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Prayagraj : जाम का भी एक अर्थशास्त्र होता है, यकीन न हो तो दीपक से पूछ लो

Tue, 07 Feb 2023 05:52 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Tue, 07 Feb 2023 05:52 AM IST
सार

माघ मेले के दौरान मेला क्षेत्र के आसपास लगे जाम ने अलोपीबाग निवासी फल विक्रेता दीपक सोनकर के परिवार के दो वक्त के निवाले पर संकट ला दिया। औसतन एक हजार रुपये रोज की बिक्री 200 से 300 रुपये पर आ गई।

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Commissioner, jam has brought crisis on Deepak's family's two-time morsel
Prayagraj News : माघ मेला क्षेत्र में लगा भीषण जाम। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

माघ मेले के दौरान मेला क्षेत्र के आसपास लगे जाम ने अलोपीबाग निवासी फल विक्रेता दीपक सोनकर के परिवार के दो वक्त के निवाले पर संकट ला दिया। औसतन एक हजार रुपये रोज की बिक्री 200 से 300 रुपये पर आ गई। नतीजा यह हुआ कि जहां वह मेले के दौरान अच्छी आमदनी से व्यापार बढ़ाने की सोच रहा था। वहीं अब किसी तरह दो वक्त के निवाले के जुगाड़ में लगा है।

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माघ मेले के दौरान बेपटरी यातायात व्यवस्था ने बिगाड़ दिया कई घरों का बजटयह कहानी महज एक दीपक की नहीं, बल्कि उसके जैसे कई उन दुकानदारों, व्यापारियों की है जो माघ मेले के दौरान मेला क्षेत्र के आसपास लगे जाम से प्रभावित हुए। जाम के चलते न सिर्फ उनका व्यापार मंदा हो गया बल्कि कई तो ऐसे भी हैं, जो नुकसान में चले गए।

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Commissioner, jam has brought crisis on Deepak's family's two-time morsel
Prayagraj News : माघ मेला क्षेत्र में लगा भीषण जाम। - फोटो : अमर उजाला।

प्लानिंग ही नहीं थी, जीटी जवाहर पर झोंक दिए वाहन
जीटी जवाहर चौराहे के पास श्रीराम रेस्टाेरेंट चलाने वाले अनिमेष गुप्ता की कहानी भी दीपक जैसी ही है। उन्होंने कुंभ के साथ ही कई माघ मेले देखे हैं। वह बताते हैं, जाम की जो समस्या इस बार रही, वैसी उन्हाेंने पहली बार देखी। कमोबेश हर स्नानपर्व पर हालात लगभग एक से रहे। सड़कों पर सुबह से शाम तक जाम लगा रहा। नतीजा यह हुआ कि ग्राहक आए नहीं और व्यापार को तगड़ा नुकसान हुआ।

माघ मेले में इस बार जाम की समस्या की वजह यह थी कि यातायात व्यवस्था को लेकर प्लानिंग ही नहीं दिखाई दी। वाहनों को योजना बनाकर पार्क कराने की बजाय सीधे मेला क्षेत्र के इंट्री प्वाइंट जीटी जवाहर चौराहे व हर्षवर्धन तिराहे पर झोंक दिया गया। जबकि पूर्व में ऐसा नहीं था। भीड़ ज्यादा होने पर बड़े वाहनों को अरैल, झूंसी, फाफामऊ में बनी पार्किंग में ही रोक दिया जाता था। नतीजा यह हुआ कि सुबह से लेकर शाम तक लोग जाम से ही जूझते रहे।

Commissioner, jam has brought crisis on Deepak's family's two-time morsel
Prayagraj News : माघ मेला क्षेत्र में लगा भीषण जाम। - फोटो : अमर उजाला।

टेंपो-ई रिक्शा ने घेर ली सड़क, गाड़ियां कैसे चलेंगी

अलोपीबाग में ही फल का व्यापार करने वाले अनिल कुमार ने बताया कि जाम का सबसे बड़ा कारण टेंपो-ईरिक्शा रहे। बताया कि लगभग 30 साल से वह यहां दुकान चला रहे हैं। हालत यह है कि आधी से ज्यादा सड़क टेंपो-ई रिक्शा वाले घेरे रहते हैं। पुलिस से शिकायत पर कुछ मिनटों के लिए हटाए जाते हैं, लेकिन थोड़ी देर बाद फिर जमा हो जाते हैं। माघ में कम से कम 15 दिन ऐसे गए जब जाम के चलते व्यापार लगभग ठप सा रहा। ग्राहक आए नहीं और बमुश्किल 100-200 रुपयों की बिक्री हुई।

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