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नौकरी के नाम पर 14 सौ बेरोजगारों से 50 करोड़ की ठगी

Wed, 24 Apr 2019 08:30 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 24 Apr 2019 08:30 PM IST
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नौकरी के नाम पर 14 सौ बेरोजगारों से 50 करोड़ की ठगी
खुद को डिप्टी रजिस्ट्रार बताने वाला सरगना तीन साथियों संग गिरफ्तार
इलाहाबाद और पटना उच्च न्यायालय विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के लिए लिए पैसे
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। एसटीएफ ने इलाहाबाद और पटना उच्च न्यायालय में समीक्षा अधिकारी समेत विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के लिए बेरोजगार युवकों से करीब 50 करोड़ ठगने वाले गिरोह का खुलासा किया है। 14 सौ बेरोजगारों से ठगी करने वाले सरगना समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से भारी संख्या में दस्तावेज, एक लाख तीस हजार नकद, 37 हजार पुराने नोट, तीन लक्जरी गाड़ियों समेत कई चीजें बरामद हुई हैं।

एसटीएफ ने बुधवार को एमएनएनआईटी कैंपस के पास से बेरोजगारों को ठगने वाले गिरोह के सरगना मो. शमीम अहमद निवासी अरसई सोरांव, राघवेंद्र सिंह निवासी स्टाफ कालोनी एमएनएनआईटी कालेज, चर्चलेन के नीरज पराशर और नवाबगंज के रमेश चंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया। खुद को हाईकोर्ट का डिप्टी रजिस्ट्रार बताने वाला शमीम अहमद ने इलाहाबाद और पटना उच्च न्यायालय में समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी, उपनिबंधक, लिपिक आदि पदों और सेतु निगम में लिपिक और चपरासी के पदों के लिए 14 सौ बेरोजगारों से करीब 50 करोड़ लिए थे। शमीम और उसके गिरोह ने बेहद कम समय में अकूत संपत्ति बना ली थी। उनके पास से नियुक्ति पत्र, विभिन्न अखबारों में प्रकाशित विज्ञापन, सेवाग्रहण आदेश, तमाम अभ्यर्थियों के अंक और प्रमाण पत्र, 12 बैंकों के चेक आर्टिगा, इटियास और वैगन आर कारों के साथ सात मोबाइल मिले हैं। गिरोह का एक अहम सदस्य मृत्युंजय सिंह फरार चल रहा है। उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। पकड़ा गया अभियुक्त राघवेंद्र सिंह एमएनएनआईटी में असिस्टेंट प्राक्टर के पद पर कार्यरत है। वर्तमान में एक आपराधिक प्रकरण में सस्पेंड चल रहा है।
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