{"_id":"5cc07a26bdec2260130cf94b","slug":"201556118054-allahabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नौकरी के नाम पर 14 सौ बेरोजगारों से 50 करोड़ की ठगी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
नौकरी के नाम पर 14 सौ बेरोजगारों से 50 करोड़ की ठगी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सभी केंद्र
00000000000000
नौकरी के नाम पर 14 सौ बेरोजगारों से 50 करोड़ की ठगी
खुद को डिप्टी रजिस्ट्रार बताने वाला सरगना तीन साथियों संग गिरफ्तार
इलाहाबाद और पटना उच्च न्यायालय विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के लिए लिए पैसे
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। एसटीएफ ने इलाहाबाद और पटना उच्च न्यायालय में समीक्षा अधिकारी समेत विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के लिए बेरोजगार युवकों से करीब 50 करोड़ ठगने वाले गिरोह का खुलासा किया है। 14 सौ बेरोजगारों से ठगी करने वाले सरगना समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से भारी संख्या में दस्तावेज, एक लाख तीस हजार नकद, 37 हजार पुराने नोट, तीन लक्जरी गाड़ियों समेत कई चीजें बरामद हुई हैं।
एसटीएफ ने बुधवार को एमएनएनआईटी कैंपस के पास से बेरोजगारों को ठगने वाले गिरोह के सरगना मो. शमीम अहमद निवासी अरसई सोरांव, राघवेंद्र सिंह निवासी स्टाफ कालोनी एमएनएनआईटी कालेज, चर्चलेन के नीरज पराशर और नवाबगंज के रमेश चंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया। खुद को हाईकोर्ट का डिप्टी रजिस्ट्रार बताने वाला शमीम अहमद ने इलाहाबाद और पटना उच्च न्यायालय में समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी, उपनिबंधक, लिपिक आदि पदों और सेतु निगम में लिपिक और चपरासी के पदों के लिए 14 सौ बेरोजगारों से करीब 50 करोड़ लिए थे। शमीम और उसके गिरोह ने बेहद कम समय में अकूत संपत्ति बना ली थी। उनके पास से नियुक्ति पत्र, विभिन्न अखबारों में प्रकाशित विज्ञापन, सेवाग्रहण आदेश, तमाम अभ्यर्थियों के अंक और प्रमाण पत्र, 12 बैंकों के चेक आर्टिगा, इटियास और वैगन आर कारों के साथ सात मोबाइल मिले हैं। गिरोह का एक अहम सदस्य मृत्युंजय सिंह फरार चल रहा है। उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। पकड़ा गया अभियुक्त राघवेंद्र सिंह एमएनएनआईटी में असिस्टेंट प्राक्टर के पद पर कार्यरत है। वर्तमान में एक आपराधिक प्रकरण में सस्पेंड चल रहा है।
विज्ञापन
00000000000000
नौकरी के नाम पर 14 सौ बेरोजगारों से 50 करोड़ की ठगी
खुद को डिप्टी रजिस्ट्रार बताने वाला सरगना तीन साथियों संग गिरफ्तार
इलाहाबाद और पटना उच्च न्यायालय विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के लिए लिए पैसे
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। एसटीएफ ने इलाहाबाद और पटना उच्च न्यायालय में समीक्षा अधिकारी समेत विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के लिए बेरोजगार युवकों से करीब 50 करोड़ ठगने वाले गिरोह का खुलासा किया है। 14 सौ बेरोजगारों से ठगी करने वाले सरगना समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके पास से भारी संख्या में दस्तावेज, एक लाख तीस हजार नकद, 37 हजार पुराने नोट, तीन लक्जरी गाड़ियों समेत कई चीजें बरामद हुई हैं।
एसटीएफ ने बुधवार को एमएनएनआईटी कैंपस के पास से बेरोजगारों को ठगने वाले गिरोह के सरगना मो. शमीम अहमद निवासी अरसई सोरांव, राघवेंद्र सिंह निवासी स्टाफ कालोनी एमएनएनआईटी कालेज, चर्चलेन के नीरज पराशर और नवाबगंज के रमेश चंद्र यादव को गिरफ्तार कर लिया। खुद को हाईकोर्ट का डिप्टी रजिस्ट्रार बताने वाला शमीम अहमद ने इलाहाबाद और पटना उच्च न्यायालय में समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी, उपनिबंधक, लिपिक आदि पदों और सेतु निगम में लिपिक और चपरासी के पदों के लिए 14 सौ बेरोजगारों से करीब 50 करोड़ लिए थे। शमीम और उसके गिरोह ने बेहद कम समय में अकूत संपत्ति बना ली थी। उनके पास से नियुक्ति पत्र, विभिन्न अखबारों में प्रकाशित विज्ञापन, सेवाग्रहण आदेश, तमाम अभ्यर्थियों के अंक और प्रमाण पत्र, 12 बैंकों के चेक आर्टिगा, इटियास और वैगन आर कारों के साथ सात मोबाइल मिले हैं। गिरोह का एक अहम सदस्य मृत्युंजय सिंह फरार चल रहा है। उसकी तलाश में छापेमारी की जा रही है। पकड़ा गया अभियुक्त राघवेंद्र सिंह एमएनएनआईटी में असिस्टेंट प्राक्टर के पद पर कार्यरत है। वर्तमान में एक आपराधिक प्रकरण में सस्पेंड चल रहा है।
विज्ञापन