Corona News : कोरोना के प्रति बेपरवाह हुए लोग- गोदामों में भरा सैनिटाइजर, बिक्री 90 फीसदी घटी
कोरोना संक्रमण काल में चरम पर पहुंची सैनिटाइजर की बिक्री धड़ाम हो गई है। मार्च से अक्तूबर तक थोक दवा बाजार में छह करोड़ का आंकड़ा छूने वाली सैनिटाइजर की बिक्री नवंबर में साठ हजार को मोहताज है। थोक दवा विक्रेताओं, सर्जिकल गुड्स विक्रेताओं के यहां बिक्री कम होने से सैनिटाइजर का भारी स्टाक डंप है। बिक्री कम होने से दवा और सर्जिकल गुड्स विक्रेताओं को नुकसान का खौफ सता रहा है।
अप्रैल-मई में थी किल्लत
अप्रैल और मई के महीने में मास्क के साथ सैनिटाइजर की किल्लत बनी रही। थोक दुकानों पर स्टाक दोपहर बाद तक समाप्त हो जाता था। फिर जून-जुलाई में आई जागरूकता से सैनिटाइजर की बिक्री चरम पर पहुंची। दवा और सर्जिकल गुड्स विक्रेताओं के मुताबिक जिले की थोक और फुटकर दुकानों पर सितंबर-अक्तूबर तक सैनिटाइजर बिक्री का आंकड़ा छह करोड़ के पार गया था। अब लोग सैनिटाइजर कम मांग रहे हैं।
छोटे पैक ही नहीं गैलन में पांच लीटर की मांग कम
वर्तमान समय में सैनिटाइजर की बिक्री छोटी 50, 100, 200 और 500 एमएल के पैक के साथ अनलॉक शुरू होने के बाद बूम पर आई पांच लीटर के गैलन में सैनिटाइजर की बिक्री भी कम हुई है। थोक की दुकानों से करीब सौ गैलन बिकने वाला सैनिटाइजर अब दो से चार गैलन तक सिमट गई है। छोटे पैक में शीशी वाले सैनिटाइजर की मांग काफी कम हो गई है।
दुकानों संग दवा विक्रेताओं के गोदाम भी भरे
इन दिनों सैनिटाइजर की बिक्री कम होने से थोक दवा विक्रेताओं की दुकानों और उनके गोदाम सैनिटाइजर से भरे हैं। कृष्णा सर्जिकल गुड्स के प्रोपराइटर नीरज पुरवार ने बताया कि अचानक सैनिटाइजर की मांग कम हुई है। स्टाक डंप है, अब चिंता नुकसान की हो रही है। वहीं दवा विक्रेता मनोज रस्तोगी के मुताबिक सैनिटाइजर के दाम पहले से 25 फीसदी कम हुए हैं, लेकिन बिक्री 90 फीसदी तक कम हो गई है।- हाल ही में कोरोना मरीजों की संख्या कम होने से लोग निश्चिंत हो गए हैं। फिलहाल सैनिटाइजर की बिक्री में भारी कमी आई है। फुटकर दवा विक्रेता भी खरीद न के बराबर कर रहे हैं। जिले भर की बिक्री अब हजारों रुपये तक सीमित रह गई है। दवा कारोबारियों के लिए यह चिंता की बात है। - अनिल दुबे, अध्यक्ष इलाहाबाद केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिशन