मलिन बस्तियों में बेदम हुआ कोरोना : सात हजार से अधिक जांच में मिले सिर्फ 112 संक्रमित
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संगमनगरी की मलिन बस्तियों में कोरोना बेदम साबित हो रहा है, जबकि वायरस का प्रसार पॉश और रिहायशी इलाकों में ज्यादा है। पॉश इलाकों में आधुनिक सुविधाओं संग रहने वालों की कोविड रिपोर्ट लगातार पॉजिटिव आ रही है। यही नहीं संक्रमण के बचाव करने वाले भी वायरस के प्रभाव से नहीं बच पा रहे हैं। वहीं शहर की मलिन बस्तियों में कोरोना बेदम है।
इन बस्तियों में कोविड वायरस का असर बेहद मामूली स्तर पर 1.84 प्रतिशत है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभियान के तहत शहर और गांवों की कई मलिन बस्तियों में कराई गईं सात हजार से अधिक कोरोना की जांचों में से 112 पॉजिटिव केस ही मिले हैं।
जिले की 40 से अधिक मलिन बस्तियों में 19, 20 और 21 नवंबर को 7243 लोगों की कोविड जांच कराई गई। पोर्टल पर अपलोड रिपोर्ट के मुताबिक जांच में बहुत कम संख्या में लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इस पर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि पॉश इलाकों की अपेक्षा मलिन बस्तियों में रहने वालों की इम्युनिटी काफी मजबूत है।
ऐसे में उन पर वायरस का असर नहीं दिखा, जबकि एसी कमरों में रहने वालों की इम्युनिटी कमजोर होती है, जिसकी वजह से ही वह संक्रमित हुए। लिहाजा उन पर वायरस अधिक प्रभाव डाल रहा है। शहर की ही नहीं ग्रामीण इलाकों की मलिन बस्तियों और ग्रामीण परिवेश में रहने वाले अधिकतर लोगों की कोविड रिपोर्ट निगेटिव ही आ रही है। मलिन बस्तियों में कोरोना वायरस दम है। नवंबर में अलग-अलग बस्तियों में कराई गई जांचों में सिर्फ 112 लोग संक्रमित पाए गए हैं। यह आंकड़ा राहत देने वाला है। - डॉ. ऋषि सहाय, नोडल अधिकारी कोरोना