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मिर्जापुर के बम एक्सपर्ट की तलाश
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Tue, 02 Feb 2016 01:40 AM IST
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महानगरी एक्सप्रेस के टायलेट में टाइम बम रखने वाले शख्स की तलाश में जुटी खुफिया और जांच एजेंसियों ने नैनी और छिवकी से लेकर मिर्जापुर से चुनार तक घेराबंदी कर ली है। रेलवे पुलिस ने छापेमारी कर दो दिन में एक दर्जन से ज्यादा लोगों को उठाया। झांसी में लंबी पूछताछ के बाद उनमें से आधे लोगों को बेकसूर मानकर रिहा कर दिया गया। जांच टीम इसे किसी नक्सली संगठन की कारगुजारी मानकर चल रही है। मिर्जापुर के उस युवक की तलाश हो रही है जो बम बनाने में माहिर है। पिछले दो दिन से उसकी खोजबीन की जा रही है मगर वह हाथ नहीं आया।
वाराणसी से मुंबई जा रही महानगरी एक्सप्रेस के मानिकपुर पहुंचने पर टायलेट पिछले पांच रोज की छानबीन में तमाम कयासबाजी के अलावा जांच टीम किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। यह आशंका जताई गई है कि ट्रेन में टाइमर लगे बम को छिवकी, मिर्जापुर या चुनार स्टेशन पर ही रखा गया होगा। इसे नक्सलियों का कारनामा माना गया है और चुनार नक्सली प्रभावित क्षेत्र है। यूं जीआरपी, आरपीएफ, एटीएस की टीम छिवकी से लेकर चुनार तक संदिग्ध लोगों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। तीन माह पहले मेजा रोड रेलवे क्रासिंग के पास दीवार पर रखे नकली बम और अब ट्रेन में मिले बम की बनावट और धमकी भरे पत्र में कुछ समानता देखते हुए भी शक जताया जा रहा है कि ऐसी करतूत करने वाले इलाहाबाद या मिर्जापुर के होंगे।
दरअसल, इलाहाबाद के यमुनापार से लेकर मिर्जापुर, सोनभद्र तक नक्सली बेल्ट है। डीआईजी रेलवे झांसी रामपाल ने बताया कि जांच में जुटी टीमों ने इलाहाबाद में नैनी, मेजा और मिर्जापुर के अब तक एक दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कई लोगों को पूछताछ के बाद छो़ड़ दिया गया। इस बीच, जांच एजेंसियों ने मिर्जापुर में लालगंज इलाके के रवि नामक उस युवक को भी शक के दायरे में लिया है जिसे बम तैयार करने में महारत हासिल है। करीब साल भर पहले जार्जटाउन थाने की पुलिस ने डॉ.दिलीप चौरसिया के घर में सरेशाम डकैती के बाद रात में अल्लापुर के लॉज में छापा मारा था।
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मिर्जापुर का रवि मौर्या यहां पढ़ाई के लिए रहता था। उसके कमरे में ताला लगा था। ताला तोड़कर तलाशी में पुलिस को कमरे में एक टाइमर बम और बम तैयार करने के लिए डेटोनेटर, रिमोट, पाइप, सर्किट समेत जरूरी सामान रखे मिले। कई रोज बाद जब क्राइम ब्रांच टीम ने रवि मौर्या को गिरफ्तार किया तो उसने कहा था कि बम बनाना उसने नक्सलियों से ही सीखा था लेकिन इरादा बैंक लूट का था। शक है कि कहीं बम बनाने वाला वही तो नहीं? फिलहाल उसकी भूमिका स्पष्ट नहीं है। उसके पकड़ में आने के बाद ही कुछ साफ हो सकेगा।
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वाराणसी से मुंबई जा रही महानगरी एक्सप्रेस के मानिकपुर पहुंचने पर टायलेट पिछले पांच रोज की छानबीन में तमाम कयासबाजी के अलावा जांच टीम किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। यह आशंका जताई गई है कि ट्रेन में टाइमर लगे बम को छिवकी, मिर्जापुर या चुनार स्टेशन पर ही रखा गया होगा। इसे नक्सलियों का कारनामा माना गया है और चुनार नक्सली प्रभावित क्षेत्र है। यूं जीआरपी, आरपीएफ, एटीएस की टीम छिवकी से लेकर चुनार तक संदिग्ध लोगों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। तीन माह पहले मेजा रोड रेलवे क्रासिंग के पास दीवार पर रखे नकली बम और अब ट्रेन में मिले बम की बनावट और धमकी भरे पत्र में कुछ समानता देखते हुए भी शक जताया जा रहा है कि ऐसी करतूत करने वाले इलाहाबाद या मिर्जापुर के होंगे।
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दरअसल, इलाहाबाद के यमुनापार से लेकर मिर्जापुर, सोनभद्र तक नक्सली बेल्ट है। डीआईजी रेलवे झांसी रामपाल ने बताया कि जांच में जुटी टीमों ने इलाहाबाद में नैनी, मेजा और मिर्जापुर के अब तक एक दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कई लोगों को पूछताछ के बाद छो़ड़ दिया गया। इस बीच, जांच एजेंसियों ने मिर्जापुर में लालगंज इलाके के रवि नामक उस युवक को भी शक के दायरे में लिया है जिसे बम तैयार करने में महारत हासिल है। करीब साल भर पहले जार्जटाउन थाने की पुलिस ने डॉ.दिलीप चौरसिया के घर में सरेशाम डकैती के बाद रात में अल्लापुर के लॉज में छापा मारा था।
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मिर्जापुर का रवि मौर्या यहां पढ़ाई के लिए रहता था। उसके कमरे में ताला लगा था। ताला तोड़कर तलाशी में पुलिस को कमरे में एक टाइमर बम और बम तैयार करने के लिए डेटोनेटर, रिमोट, पाइप, सर्किट समेत जरूरी सामान रखे मिले। कई रोज बाद जब क्राइम ब्रांच टीम ने रवि मौर्या को गिरफ्तार किया तो उसने कहा था कि बम बनाना उसने नक्सलियों से ही सीखा था लेकिन इरादा बैंक लूट का था। शक है कि कहीं बम बनाने वाला वही तो नहीं? फिलहाल उसकी भूमिका स्पष्ट नहीं है। उसके पकड़ में आने के बाद ही कुछ साफ हो सकेगा।