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दुर्गा के साथ पकड़ा गया फरार सलीम उर्फ मनोज

Thu, 08 Oct 2015 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Thu, 08 Oct 2015 01:52 AM IST
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इलाहाबाद। नैनी के पंजाबी हाता के मकान में विस्फोट के बाद फरार सलीम उर्फ मनोज गुप्ता बुधवार शाम शहर के बमरौली इलाके में पकड़ा गया। उसके साथ मकान मालकिन की पत्नी दुर्गा तिवारी उर्फ पिंकी भी मिली है। उसने पुलिस से कहा कि वह पटाखा नहीं बनाता बल्कि शादी-ब्याह में आतिशबाजी करता है।
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उसका पुत्र महताब जबरन पटाखा बना रहा था। उसने यह भी कहा कि नैनीताल में उसके ससुराल वाले भी पटाखा के धंधे से जुड़े हैं। वहां भी कुछ साल पहले धमाके में ससुराल के चार लोगों की मौत हो गई थी। सलीम ने शवों की तस्वीर देखकर कहा कि उनमें एक मृतक उसका पुत्र महताब है। दूसरा मकान मालिक का साला चंदन तिवारी और तीसरा सलीम जो बरेली के बहेड़ी से उसके बेटे के बुलाने पर आया था। हालांकि अब तक मकान मालिक ने अपने साले और महताब की पहचान नहीं की इसलिए पुलिस भी असमंजस में है।
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मंगलवार सुबह से फरार सलीम उर्फ मनोज गुप्ता बुधवार शाम बमरौली के पास चौराहे पर पुलिस को दुर्गा तिवारी के साथ मिल गया। उन दोनों को पहले धूमनगंज थाने ले जाया गया। फिर अफसरों को जानकारी दी गई तो उन्हें कैंट थाने में बने खास पूछताछ कक्ष में भेजने को कहा गया। वहां देर रात तक नैनी थाना प्रभारी रमेश पांडेय और क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय पकडे़ गए सलीम और दुर्गा उर्फ पिंकी से पूछताछ कर रहे थे। सलीम ने पुलिस को बताया कि वह शादी समेत दूसरे समारोहों में आतिशबाजी करता है। वह पटाखा नहीं बनाता।
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उसने यह कहकर पुलिस को चौंका दिया कि उसका पुत्र महताब जबरन पटाखा  बना रहा था। उसने मना किया मगर महताब नहीं माना। सलीम ने पुलिस को बताया कि विस्फोट के वक्त वह बाथरूम में था इसलिए बच गया। उस वक्त महताब कमरे में बारूद के साथ था। वह घायल दुर्गा को ट्राली पर पहले अस्पताल ले गाय। फिर वहां से बस के जरिए मनौरी चला गया था। सलीम ने तो पुलिस के दिखाए फोटो में एक शव की पहचान अपने बेटे महताब के रूप में कर ली। उसने कहा कि महताब की लुंगी को भी वह पहचानता है।


मगर पुलिस का कहना है कि शवों की हालत खराब हो गई थी इसलिए यह नहीं माना जा सकता है कि सलीम ने फोटो से सही पहचान की होगी। वैसे भी नैनी पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा जिन्होंने महताब को अटाला तक छोड़ने की बात कही है। सलीम ने पुलिस को बताया कि उसका इरादा दुर्गा उर्फ पिंकी के साथ सुल्तानपुर में उसके मायके जाने और फिर वहां से नैनीताल भागने का था।
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