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गार्ड ऑफ ऑनर के बाद दरोगा और दीवान के शव परिवार के सुपुर्द
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फतेहगंज पश्चिमी/बरेली। शनिवार देर रात थाने के नजदीक ही ऑडी कार की टक्कर से बाइक पर जा रहे दरोगा और दीवान की मौत हो गई थी। अधिकारियों ने रविवार सुबह ही इनके शवों का पोस्टमार्टम करा दिया। पुलिस लाइन में गॉर्ड ऑफ ऑनर के बाद उनके परिजन शव लेकर घरों को चले गए। आरोपी कार ड्राइवर को रिपोर्ट दर्ज कराकर जेल भेजा गया है। मेहनती और खुशमिजाज पुलिसकर्मियों की मौत से पूरे स्टाफ की आंखें नम थीं।
शनिवार रात करीब 10 बजे दोनो पुलिसकर्मी हॉडा शाइन बाइक से थाने से निकले थे। हाइवे पर थोड़ी दूर उल्टी दिशा में चलकर दूसरी तरफ राधाकृष्ण मंदिर की ओर कट पर मुड़े तो रामपुर की ओर से आ रही अनियंत्रत ऑडी कार ने जबर्दस्त टक्कर मार दी जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हाइवे पर हादसे की तेज आवाज सुनकर थाने में मौजूद पुलिसकर्मी और इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी मौके पर पहुंचे तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम में शरीर की कई हड्डियां टूटी मिलीं और एक्सीडेंट से ही मौत की पुष्टि हुई। फिर शवों को पुलिस लाइन लाया गया। यहां दरोगा और सिपाही को गॉर्ड ऑफ ऑनर देकर शव परिजनों को सौंप दिए गए। गॉर्ड ऑफ ऑनर के समय एसपी सिटी अभिनंदन सिंह, एसपी क्राइम रमेश भारतीय, एसपी देहात संसार सिंह, एसपी ट्रैफिक एससी गंगवार समेत सभी सीओ और शहर के थानों के सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।
बता दें कि कार शहर के कारोबारी कन्हैयालाल गुलाटी की थी। कार में घटना के वक्त उनका बेटा गोपाल गुलाटी था तो कार को ड्राइवर आनंद शर्मा चला रहा था। पुलिस अधिकारियों ने घटना के बाद दोनों से पूछताछ की। तब आनंद ने इसे अपनी गलती माना। बाद में कारोबारी के बेटे को पुलिस ने छोड़ दिया और आनंद शर्मा को जेल भिजवा दिया।
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खुशमिजाज और ड्यूटी के पाबंद थे पुलिसकर्मी
इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने बताया कि दोनों ही हमेशा खुश रहते थे और सभी की परेशानियों में मदद को खड़े रहते थे। ड्यूटी भी बढ़ चढ़कर करते थे । दीवान राकेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में कहीं भी ड्यूटी लगा देते थे तो कभी मना नही करते थे। घटना से थाने के पूरे स्टाफ में शोक है। दीवान जगवीर सिंह ने बताया कि रजनीश का प्रमोशन हेड कांस्टेबल के रूप में दो माह पहले ही हुआ था। वह इससे बहुत खुश थे।
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शनिवार रात करीब 10 बजे दोनो पुलिसकर्मी हॉडा शाइन बाइक से थाने से निकले थे। हाइवे पर थोड़ी दूर उल्टी दिशा में चलकर दूसरी तरफ राधाकृष्ण मंदिर की ओर कट पर मुड़े तो रामपुर की ओर से आ रही अनियंत्रत ऑडी कार ने जबर्दस्त टक्कर मार दी जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हाइवे पर हादसे की तेज आवाज सुनकर थाने में मौजूद पुलिसकर्मी और इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी मौके पर पहुंचे तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। पोस्टमार्टम में शरीर की कई हड्डियां टूटी मिलीं और एक्सीडेंट से ही मौत की पुष्टि हुई। फिर शवों को पुलिस लाइन लाया गया। यहां दरोगा और सिपाही को गॉर्ड ऑफ ऑनर देकर शव परिजनों को सौंप दिए गए। गॉर्ड ऑफ ऑनर के समय एसपी सिटी अभिनंदन सिंह, एसपी क्राइम रमेश भारतीय, एसपी देहात संसार सिंह, एसपी ट्रैफिक एससी गंगवार समेत सभी सीओ और शहर के थानों के सभी थाना प्रभारी मौजूद रहे।
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बता दें कि कार शहर के कारोबारी कन्हैयालाल गुलाटी की थी। कार में घटना के वक्त उनका बेटा गोपाल गुलाटी था तो कार को ड्राइवर आनंद शर्मा चला रहा था। पुलिस अधिकारियों ने घटना के बाद दोनों से पूछताछ की। तब आनंद ने इसे अपनी गलती माना। बाद में कारोबारी के बेटे को पुलिस ने छोड़ दिया और आनंद शर्मा को जेल भिजवा दिया।
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खुशमिजाज और ड्यूटी के पाबंद थे पुलिसकर्मी
इंस्पेक्टर राजकुमार तिवारी और अन्य पुलिसकर्मियों ने बताया कि दोनों ही हमेशा खुश रहते थे और सभी की परेशानियों में मदद को खड़े रहते थे। ड्यूटी भी बढ़ चढ़कर करते थे । दीवान राकेश कुमार ने बताया कि क्षेत्र में कहीं भी ड्यूटी लगा देते थे तो कभी मना नही करते थे। घटना से थाने के पूरे स्टाफ में शोक है। दीवान जगवीर सिंह ने बताया कि रजनीश का प्रमोशन हेड कांस्टेबल के रूप में दो माह पहले ही हुआ था। वह इससे बहुत खुश थे।