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घनश्याम को शरण देने वाला उसका साला गिरफ्तार
Updated Tue, 29 May 2018 01:12 AM IST
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0 अधिवक्ता राजेश हत्याकांड
घनश्याम को शरण देने वाला रिश्तेदार गिरफ्तार
0 घटना के बाद से साले के घर रह रहा था आरोपी
0 पुलिस के पहुंचने से पहले ही भाग निकला
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
अधिवक्ता राजेश कुमार श्रीवास्तव हत्याकांड में शूटरों को सुपारी देने वाला घनश्याम घटना के बाद से मिर्जापुर में छिपा था। वह वहां अपने साले के घर पर था। इस सूचना पर पुलिस ने छापा मारा, लेकिन इससे पहले ही भनक लगने पर वह भाग निकला। पुलिस ने उसके साले को गिरफ्तार कर लिया। उधर, एक अन्य आरोपी अंजनी की तलाश में भी दबिश जारी है।
साउथ मलाका निवासी अधिवक्ता राजेश की 10 मई को कचहरी जाते वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पिछले दिनों मामले का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने दो शूटरों विशाल विश्वकर्मा व रईस समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि इस पूरे हत्याकांड की साजिश होटल मालिक प्रदीप जायसवाल के कहने पर उनके खास महेवा निवासी घनश्याम ने रची। उसने ही झूंसी में रहने वाले अपने साथी अंजनी के माध्यम से प्रतापगढ़ निवासी शमशाद को दो लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी। उसने दो शूटरों की मदद से इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने शूटरों को तो गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वह घनश्याम और अंजनी को नहीं पकड़ सकी थी। तब से उनकी तलाश की जा रही है। जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को रविवार रात घनश्याम के मिर्जापुर में होने की जानकारी मिली। पुलिस ने वहां पहुंचकर छापा मारा, लेकिन तब तक घनश्याम फरार हो चुका था। इसके बाद पुलिस ने उसके साले विजय कुमार अग्रहरि को दबोच लिया। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में उसने बताया कि घटना के बाद से घनश्याम उसके घर चला आया था और वहीं रह रहा था। पुलिस के छापा मारने की भनक लगने पर वह भाग निकला। पुलिस का कहना है कि हत्यारोपी को शरण देने को आरोप में विजय को गिरफ्तार किया गया है। उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया जहां से उसे जमानत मिल गई। घनश्याम और अंजनी की तलाश की जा रही है।
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घनश्याम को शरण देने वाला रिश्तेदार गिरफ्तार
0 घटना के बाद से साले के घर रह रहा था आरोपी
0 पुलिस के पहुंचने से पहले ही भाग निकला
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
अधिवक्ता राजेश कुमार श्रीवास्तव हत्याकांड में शूटरों को सुपारी देने वाला घनश्याम घटना के बाद से मिर्जापुर में छिपा था। वह वहां अपने साले के घर पर था। इस सूचना पर पुलिस ने छापा मारा, लेकिन इससे पहले ही भनक लगने पर वह भाग निकला। पुलिस ने उसके साले को गिरफ्तार कर लिया। उधर, एक अन्य आरोपी अंजनी की तलाश में भी दबिश जारी है।
साउथ मलाका निवासी अधिवक्ता राजेश की 10 मई को कचहरी जाते वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पिछले दिनों मामले का खुलासा करते हुए एसटीएफ ने दो शूटरों विशाल विश्वकर्मा व रईस समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए तीनों आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि इस पूरे हत्याकांड की साजिश होटल मालिक प्रदीप जायसवाल के कहने पर उनके खास महेवा निवासी घनश्याम ने रची। उसने ही झूंसी में रहने वाले अपने साथी अंजनी के माध्यम से प्रतापगढ़ निवासी शमशाद को दो लाख रुपये में हत्या की सुपारी दी। उसने दो शूटरों की मदद से इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने शूटरों को तो गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन वह घनश्याम और अंजनी को नहीं पकड़ सकी थी। तब से उनकी तलाश की जा रही है। जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को रविवार रात घनश्याम के मिर्जापुर में होने की जानकारी मिली। पुलिस ने वहां पहुंचकर छापा मारा, लेकिन तब तक घनश्याम फरार हो चुका था। इसके बाद पुलिस ने उसके साले विजय कुमार अग्रहरि को दबोच लिया। सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में उसने बताया कि घटना के बाद से घनश्याम उसके घर चला आया था और वहीं रह रहा था। पुलिस के छापा मारने की भनक लगने पर वह भाग निकला। पुलिस का कहना है कि हत्यारोपी को शरण देने को आरोप में विजय को गिरफ्तार किया गया है। उसे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया जहां से उसे जमानत मिल गई। घनश्याम और अंजनी की तलाश की जा रही है।
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