर्यमणि मिश्र पूर्व सांसद गोरखनाथ पांडेय के भाई की हत्या के मामले की पैरवी कर रहा था।
विज्ञापन