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रामपुर की नारकोटिक्स टीम को पुलिस ने बनाया ‘बंधक’
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फतेहगंज पश्चिमी (बरेली)। रामपुर से स्मैक तस्करों की सुरागकशी को आई नारकोटिक्स टीम को फर्जी बताकर लोगों ने शिकायत की तो पुलिस ने वाहन समेत टीम को हिरासत में ले लिया। चौकी के एक कमरे में रखकर लंबी पूछताछ के बाद सच्चाई सामने आने पर टीम को छोड़ दिया गया। इस बीच कस्बे के सात लोगों ने कथित दलालों के खिलाफ पूर्व में वसूली करने की तहरीर दी है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
शनिवार दोपहर करीब 12 बजे टोल प्लाजा पर चेकिंग कर रहे फतेहगंज पश्चिमी चौकी इंचार्ज प्रवीन बेनीवाल को सूचना मिली कि कुछ लोग एक सूमो गाड़ी में घूमकर स्मैक तस्करों की तलाश कर रहे हैं। वे लोग शायद स्मैक के धंधे से जुड़े लोगों को पकड़कर वसूली की कोशिश में हैं। थोड़ी ही देर में पहुुंची इस गाड़ी को चौकी इंचार्ज और उनकी टीम ने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने गाड़ी में मौजूद लोगों को चौकी के एक कमरे में बैठाकर गेट बंद कर लिया और उनसे लंबी पूछताछ की। इसके बाद उन्हें शाम के वक्त छोड़ दिया गया।
पुलिस के टीम सदस्यों पर कार्रवाई न करने से कस्बे में चर्चा चली कि लंबी डील के बाद धंधेबाजों को छोड़ दिया गया है। हालांकि देर रात स्थिति साफ हुई कि टीम रामपुर की थी, जो अपने क्षेत्र में सक्रिय स्मैक तस्करों की तलाश में फतेहगंज आई थी। एसपी देहात डॉ. संसार सिंह ने भी स्पष्ट किया कि सीओ मीरगंज ने जांच के बाद उन्हें छोड़ दिया। उसमें कोई भी संदिग्ध नहीं मिला।
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तहरीर देने पहुंच गए लोग
जैसे ही कस्बे में फर्जी नारकोटिक्स टीम पकड़ने की चर्चा फैली तो सात लोग सैफ अली, इस्लाम अली, निजाकत अली, साजिद, हसनैन, बाबू और इरशाद खान ने कस्बे के दो लोगों के खिलाफ अवैध वसूली की तहरीर दी। इस पर पुलिस ने जांच करने की बात कही है। नई बस्ती निवासी बाबू ने बताया की पिछले सोमवार को उसे पकड़कर गाड़ी में बैठाकर प्रताड़ित किया। जेल भेजने की धमकी देकर उसे दलाल के माध्यम से पांच लाख रुपये लेकर छोड़ दिया। बाबू ने यह रकम दलाल को जमीन गिरवी रखकर दी थी। हसनैन ने बताया वह मीरगंज से मछली तालाब में डालने के लिए ला रहा था। रास्ते में फर्जी टीम ने पकड़ लिया। पीटने के बाद दो लाख तीस हजार रुपये लेकर छोड़ा।
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शनिवार दोपहर करीब 12 बजे टोल प्लाजा पर चेकिंग कर रहे फतेहगंज पश्चिमी चौकी इंचार्ज प्रवीन बेनीवाल को सूचना मिली कि कुछ लोग एक सूमो गाड़ी में घूमकर स्मैक तस्करों की तलाश कर रहे हैं। वे लोग शायद स्मैक के धंधे से जुड़े लोगों को पकड़कर वसूली की कोशिश में हैं। थोड़ी ही देर में पहुुंची इस गाड़ी को चौकी इंचार्ज और उनकी टीम ने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने गाड़ी में मौजूद लोगों को चौकी के एक कमरे में बैठाकर गेट बंद कर लिया और उनसे लंबी पूछताछ की। इसके बाद उन्हें शाम के वक्त छोड़ दिया गया।
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पुलिस के टीम सदस्यों पर कार्रवाई न करने से कस्बे में चर्चा चली कि लंबी डील के बाद धंधेबाजों को छोड़ दिया गया है। हालांकि देर रात स्थिति साफ हुई कि टीम रामपुर की थी, जो अपने क्षेत्र में सक्रिय स्मैक तस्करों की तलाश में फतेहगंज आई थी। एसपी देहात डॉ. संसार सिंह ने भी स्पष्ट किया कि सीओ मीरगंज ने जांच के बाद उन्हें छोड़ दिया। उसमें कोई भी संदिग्ध नहीं मिला।
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तहरीर देने पहुंच गए लोग
जैसे ही कस्बे में फर्जी नारकोटिक्स टीम पकड़ने की चर्चा फैली तो सात लोग सैफ अली, इस्लाम अली, निजाकत अली, साजिद, हसनैन, बाबू और इरशाद खान ने कस्बे के दो लोगों के खिलाफ अवैध वसूली की तहरीर दी। इस पर पुलिस ने जांच करने की बात कही है। नई बस्ती निवासी बाबू ने बताया की पिछले सोमवार को उसे पकड़कर गाड़ी में बैठाकर प्रताड़ित किया। जेल भेजने की धमकी देकर उसे दलाल के माध्यम से पांच लाख रुपये लेकर छोड़ दिया। बाबू ने यह रकम दलाल को जमीन गिरवी रखकर दी थी। हसनैन ने बताया वह मीरगंज से मछली तालाब में डालने के लिए ला रहा था। रास्ते में फर्जी टीम ने पकड़ लिया। पीटने के बाद दो लाख तीस हजार रुपये लेकर छोड़ा।