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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   33 years later, the law did not leave the chase

33 साल बाद भी कानून ने नहीं छोड़ा पीछा

Wed, 23 Nov 2016 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Wed, 23 Nov 2016 01:21 AM IST
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पुरानी कहावत है कानून के लंबे हाथों से कोई अपराधी बच नहीं सकता है। इसी कहावत को सटीक साबित करते हुए खुल्दाबाद थाने की पुलिस ने कत्ल में सजायाफ्ता दो लोगों को जमानत पर रिहा होकर फरार होने के 33 साल बाद  गिरफ्तार कर लिया है। हाईकोर्ट के आदेश पर इन दोनों को पुलिस ने जब खोजा तो वे कौशाम्बी में अपने-अपने घर में चारपायी पर लेटे थे। वे ठीक से चलने-फिरने में भी मुहाल हैं। पुलिस ने उन दोनों को मंगलवार दोपहर गिरफ्तार करने के बाद जिला अदालत में पेश किया जहां से उन दोनों को नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया।
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खुल्दाबाद थाने के एसएसआई गजानंद चौबे ने बताया कि 40 साल पहले करेली के पूरा मनोहर दास की बगिया में एक महिला का कत्ल हुआ था। तब उस स्थान पर ज्यादातर हिंदू आबादी थी। हत्या के दोनों दलित आरोपी रामखेलावन पुत्र छत्तू पासी और रामखेलावन पुत्र बच्चूलाल भी वहीं रहते थे। एक रोज आइस्क्रीम के पैसों को लेकर उन दोनों का झगड़ा मुन्नी बेगम के पुत्रों से हुआ। दोनों रामखेलावन ने मारपीट के दौरान तमंचा ताना तो लड़के भागकर अपने घर में घुसने लगे। उन्होंने भी घर में जाने का प्रयास किया तो मुन्नी बेगम ने रोका। उन दोनों ने महिला पर हमला कर दिया। गोली मारकर उसका कत्ल कर दिया।
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मुकदमा लिखा गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उन्हें अदालत ने कत्ल में सजा सुना दी। कुछ साल बाद 1983 में हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर उन्हें रिहा कर दिया गया। रिहाई के बाद वे फरार हो गए। कोर्ट से गिरफ्तारी का आदेश जारी होने पर खुल्दाबाद पुलिस ने खोजबीन की पर वे नहीं मिले। हाल ही में हाईकोर्ट ने इस पर नाराजगी जाहिर की तो दोनों की नए सिरे से तलाश शुरू हुई। 
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पुलिस को पता चला कि रामखेलावन पुत्र छत्तू दूसरा ब्याह रचाकर कौशाम्बी में सैनी इलाके के रामपुर गीता गांव में रहता है। उसकी पहली पत्नी बेटों के साथ शहर के सादियाबाद में रहती है। पुलिस रामखेलावन को पकड़ने पहुंची तो वह खाट पर लाचार लेटा था। पुलिस को देख वह हतप्रभ रह गया। उसे किसी तरह उठाकर खुल्दाबाद थाने लाया गया। दूसरे सजायाफ्ता 73 वर्षीय रामखेलावन पुत्र बच्चूलाल की लोकेशन कौशाम्बी के पूरामुफ्ती में मिली। उसने भी दूसरी शादी कर ली थी। वह भी बीमार और असहाय मिला। उसे भी खुल्दाबाद थाने लाया गया। उनकी गिरफ्तारी जगमल हाता के पास झोपड़पट्टी से दिखाई गई। पुलिस के अनुसार इन दोनों ने इलाहाबाद से बाहर कौशाम्बी, फतेहपुर, प्रतापगढ़ और मुंबई में भी फरारी काटी थी। 
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