{"_id":"591cb24f4f1c1bd529f2390f","slug":"22-students-including-student-union-president-granted-bail","type":"story","status":"publish","title_hn":"छात्र संघ अध्यक्ष सहित 22 छात्रों की जमानत मंजूर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
छात्र संघ अध्यक्ष सहित 22 छात्रों की जमानत मंजूर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 18 May 2017 02:04 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बवाल 21
- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छात्रावास खाली कराने के विरोध में तोड़फोड़ और आगजनी करने के आरोप में जेल भेजे गए इविवि छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा सहित 22 छात्रों की जमानत जिला अदालत ने मंजूर कर ली है। बुधवार को उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने सभी को रिहा करने का आदेश दिया।
छात्रों के जमानत प्रार्थनापत्र पर एडीजे आलोक कुमार शुक्ला ने सुनवाई की। छात्रों की ओर से अधिवक्ता शीतला प्रसाद मिश्र, कौशलेश सिंह और प्रमोद सिंह नीरज पक्ष रखा। आरोपी छात्रों के खिलाफ कर्नलगंज थाने में इविवि प्रशासन ने चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए हैं। घटना 28 अप्रैल की है। विश्वविद्यालय द्वारा अवैध अंत:वासियों को बाहर करने तथा छात्रावासों की मरम्मत के लिए इनको खाली करा रहा है। छात्र इसके विरोध में आंदोलन कर रहे थे। 28 अप्रैल को आंदोलन उग्र हो गया और छात्रों ने जमकर तोड़फोड़ की। कई वाहनों में आग लगा दी गई। जिला प्रशासन ने इस प्रकरण में शांति भंग के लिए पाबंद करते हुए सभी को जेल भेज दिया था। बाद में दो मई को आईपीसी धाराओं के तहत दर्ज मुकदमों में छात्रों का रिमांड लिया था।
बुधवार को छात्र संघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा, सतेन्द्र यादव, धीरज निषाद, कृष्ण मुरारी, अजीत यादव उर्फ विधायक, दानिश, देवमणि मिश्र, दिनेश यादव, आदिल हमजा, पवन कुमार, मनीष सिंह, विनोद भारती, ज्ञान सिंह, सुधांशु शेखर राय, शैलेन्द्र मौर्या, दिग्विजय पांडेय और वेदांत विक्रम सिंह तथा एनएसयूआई के विवेकानन्द पाठक, अखिलेश गुप्ता, विकास तिवारी सहित 22 की ओर से जमानत अर्जी पर बचाव पक्ष ने पक्ष रखते हुए उन्हें निर्दोष बताया है।
विज्ञापन
कोर्ट ने सुनवाई के बाद जमानत अर्जी मंजूर कर ली है और पचास -पचास हजार की दो-दो जमानतें और व्यक्तिगत बंध पत्र दाखिल करने पर रिहा किए जाने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
छात्रों के जमानत प्रार्थनापत्र पर एडीजे आलोक कुमार शुक्ला ने सुनवाई की। छात्रों की ओर से अधिवक्ता शीतला प्रसाद मिश्र, कौशलेश सिंह और प्रमोद सिंह नीरज पक्ष रखा। आरोपी छात्रों के खिलाफ कर्नलगंज थाने में इविवि प्रशासन ने चार अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए हैं। घटना 28 अप्रैल की है। विश्वविद्यालय द्वारा अवैध अंत:वासियों को बाहर करने तथा छात्रावासों की मरम्मत के लिए इनको खाली करा रहा है। छात्र इसके विरोध में आंदोलन कर रहे थे। 28 अप्रैल को आंदोलन उग्र हो गया और छात्रों ने जमकर तोड़फोड़ की। कई वाहनों में आग लगा दी गई। जिला प्रशासन ने इस प्रकरण में शांति भंग के लिए पाबंद करते हुए सभी को जेल भेज दिया था। बाद में दो मई को आईपीसी धाराओं के तहत दर्ज मुकदमों में छात्रों का रिमांड लिया था।
विज्ञापन
बुधवार को छात्र संघ अध्यक्ष रोहित मिश्रा, सतेन्द्र यादव, धीरज निषाद, कृष्ण मुरारी, अजीत यादव उर्फ विधायक, दानिश, देवमणि मिश्र, दिनेश यादव, आदिल हमजा, पवन कुमार, मनीष सिंह, विनोद भारती, ज्ञान सिंह, सुधांशु शेखर राय, शैलेन्द्र मौर्या, दिग्विजय पांडेय और वेदांत विक्रम सिंह तथा एनएसयूआई के विवेकानन्द पाठक, अखिलेश गुप्ता, विकास तिवारी सहित 22 की ओर से जमानत अर्जी पर बचाव पक्ष ने पक्ष रखते हुए उन्हें निर्दोष बताया है।
विज्ञापन
कोर्ट ने सुनवाई के बाद जमानत अर्जी मंजूर कर ली है और पचास -पचास हजार की दो-दो जमानतें और व्यक्तिगत बंध पत्र दाखिल करने पर रिहा किए जाने का आदेश दिया है।