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यूपीपीएससी की परीक्षा नियंत्रक अंजू लता से 36 घंटे पूछताछ, कई सवालों पर हड़बड़ाईं, छूटे पसीने
Fri, 31 May 2019 09:12 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज/ वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज/ वाराणसी
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 31 May 2019 09:12 AM IST
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आरोपी अंजू कटियार
- फोटो : अमर उजाला
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2018 में आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपर आउट होने के प्रकरण में क्राइम ब्रांच और पुलिस की संयुक्त टीम ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा नियंत्रक, सचिव अंजू लता कटियार को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अभिरक्षा में अंजू को प्रयागराज से वाराणसी लाकर अदालत में पेश किए जाने की कार्रवाई देर शाम तक जारी थी। बताया जा रहा है कि जल्द मामले में अंजू के कुछ करीबियों सहित अन्य पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
29 जुलाई 2018 को बनारस में आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के हिंदी और सामाजिक विज्ञान का पेपर आउट हुआ था। कोलकाता निवासी अशोक देव चौधरी से पश्चिम बंगाल सीआईडी को मिली इस जानकारी के आधार पर यूपी एसटीएफ ने जांच शुरू की थी।
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अशोक की सूचना पर 27 मई को कोलकाता निवासी प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कुमार को एसटीएफ ने चोलापुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। कौशिक ने बताया कि एलटी ग्रेड परीक्षा के पेपर उसके प्रेस में छपे थे और प्रति अभ्यर्थी 5 लाख रुपये लेकर उसने 28 जुलाई 2018 को सॉल्वर गैंग के पास बनारस भिजवाया था।
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पुलिस अभिरक्षा में अंजू को प्रयागराज से वाराणसी लाकर अदालत में पेश किए जाने की कार्रवाई देर शाम तक जारी थी। बताया जा रहा है कि जल्द मामले में अंजू के कुछ करीबियों सहित अन्य पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
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29 जुलाई 2018 को बनारस में आयोजित एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा के हिंदी और सामाजिक विज्ञान का पेपर आउट हुआ था। कोलकाता निवासी अशोक देव चौधरी से पश्चिम बंगाल सीआईडी को मिली इस जानकारी के आधार पर यूपी एसटीएफ ने जांच शुरू की थी।
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अशोक की सूचना पर 27 मई को कोलकाता निवासी प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कुमार को एसटीएफ ने चोलापुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। कौशिक ने बताया कि एलटी ग्रेड परीक्षा के पेपर उसके प्रेस में छपे थे और प्रति अभ्यर्थी 5 लाख रुपये लेकर उसने 28 जुलाई 2018 को सॉल्वर गैंग के पास बनारस भिजवाया था।
कौशिक ने यह भी बताया कि इस काम में अंजू की मिलीभगत थी और इसके बदले में उसने उन्हें 26 मई को 10 लाख रुपये दिया था। इसके अलावा जब भी लोक सेवा आयोग के पेपर छपते थे तो मिलने वाली धनराशि में वह 5 प्रतिशत कमीशन अंजू को देता था। इस आधार पर चोलापुर थाने में अंजू सहित नौ के खिलाफ केस दर्ज कर कौशिक को जेल भेज दिया गया है।
अंजू से 36 घंटे तक की गई पूछताछ
हिरासत में लेने से पहले करीब 36 घंटे तक अंजू कटियार से गहन पूछताछ की गई। इस दौरान पूछे गए कई सवालों का वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। कुछ सवालों पर तो उनके पसीने छूट गए। इस दौरान कई बार वह जवाब देते हुए हड़बड़ाईं भी।
पूछताछ में संतुष्ट नहीं होने के बाद ही उन्हें हिरासत में लेकर क्राइम ब्रांच के एसपी ज्ञानेंद्र के नेतृत्व में टीम वाराणसी के लिए रवाना हो गई। वहां कौशिक के मोबाइल की कॉल डिटेल और व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर अंजू को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने अंजू के मोबाइल, लैपटॉप और जरूरी कागजात कब्जे में लिया है। एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र ने बताया कि प्रकरण की तफ्तीश जारी है। सामने आए तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अंजू से 36 घंटे तक की गई पूछताछ
हिरासत में लेने से पहले करीब 36 घंटे तक अंजू कटियार से गहन पूछताछ की गई। इस दौरान पूछे गए कई सवालों का वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी। कुछ सवालों पर तो उनके पसीने छूट गए। इस दौरान कई बार वह जवाब देते हुए हड़बड़ाईं भी।
पूछताछ में संतुष्ट नहीं होने के बाद ही उन्हें हिरासत में लेकर क्राइम ब्रांच के एसपी ज्ञानेंद्र के नेतृत्व में टीम वाराणसी के लिए रवाना हो गई। वहां कौशिक के मोबाइल की कॉल डिटेल और व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर अंजू को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने अंजू के मोबाइल, लैपटॉप और जरूरी कागजात कब्जे में लिया है। एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र ने बताया कि प्रकरण की तफ्तीश जारी है। सामने आए तथ्यों और साक्ष्य के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।