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यूपीः हर जिले में क्वारंटीन सेंटर की निगरानी को तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया आदेश

Mon, 01 Jun 2020 06:00 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Mon, 01 Jun 2020 06:00 PM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

इलाहाबाद हाइकोर्ट ने प्रदेश सरकार को निर्देश दिया है कि वह हर जिले में तीन सदस्यीय निगरानी कमेटी का गठन करे। कमेटी न सिर्फ क्वारन्टीन सेंटरों की व्यवस्था और सुविधाओं का जायजा लेगी बल्कि यह भी देखेगी की किसी को भी निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद आवश्यक रूप से क्वारन्टीन सेंटर में न रोका जाए। ऐसा करना व्यक्ति के मौलिक अधिकार का हनन होगा।

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कोर्ट ने कहा कि क्वारंटाइन किये गए व्यक्ति ने यदि अवधि पूरी कर ली है और उसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है त्तथा अन्य कोई कानूनी अड़चन नहीं है तो ऐसे लोगो को क्वारंटाइन सेंटर से छोड़ा जाय।\nअधिवक्ता शाद अनवर की जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही कोर्ट ने इससे पहले सरकार से क्वारंटाइन सेंटरो में रखे गए तबलीगी जमात के लोगो के बारे में जानकारी मांगी थी।

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न्यायालय - फोटो : file photo

हाईकोर्ट को राज्य सरकार ने बताया कि 3001 में से 2979भारतीयों व 46विदेशी तबलीगियो को क्वारेन्टाइन अवधि बीत जाने के बाद छोड दिया गया है,वे अपने राज्यों को चले गए हैं। और 21भारतीयों सहित 279विदेशी तबलीगियो को आपराधिक कृत्य के कारण जेल में बंद रखा गया है।


अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली तबलीगी मरकज से प्रदेश में आने वाले 3001भारतीय एवं 325 विदेशी तबलीगियों को क्वारेन्टाइन सेन्टर में रखा गया था। अब कोई भी सेन्टर में नही है।

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अदालत - फोटो : file
इस जानकारी के बाद कोर्ट ने शाद अनवर की जनहित याचिका निस्तारित कर दी है और कहा है कि यदि याची की जानकारी मे किसी तबलीगी को क्वारेन्टाइन अवधि बीत जाने के बाद भी छोडा नही गया है तो वह कानून के तहत शिकायत कर सकता है।। कोर्ट ने मुख्य सचिव को सर्कुलर जारी सभी जिलाधिकारियों को इसका पालन करने का भी आदेश दिया है।

यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकान्त गुप्ता तथा न्यायमूर्ति एस एस शमशेरी की खंडपीठ ने शाद अनवर की जनहित याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि एक संवैधानिक संस्था के नाते कोर्ट का दायित्व है कि वह नागरिकों के अधिकारों को संरक्षण दे। जिसके तहत क्वारेन्टाइन अवधि बीत जाने के बाद विधिक अडचन न होने की दशा में सेन्टर में रखे लोगो को तत्काल छोडने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने जिले स्तर पर गठित कमेटी क्वारेन्टाइन सेन्टर की व्यवस्था, की निगरानी करे ताकि कोई अव्यवस्था न होने पाये।
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