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बसपा नेता की हत्या, आगजनी और तोड़फोड़
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Wed, 04 Oct 2017 02:07 AM IST
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भदोही के ज्ञानपुर सीट पर 2017 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार रहे बसपा नेता राजेश यादव (45) की सोमवार रात ताराचंद्र हॉस्टल के बाहर छात्रो से झड़प के बाद गोली मारकर हत्या कर दी गई। वह अपनी फारच्यूनर गाड़ी में थे तभी उन पर करीब से फायर किया गया। पथराव भी हुआ। साथ मौजूद डॉ. मुकुल सिंह घायल राजेश को अपने नर्सिंग होम ले गए मगर उनकी जान नहीं बची। भोर में डॉक्टर ने राजेश की पत्नी मोनिका को सूचना दी तो कोहराम मच गया। बसपा समर्थकों और भदोही से आए रिश्तेदारों ने पथराव शुरू कर दिया। एक बस फूंकी और दूसरी तोड़ दी। पुलिसवालों और पत्रकारों पर भी हमला किया। पत्नी ने राज नर्सिंग होम मालिक डॉ. मुकुल के खिलाफ हत्या का केस लिखाया। वह फरार हैं। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद राजेश का शव भदोही में पैतृक गांव ले जाया गया।
मूल रूप से भदोही में सीतामढ़ी के पास दुगुना गांव निवासी राजेश यादव ने इसी साल बसपा के टिकट पर ज्ञानपुर सीट से निवर्तमान विधायक विजय मिश्रा के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा था। राजेश परिवार सहित यहां कंपनी बाग के पीछे पन्नालाल रोड स्थित हरित कुंज अपार्टमेंट में रहते थे। पहले इंजीनियर रहे राजेश अब ठेकेदारी करने लगे थे। बालू खनन में भी उनका दखल था। हरित कुंज के निकट स्थित राज नर्सिंग होम के मालिक डॉ. मुकुल सिंह से उनकी दोस्ती थी। सोमवार रात लगभग दस बजे वह पत्नी मोनिका को यह बताकर घर से निकले थे कि शहर आए ओबरा के पूर्व विधायक सुनील सिंह यादव से मिलने जा रहे हैं। फिर रात करीब एक बजे एसआरएन अस्पताल गेट स्थित उमा केमिस्ट के मालिक आलोक यादव ने मोनिका को फोन पर बताया कि राजेश डॉ. मुकुल सिंह के साथ मेरे पास आए थे। अब वे यहां से जा रहे हैं। भैया को घर बुला लीजिए। मोनिका फोन करती रहीं तो रात करीब पौने बजे दो बजे डॉ. मुकुल ने राजेश के मोबाइल पर कॉल रिसीव की और कहा कि वह अपने नर्सिंग होम में हैं। राजेश भी साथ हैं। वे ड्रिंक नहीं कर रहे हैं। फिर फोन कट गया। इसके बाद भोर में करीब चार बजे दो लोग आए और मोनिका को बुलाकर राज नर्सिंग होम ले गए। वहां बेड पर राजेश मृत पड़े थे। मोनिका से खबर पाकर तमाम रिश्तेदार, बसपा समर्थक और छात्र जुट गए। कर्नलगंज समेत कई थानों की पुलिस के साथ सीओ आलोक मिश्रा और एसपी सिटी सिद्धार्थ मीणा भी आ गए। राजेश का शव सीलकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया।
राजेश की पत्नी मोनिका ने कहा कि डॉ. मुकुल ने ही उनके पति का कत्ल किया है। भदोही और शहर से जुटे सैकड़ों रिश्तेदारों और बसपा समर्थकों ने सुबह लगभग नौ बजे राज नर्सिंग होम पर पथराव कर दिया। पुलिसकर्मियों ने रोकने की कोशिश की तो उन्हें भी खदेड़ा। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। पुलिस के साथ ही पत्रकारों पर भी हमला किया गया। इंडियन प्रेस चौराहे के निकट एक बस पर पथराव के बाद आग लगा दी। दोपहर में सीएमपी डिग्री कॉलेज के सामने भी गोरखपुर से इलाहाबाद आ रही बस पर पथराव कर कांच तोड़ दिए गए। एसएसपी आनंद कुलकर्णी के साथ आईजी रमित शर्मा भी मौके पर पहुंचे। पत्नी मोनिका की तहरीर पर कर्नलगज थाने में डॉ. मुकुल सिंह और अज्ञात साथियों के खिलाफ कत्ल का केस लिखा गया। नर्सिग होम पर पथराव के बाद डॉ. मुकुल फरार हैं। देर रात तक क्राइम ब्रांच और पुलिस कातिलों के बारे में छानबीन और छापेमारी में जुटी रही।
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ताराचंद्र हॉस्टल के बाहर मारी गई राजेश को गोली
-फरार होने से पहले डॉ. मुकुल ने मोनिका और अपने भाई डॉ. राहुल सिंह को बताया था कि वे राजेश के साथ रात करीब सवा दो बजे ताराचंद्र हॉस्टल गए थे। उन्होंने गाड़ी हॉस्टल के गेट पर रोक दी, जहां दर्जनों छात्र मौजूद थे। वहां उनकी छात्रों से झड़प हो गई। छात्रों ने राजेश पर राड से हमला किया जिससे उनके चेहरे पर चोट पहुंची। राजेश ने गाड़ी मोड़ी तो छात्रों ने पीछे से पथराव किया। फिर करीब आकर पिस्टल से फायर कर दिया। गोली राजेश के सीने पर दाहिनी तरफ से घुसकर बायीं तरफ से निकल गई। डॉ. मुकुल के मुताबिक, वह राजेश के पैरों पर बैठकर गाड़ी चलाकर किसी तरह बालसन चौराहे तक आए। गेट खोलने पर राजेश लुढ़के तो उन्हें बगल की सीट पर डालकर नर्सिंग होम ले आए। छानबीन में पुलिस भी इसी नतीजे पर पहुंची है कि राजेश को गोली ताराचंद के सामने ही मारी गई थी। हॉस्टल के सीसीटीवी कैमरे से भी घटनाक्रम का वक्त पता चला है।
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मूल रूप से भदोही में सीतामढ़ी के पास दुगुना गांव निवासी राजेश यादव ने इसी साल बसपा के टिकट पर ज्ञानपुर सीट से निवर्तमान विधायक विजय मिश्रा के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा था। राजेश परिवार सहित यहां कंपनी बाग के पीछे पन्नालाल रोड स्थित हरित कुंज अपार्टमेंट में रहते थे। पहले इंजीनियर रहे राजेश अब ठेकेदारी करने लगे थे। बालू खनन में भी उनका दखल था। हरित कुंज के निकट स्थित राज नर्सिंग होम के मालिक डॉ. मुकुल सिंह से उनकी दोस्ती थी। सोमवार रात लगभग दस बजे वह पत्नी मोनिका को यह बताकर घर से निकले थे कि शहर आए ओबरा के पूर्व विधायक सुनील सिंह यादव से मिलने जा रहे हैं। फिर रात करीब एक बजे एसआरएन अस्पताल गेट स्थित उमा केमिस्ट के मालिक आलोक यादव ने मोनिका को फोन पर बताया कि राजेश डॉ. मुकुल सिंह के साथ मेरे पास आए थे। अब वे यहां से जा रहे हैं। भैया को घर बुला लीजिए। मोनिका फोन करती रहीं तो रात करीब पौने बजे दो बजे डॉ. मुकुल ने राजेश के मोबाइल पर कॉल रिसीव की और कहा कि वह अपने नर्सिंग होम में हैं। राजेश भी साथ हैं। वे ड्रिंक नहीं कर रहे हैं। फिर फोन कट गया। इसके बाद भोर में करीब चार बजे दो लोग आए और मोनिका को बुलाकर राज नर्सिंग होम ले गए। वहां बेड पर राजेश मृत पड़े थे। मोनिका से खबर पाकर तमाम रिश्तेदार, बसपा समर्थक और छात्र जुट गए। कर्नलगंज समेत कई थानों की पुलिस के साथ सीओ आलोक मिश्रा और एसपी सिटी सिद्धार्थ मीणा भी आ गए। राजेश का शव सीलकर पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया।
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राजेश की पत्नी मोनिका ने कहा कि डॉ. मुकुल ने ही उनके पति का कत्ल किया है। भदोही और शहर से जुटे सैकड़ों रिश्तेदारों और बसपा समर्थकों ने सुबह लगभग नौ बजे राज नर्सिंग होम पर पथराव कर दिया। पुलिसकर्मियों ने रोकने की कोशिश की तो उन्हें भी खदेड़ा। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। पुलिस के साथ ही पत्रकारों पर भी हमला किया गया। इंडियन प्रेस चौराहे के निकट एक बस पर पथराव के बाद आग लगा दी। दोपहर में सीएमपी डिग्री कॉलेज के सामने भी गोरखपुर से इलाहाबाद आ रही बस पर पथराव कर कांच तोड़ दिए गए। एसएसपी आनंद कुलकर्णी के साथ आईजी रमित शर्मा भी मौके पर पहुंचे। पत्नी मोनिका की तहरीर पर कर्नलगज थाने में डॉ. मुकुल सिंह और अज्ञात साथियों के खिलाफ कत्ल का केस लिखा गया। नर्सिग होम पर पथराव के बाद डॉ. मुकुल फरार हैं। देर रात तक क्राइम ब्रांच और पुलिस कातिलों के बारे में छानबीन और छापेमारी में जुटी रही।
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ताराचंद्र हॉस्टल के बाहर मारी गई राजेश को गोली
-फरार होने से पहले डॉ. मुकुल ने मोनिका और अपने भाई डॉ. राहुल सिंह को बताया था कि वे राजेश के साथ रात करीब सवा दो बजे ताराचंद्र हॉस्टल गए थे। उन्होंने गाड़ी हॉस्टल के गेट पर रोक दी, जहां दर्जनों छात्र मौजूद थे। वहां उनकी छात्रों से झड़प हो गई। छात्रों ने राजेश पर राड से हमला किया जिससे उनके चेहरे पर चोट पहुंची। राजेश ने गाड़ी मोड़ी तो छात्रों ने पीछे से पथराव किया। फिर करीब आकर पिस्टल से फायर कर दिया। गोली राजेश के सीने पर दाहिनी तरफ से घुसकर बायीं तरफ से निकल गई। डॉ. मुकुल के मुताबिक, वह राजेश के पैरों पर बैठकर गाड़ी चलाकर किसी तरह बालसन चौराहे तक आए। गेट खोलने पर राजेश लुढ़के तो उन्हें बगल की सीट पर डालकर नर्सिंग होम ले आए। छानबीन में पुलिस भी इसी नतीजे पर पहुंची है कि राजेश को गोली ताराचंद के सामने ही मारी गई थी। हॉस्टल के सीसीटीवी कैमरे से भी घटनाक्रम का वक्त पता चला है।