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79 स्कूलों ने गरीब बच्चों को नहीं दिया प्रवेश
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प्रयागराज। आरटीई के तहत गरीब बच्चों को शहर के निजी स्कूल प्रवेश देने में आनाकानी कर रहे हैं। खंड शिक्षाधिकारी नगर क्षेत्र की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि शहर के 79 विद्यालय गरीब बच्चों को प्रवेश देने की सूचना उनके कार्यालय को अभी तक नहीं भेजे हैं। स्कूलों के प्रबंधन और प्रधानाचार्य को बार-बार रिमाइंडर भेजे जाने के बाद भी उन्होंने कितने बच्चों को प्रवेश दिया उसकी सूचना नहीं भेजी है। खंड शिक्षाधिकारी का कहना है कि यदि विद्यालयों ने प्रवेश की सूची उपलब्ध नहीं कराई तो उसकी सूचना जिलाधिकारी कार्यालय को भेज दी जाएगी।
स्कूलों ने कहा सभी बच्चों को प्रवेश दिया, शासन ने नहीं गरीब बच्चों का पैसा
खंड शिक्षाधिकारी ज्योति शुक्ला की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि 21 जून को नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों को गरीब बच्चों को प्रवेश के लिए सूची भेजी गई थी। सूची भेजने के बाद खंड शिक्षाधिकारी ने 15 दिन के भीतर उनके कार्यालय को सूचना भेजने को कहा था। बार-बार नोटिस के बाद भी स्कूलों ने पहले चरण में प्रवेश की सूचना उनके कार्यालय को नहीं भेजी है। इलाहाबाद पब्लिक स्कूल के निदेशक राजीव मिश्र का कहना है कि खंड शिक्षाधिकारी की ओर से जितने बच्चों के नाम प्रवेश के लिए भेजे गए थे, सब पूरा कर लिया गया है। दूसरे चरण के प्रवेश भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बात की जानकारी उनके विद्यालय से खंड शिक्षाधिकारी को भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से गरीब बच्चों की शिक्षा पर सरकार की ओर से मिलने वाली धनराशि उनके विद्यालय को नहीं मिल रही है।
अच्छे स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का नाम गरीब बच्चों में शामिल किया
एमएल कान्वेंट स्कूल के पुनीत वर्मा का कहना कि उनके विद्यालय में जितने बच्चों के प्रवेश की सूची आई थी, सबका प्रवेश कर लिया है। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर एवं पतंजलि ऋषिकुल की प्रधानाचार्या सुष्मिता कानूनगो का कहना है कि खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय से जिन बच्चों की सूची भेजी गई है, उसमें अधिकांश गरीब नहीं हैं। इन बच्चों की जांच कराए जाने पर पता चला कि यह पहले से शहर के अच्छे स्कूलों में पढ़ रहे हैं, ऐसे में यह बच्चे आरटीई के मानक पूरा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें प्रवेश देना संभव नहीं है।
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प्रबंधन ने कहा आरटीई में नहीं है प्री-प्राइमरी में प्रवेश का नियम
उन्होंने बताया कि पतंजलि शिक्षा समिति की ओर से संचालित सर्व शिक्षा अभियान विद्यालय में आसपास के 235 गरीब बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। बीबीएस इंटर कॉलेज शिवकुटी के प्रबंधक रणजीत सिंह का कहना है कि उनके विद्यालय में 10 बच्चों की सूची आई थी, इसमें से सभी का प्रवेश पूरा हो गया है। दुर्गावती इंटरनेशनल स्कूल के सुशील मिश्र का कहना है कि उनके स्कूल में खंड शिक्षाधिकारी की ओर से जो सूची भेजी गई थी, एक को छोड़कर सभी प्रवेश कर लिए गए है। उनका कहना है कि विभाग की ओर से भेजी गई सूची में प्री-प्राइमरी के बच्चों केनाम प्रवेश के लिए भेजे गए हैं, उन बच्चों का प्रवेश संभव नहीं है।
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स्कूलों ने कहा सभी बच्चों को प्रवेश दिया, शासन ने नहीं गरीब बच्चों का पैसा
खंड शिक्षाधिकारी ज्योति शुक्ला की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि 21 जून को नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम के तहत निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों को गरीब बच्चों को प्रवेश के लिए सूची भेजी गई थी। सूची भेजने के बाद खंड शिक्षाधिकारी ने 15 दिन के भीतर उनके कार्यालय को सूचना भेजने को कहा था। बार-बार नोटिस के बाद भी स्कूलों ने पहले चरण में प्रवेश की सूचना उनके कार्यालय को नहीं भेजी है। इलाहाबाद पब्लिक स्कूल के निदेशक राजीव मिश्र का कहना है कि खंड शिक्षाधिकारी की ओर से जितने बच्चों के नाम प्रवेश के लिए भेजे गए थे, सब पूरा कर लिया गया है। दूसरे चरण के प्रवेश भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस बात की जानकारी उनके विद्यालय से खंड शिक्षाधिकारी को भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से गरीब बच्चों की शिक्षा पर सरकार की ओर से मिलने वाली धनराशि उनके विद्यालय को नहीं मिल रही है।
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अच्छे स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों का नाम गरीब बच्चों में शामिल किया
एमएल कान्वेंट स्कूल के पुनीत वर्मा का कहना कि उनके विद्यालय में जितने बच्चों के प्रवेश की सूची आई थी, सबका प्रवेश कर लिया है। महर्षि पतंजलि विद्या मंदिर एवं पतंजलि ऋषिकुल की प्रधानाचार्या सुष्मिता कानूनगो का कहना है कि खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय से जिन बच्चों की सूची भेजी गई है, उसमें अधिकांश गरीब नहीं हैं। इन बच्चों की जांच कराए जाने पर पता चला कि यह पहले से शहर के अच्छे स्कूलों में पढ़ रहे हैं, ऐसे में यह बच्चे आरटीई के मानक पूरा नहीं कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें प्रवेश देना संभव नहीं है।
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प्रबंधन ने कहा आरटीई में नहीं है प्री-प्राइमरी में प्रवेश का नियम
उन्होंने बताया कि पतंजलि शिक्षा समिति की ओर से संचालित सर्व शिक्षा अभियान विद्यालय में आसपास के 235 गरीब बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। बीबीएस इंटर कॉलेज शिवकुटी के प्रबंधक रणजीत सिंह का कहना है कि उनके विद्यालय में 10 बच्चों की सूची आई थी, इसमें से सभी का प्रवेश पूरा हो गया है। दुर्गावती इंटरनेशनल स्कूल के सुशील मिश्र का कहना है कि उनके स्कूल में खंड शिक्षाधिकारी की ओर से जो सूची भेजी गई थी, एक को छोड़कर सभी प्रवेश कर लिए गए है। उनका कहना है कि विभाग की ओर से भेजी गई सूची में प्री-प्राइमरी के बच्चों केनाम प्रवेश के लिए भेजे गए हैं, उन बच्चों का प्रवेश संभव नहीं है।