फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Consumer Commission order: Postmaster General Varanasi should pay Rs 23 lakh along with interest

उपभोक्ता आयोग का आदेश : पोस्टमास्टर जनरल वाराणसी 23 लाख रुपये ब्याज सहित परिवादिनी को अदा करें

Sat, 03 May 2025 11:52 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 03 May 2025 11:52 AM IST
सार

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पोस्टमास्टर जनरल वाराणसी व अन्य विपक्षियों को परिवादिनी सितारा देवी को 23 लाख रुपये आठ प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश दिया है।

विज्ञापन
Consumer Commission order: Postmaster General Varanasi should pay Rs 23 lakh along with interest
अदालत - फोटो : ANI

विस्तार

जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पोस्टमास्टर जनरल वाराणसी व अन्य विपक्षियों को परिवादिनी सितारा देवी को 23 लाख रुपये आठ प्रतिशत ब्याज के साथ भुगतान करने का आदेश दिया है। साथ ही आयोग ने 10 हजार रुपये क्षतिपूर्ति व 10 हजार रुपये वाद व्यय भी देने का आदेश दिया है। यह फैसला आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहीम व सदस्य प्रकाश चंद्र त्रिपाठी ने सुनाया है।

विज्ञापन

प्रयागराज के राजरूपपुर के कालिंदीपुरम निवासी सितारा बेगम पत्नी सगीर अहमद ने उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया था। उनका कहना था कि उनका मायका वाराणसी में था। ऐसे में वह पोस्ट ऑफिस वाराणसी कैंट में टीडीआर योजना में 23 लाख रुपये एजेंट विकास पांडेय के माध्यम से निवेश किया था। 2019 में उन्हें समाचार पत्र के माध्यम से पता चला कि एजेंट व पोस्ट ऑफिस के कर्मचारियों की मिलीभगत से करोड़ों का घोटाला हुआ है। इस पर उन्होंने वाराणसी पहुंच कर जानकारी की तो पता चला कि उनके हस्ताक्षर के बगैर रुपये निकाल लिए गए थे। परिवादिनी ने पोस्टऑफिस के सभी आधिकारियों को पत्र लिखा, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

विज्ञापन

परिवादिनी ने प्रयागराज निवासी होने के चलते उपभोक्ता अधिनियम के तहत जिला आयोग प्रयागराज में वाद दाखिल किया। आयोग ने पक्षों को सुनने के बाद कहा कि उच्चतम न्यायालय का प्रतिपादित सिद्धांत है कि यदि किसी संस्था के कर्मचारी की ओर से उपभोक्ता की सेवा में कमी, नियम विरुद्ध निकासी अथवा गबन किया जाता है तो उसके भुगतान की जिम्मेदारी कर्मचारी के मालिक संस्था की होती है। इसलिए विपक्षी परिवादिनी की धनराशि टीडीआर पर मिले ब्याज सहित भुगतान करने के लिए उत्तरदायी हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed