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Prayagraj : थाना प्रभारी मानिकपुर के खिलाफ एफआईआर दर्ज न करने पर कोर्ट ने मांगा जवाब
Sun, 03 May 2026 05:46 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 03 May 2026 05:46 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने थाना प्रभारी मानिकपुर व दो सिपाहियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज न किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए नाराजगी जताई है।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने थाना प्रभारी मानिकपुर व दो सिपाहियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज न किए जाने के मामले को गंभीरता से लेते हुए नाराजगी जताई है। न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की पीठ ने गौरव सिंह यादव की ओर से दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए पुलिस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
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प्रयागराज निवासी शिकायतकर्ता गौरव सिंह यादव ने एसपी प्रतापगढ़, सीओ कुंडा और आईजी जोन प्रयागराज को प्रार्थनापत्र देकर मानिकपुर थाने के थाना प्रभारी व दो सिपाहियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की गुहार लगाई थी। उनका आरोप था कि पुलिस कर्मी व थानाध्यक्ष उनके साथ थाने के अंदर मारपीट की और गालीगलौज किया। एफआईआर दर्ज न होने पर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की।
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याची अधिवक्ता रज्जन सिंह यादव ने दलील दी कि पुलिस अधिकारियों को कई आवेदन देने के बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की जा रही है क्योंकि आरोपी स्वयं पुलिस विभाग के सिपाही व अन्य कर्मी हैं। संज्ञेय अपराध की जानकारी होने के बावजूद एफआईआर दर्ज न करना ''ललिता कुमारी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य'' मामले में सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए दिशा-निर्देशों और हाईकोर्ट के पूर्व के आदेशों का स्पष्ट उल्लंघन है।
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कोर्ट ने पक्षों को सुनने के बाद विपक्षी अधिकारियों को आदेश के अनुपालन के लिए एक अंतिम अवसर प्रदान किया है। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि अगली निर्धारित तिथि तक अनुपालन हलफनामा दाखिल किया जाए। साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर आदेश का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया जा सकता है। इस मामले की अगली सुनवाई 7 जुलाई 2026 को नियत की है।