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दहेज उत्पीड़न में दरोगा दंपति को जेल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 15 Feb 2016 11:48 PM IST
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दहेज के लिए बहू को जलाने के आरोपी दरोगा विवेचना से तो बच गए लेकिन कोर्ट से नहीं बच पाए और पत्नी समेत उनको जेल जाना पड़ा। अदालत द्वारा समन किए जाने पर आत्म समर्पण करने पहुंचे दंपति ने जमानत अर्जी पेश की, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया।
अभियोजन के अनुसार मामला सरायइनायत थाने के जमुनीपुर गांव का है। बरगढ़ जनपद चित्रकूट निवासी बालेंद्र प्रसाद पाण्डेय ने अपनी पुत्री सोनू का विवाह दरोगा पुणेंदु तिवारी के पुत्र आशीष से 27 जून 2009 को किया था। दहेज के लिए ससुराल में प्रताड़ित किए जाने का आरोप था । 12 अगस्त 2013 को वादी की पुत्री को जला कर मार डालने के आरोप में पति आशीष तिवारी, सास मृदुला, जेठ विकास, जेठानी रानी और ससुर पुणेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी ।
विवेचक सीओ ने विवेचना के बाद पुणेंदु और उनकी पत्नी के खिलाफ मामला न पाते हुए आरोप पत्र से नाम हटा दिया । मुकदमें में आए साक्ष्य पर अभियोजन ने सीआरपीसी की धारा 319 के तहत अर्जी देकर ससुर और सास को भी बतौर अभियुक्त तलब करने की मांग की जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। वादी के अनुसार आरोपी ससुर पीएसी में बतौर दरोगा नियुक्त है।
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अभियोजन के अनुसार मामला सरायइनायत थाने के जमुनीपुर गांव का है। बरगढ़ जनपद चित्रकूट निवासी बालेंद्र प्रसाद पाण्डेय ने अपनी पुत्री सोनू का विवाह दरोगा पुणेंदु तिवारी के पुत्र आशीष से 27 जून 2009 को किया था। दहेज के लिए ससुराल में प्रताड़ित किए जाने का आरोप था । 12 अगस्त 2013 को वादी की पुत्री को जला कर मार डालने के आरोप में पति आशीष तिवारी, सास मृदुला, जेठ विकास, जेठानी रानी और ससुर पुणेंद्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी ।
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विवेचक सीओ ने विवेचना के बाद पुणेंदु और उनकी पत्नी के खिलाफ मामला न पाते हुए आरोप पत्र से नाम हटा दिया । मुकदमें में आए साक्ष्य पर अभियोजन ने सीआरपीसी की धारा 319 के तहत अर्जी देकर ससुर और सास को भी बतौर अभियुक्त तलब करने की मांग की जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। वादी के अनुसार आरोपी ससुर पीएसी में बतौर दरोगा नियुक्त है।
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