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पीएनपी कार्यालय में शिक्षामित्र से 2.5 लाख की ठगी

Sat, 22 Dec 2018 01:59 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 22 Dec 2018 01:59 AM IST
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2.5 million cheats from education minister in PNP office
online fraud
68500 सहायक अध्यापक भर्ती में शामिल शिक्षामित्र के साथ परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय में 2.5 लाख रुपये ठग लिए गए। स्क्रूटनी में नंबर बढ़वाने के नाम पर झांसा देकर उससे रुपये ऐंठकर आरोपी फरार हो गया। किसी तरह नाम पता मिलने पर भुक्तभोगी ने उसके खिलाफ कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया है।
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कौशाम्बी में करारी निवासी रेखा वहीं स्थित स्कूल में शिक्षा मित्र हैं। 68500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में वह भी शामिल हुई थीं। रिजल्ट आने के बाद उन्होंने स्क्रूटनी के लिए आवेदन किया। इसी दौरान वह एक दिन अपने पति के साथ एलनगंज स्थित परीक्षा नियामक कार्यालय पहुंचीं। यहां उन्हें विजय नाम के एक क्लर्क से मिलना था। इसी दौरान उन्हें एक व्यक्ति मिला, जिसने खुद को विजय बताते हुए कहा कि नंबर बढ़वाने के लिए पांच लाख रुपये देने होंगे। रेखा उसके झांसे में आ गई और उसे 2.5 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपी ने अपना नंबर बंद कर लिया। परेशान होकर भुक्तभोगी शिक्षामित्र पीएनपी कार्यालय पहुंची तो पता चला कि रुपये ऐंठने वाला क्लर्क नहीं था।
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भुक्तभोगी ने बताया कि उसने रुपये देते वक्त आरोपी की कार का नंबर नोट कर लिया था। इसके अलावा उसकी कोई जानकारी उसके पास नहीं थी। कार का नंबर पता लगाने पर आरटीओ से पता चला कि यह अतरौलिया आजमगढ़ निवासी जितेंद्र यादव के नाम पर है। इसके बाद तहरीर देकर उसने कर्नलगंज थाने में मुकदमा दर्ज करा दिया। कर्नलगंज इंस्पेक्टर ने बताया कि धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।
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देवरिया निवासी यशोदानंद सिंह ने रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लाख की ठगी का मुकदमा कोतवाली में दर्ज कराया है। उसका आरोप है कि साउथ मलाका निवासी राकेश उपाध्याय ने रेलवे में ग्रुप डी की नौकरी दिलाने के नाम पर उससे तीन लाख रुपये छह साल पहले लिए थे। हालांकि न ही नौकरी मिली और न ही वह पैसे वापस कर रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच की जा रही है।
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