प्रयागराज। कोरोना ने खजूर के कारोबार को भी तगड़ी चपत लगाई है। 25 मार्च यानी कल शनिवार से रमजान शुरू हो रहा है। प्रयागराज में माहे रमजान के दौरान कई क्विंटल खजूर की खपत होती है। अधिकांश रोजेदार रमजान शुरू होने के पहले ही खजूर खरीद लेते हैं। लेकिन इस बार महज पांच से 10 से 20 फ़ीसदी ही अब तक खजूर का कारोबार हो सका है। रमजान 25 अप्रैल शनिवार से शुरू हो रहा है लेकिन लॉक डाउन की वजह से बाजार में रौनक नहीं के बराबर है। बीते माह 22 मार्च से बाजार बंद है, इस वजह से व्यापारी अपना पुराना स्टॉक ही बेच रहे हैं। हालांकि कुछ ने होली के बाद खजूर का कुछ स्टॉक मंगा लिया था। अब रमजान की वजह से मुस्लिम बहुल इलाके में कुछ दुकानदारों ने डोर टू डोर सप्लाई की तैयारी की है। चौक के कारोबारी उदय कुमार ने बताया कि रमजान में खजूर की खपत अपने उच्चतम स्तर पर होती है, लेकिन इस बार मौजूदा हालात में कारोबार ठप सा है। जिन दुकानदारों ने अपने यहां माल मंगा लिया था, उनके यहां सारा माल डंप पड़ा हुआ है। प्रयागराज में रमजान के महीने में 12 से 15 क्विंटल खजूर की खपत रहती है। इस बीच कुछ फल के कारोबारियों ने मुस्लिम बहुल इलाकों में ठेले के माध्यम से खजूर बेचना शुरू किया है। 000000000000000000000 रमजान में कीमिया खजूर की रहती है सर्वाधिक डिमांड- रमजान में सबसे ज्यादा डिमांड कीमिया, क्राउन डेट और ईरानी खजूर की रहती है। सऊदी अरब का अजवा खजूर बहुत महंगा है। चुनिंदा लोग ही इसे खाते हैं। अजवा खजूर बाजार में ढाई हजार रुपये किलो तक भी है। ज्यादातर खजूर मुंबई और दिल्ली से मंगवाया जाता है। लाल खजूर का इस्तेमाल शाम को रोजा खोलने के लिए किया जाता है। खजूर खाकर ही रोजा खोलना पैगंबर मोहम्मद साहब की सुन्नत है। कुछ लोग सुबह सहरी में भी खजूर खाते हैं। प्रयागराज में में चौक, घंटाघर, नखास कोहना, नूरल्ला रोड पर खजूर की मार्केट है। खजूर की किस्में---------कीमत किलो में कीमिया---------------- 300 ईरानी------------------180 अजवा------------------1500 कौसर ईरानी------------150 बुमान-------------------160 पिंड-------------------110 क्राउन डेट------------250 फर्द-----------------300 कल्मी----------------400