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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Cover-up in the case of fight between Inspector and SSF constable, Inspector was beaten after entering the pol

Prayagraj : दरोगा-एसएसएफ सिपाही के बीच मारपीट मामले में लीपापोती, थाने में घुसकर हुई थी दरोगा की पिटाई

Thu, 31 Oct 2024 11:34 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 31 Oct 2024 11:34 AM IST
सार

इस मामले में भोर तक चली पंचायत के बाद दोनों ही पक्षों की ओर से तहरीर दी गई। सिपाही व दरोगा का मेडिकल भी कराया गया। इसके बावजूद किसी भी पक्ष की ओर से रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। यह हाल तब है जबकि सिपाही की गेस्ट हाउस में पिटाई का सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास मौजूद है।

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Cover-up in the case of fight between Inspector and SSF constable, Inspector was beaten after entering the pol
धूमनगंज थाना। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

धूमनगंज में दो दिन पहले विशेष सुरक्षा बल (एसएसएफ) के सिपाही व दरोगा आशीष यादव के बीच हुई मारपीट और इसके बाद हुए बवाल मामले में लीपापोती होती नजर आ रही है। दो दिन बाद भी इस मामले में न तो मुकदमा दर्ज किया गया और न ही किसी पक्ष पर कोई कार्रवाई की गई। जिम्मेदारों ने भी जांच की बात कहकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया है।

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सूत्रों का कहना है कि इस मामले में भोर तक चली पंचायत के बाद दोनों ही पक्षों की ओर से तहरीर दी गई। सिपाही व दरोगा का मेडिकल भी कराया गया। इसके बावजूद किसी भी पक्ष की ओर से रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई। यह हाल तब है जबकि सिपाही की गेस्ट हाउस में पिटाई का सीसीटीवी फुटेज पुलिस के पास मौजूद है।

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साथ ही थाने में घुसकर दरोगा पर लात-घूंसे बरसाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायलर हो चुका है। सवाल यह है कि सरेआम मारपीट करने वाले सिपाहियों व दरोगा पर कार्रवाई अब तक क्यों नहीं की गई। जानकारों का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों का आचरण सरकारी कर्मचारी नियमावली के विपरीत है। पुलिस विभाग के नियमों के मुताबिक अनुशासनहीनता के दायरे में आता है।

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इसका सीसीटीवी व वीडियो फुटेज भी साक्ष्य के रूप में मौजूद है। फिर आखिर अब तक कोई एक्शन क्यों नहीं लिया गया। इस मामले में डीसीपी नगर अभिषेक भारती का कहना है कि दरोगा की प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं। एसएसएफ के अफसरों ने घटना में शामिल सिपाही की भी प्रारंभिक जांच शुरू करा दी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

मारपीट में शामिल प्राइवेट लोगों की पहचान क्यों नहीं की?
 

इस प्रकरण में एक सवाल यह भी है कि दरोगा के साथ मिलकर जिन प्राइवेट लोगों ने एसएसएफ के सिपाही की पिटाई की, धूमनगंज पुलिस ने उनकी पहचान के लिए अब तक कोई कदम क्यों नहीं उठाया। जबकि, गेस्ट हाउस में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज से उन्हें पहचाना जा सकता है। सवाल यह भी है कि मामला दरोगा का था तो उन्होंने खुद को फोर्स का बताने के बावजूद सिपाही पर कैसे और क्यों हमला किया?

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