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Upbhokta Ayog : बीमा कंपनी को प्रीमियम राशि ब्याज सहित लौटाना होगा, उपभोक्ता आयोग का फैसला
Thu, 07 May 2026 03:06 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 07 May 2026 03:06 PM IST
सार
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी को पॉलिसीधारक की ओर से जमा की गई पूरी प्रीमियम राशि ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है।
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जिला उपभोक्ता फोरम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी को पॉलिसीधारक की ओर से जमा की गई पूरी प्रीमियम राशि ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहीम और सदस्य सरला की पीठ ने संध्या देवी जायसवाल और उनके बेटे ऋषभ की ओर से दायर परिवाद पर दिया।
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प्रयागराज के रसूलपुर निवासी संध्या और ऋषभ ने याचिका में कहा कि उन्होंने 2014 में बीमा पॉलिसी ली थी। जिसमें उन्होंने 2017 तक 79,217 रुपये प्रीमियम के रूप में जमा किए। आरोप लगाया था कि 2020 में बकाया प्रीमियम जमा करने कंपनी के कार्यालय गए लेकिन लॉकडाउन का हवाला देते हुए कंपनी ने प्रीमियम लेने से इन्कार कर दिया और बाद में पॉलिसी बंद कर दी।
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याचियों ने इसे सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार बताते हुए जमा धनराशि, ब्याज और क्षतिपूर्ति की मांग की। वहीं, बीमा कंपनी की ओर से दलील दी गई कि पॉलिसीधारक ने 2017 के बाद प्रीमियम जमा नहीं किया। जिससे पॉलिसी स्वतः निष्क्रिय हो गई। पॉलिसी को पुनर्जीवित कराने का अवसर उपलब्ध था लेकिन याची ने आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं की।
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आयोग ने कंपनी को निर्देश दिया कि याची की ओर से पॉलिसी समर्पण की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद दो माह में 79,217 रुपये की राशि आठ प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित वापस करे। यह ब्याज परिवाद दाखिल करने की तिथि से भुगतान तक देय होगा। इसके अतिरिक्त आयोग ने मानसिक एवं आर्थिक क्षतिपूर्ति के रूप में 5,000 रुपये और वाद व्यय के रूप में 2,000 रुपये देने का आदेश दिया है।