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आयोग कर्मियों ने एसटीएफ के खिलाफ खोला मोर्चा
Fri, 31 May 2019 10:52 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 31 May 2019 10:52 PM IST
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) के कर्मचारियों और अधिकारियों ने एसटीएफ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया है कि एसटीएफ ने बिना सुबूत परीक्षा नियंत्रक को गिरफ्तार किया और प्रिंटिंग प्रेस मालिक कौशिक कर को गिरफ्तार कर उसके पास रखा पीसीएस-2018 की मुख्य परीक्षा का पेपर आउट कर दिया।
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परीक्षा नियंत्रक के समर्थन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग कर्मचारी/अधिकारी संघ के बैनर तले वहां के कर्मचारी शुक्रवार से अनशन पर बैठ गए हैं। संघ के अध्यक्ष दिनेश कुमार का दावा है कि एसटीएफ ने बिना किसी सुबूत के परीक्षा नियंत्रक के आवास पर छापा मारा। मुख्य आरोपी जिस दस लाख रुपये की बात कर रहा है, वह रकम एसटीएफ को परीक्षा नियंत्रक के आवास से नहीं मिली। यहां तक कि एसटीएफ के पास एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती का कोई पेपर भी नहीं है। अब एसटीएफ के अफसर बहाना बना रहे हैं कि पेपर जला दिए गए।
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पिछले साल 29 जुलाई को जब परीक्षा आयोजित की गई थी, उस वक्त एसटीएफ ने आयोग को मोबाइल पर वायरल हुआ सामाजिक विज्ञान और हिंदी का पेपर भेजा था, लेकिन परीक्षा के अगले दिन उस फर्जी पेपर से एक भी सवाल नहीं आया। दिनेश कुमार का आरोप है कि एसटीएफ ने एक पक्षीय कार्रवाई कर आयोग को खलनायक बनाने की कोशिश की और आयोग की संप्रभुता से खिलवाड़ किया। कर्मचारियों और अधिकारियों की मांग है कि परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार को तत्काल रिहा किया जाए और इसके बाद उनसे पूछताछ की जाए। अगर उनकी रिहाई नहीं हुई और सरकार ने उचित कदम नहीं उठाया तो आयोग कर्मी हड़ताल पर चले जाएंगे।
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ये हैं प्रमुख मांगें
- पूरे प्रकरण की विधि सम्मत गहन जांच की जाए
- दोष साबित होने तक मीडिया/सोशल मीडिया ट्रायल पर सख्ती से रोक लगाई जाए
- परीक्षा नियंत्रक अंजू कटियार से एसटीएफ द्वारा पूछताछ आयोग परिसर में की जाए और इसके लिए आयोग से पूर्व अनुमति ली जाए
- प्रकरण की जांच होने तक आयोग की ओर से आयोजित सभी परीक्षाएं, साक्षात्कार, प्रोन्नति, अनुशासनिक कार्रवाई स्थगित की जाएं