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आओ करें रक्तदान, बचाएं डेंगू मरीजों की जान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 27 Sep 2015 02:00 AM IST
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इलाहाबाद। पत्रकारिता के साथ सामाजिक सरोकारों के प्रति संवेदनशील अमर उजाला ने एक बार फिर रक्त की कमी से जिंदगी गंवाने वाले मरीजों को बचाने को लेकर पहल की है। स्वैच्छिक रक्तदान दिवस (एक अक्टूबर ) को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से एक बार फिर विशेष रक्तदान शिविर का आयोजन बेली अस्पताल स्थित ब्लड बैंक में किया जा रहा है।
रक्तदान शिविर में जहां स्वैच्छिक रक्तदाता रक्तदान कर मरीजों की जिंदगी बचाने में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे, वहीं सामाजिक सरोकारों से जुड़ी संस्थाओं एवं संगठनों को भी इस अभियान से जोड़ने का सार्थक प्रयास होगा। रक्तदान शिविर के दौरान रक्तदाताओं को उनके ब्लड ग्रुप से संबंधित जानकारियां मिलेगी साथ ही उन्हें अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा। इतना ही नहीं अमर उजाला फाउंडेशन का यह प्रयास भी होगा कि ऐसे महादानियों के साथ अमर उजाला परिवार का संबंध सदैव बना रहे।
रक्तदान शिविर के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान भी दिए जाएंगे ताकि रक्तदान को लेकर आमजन में व्याप्त भ्रांतियों का भी निराकरण किया जा सके। जो रक्तदाता या सामाजिक संस्थाएं रक्तदान करने को इच्छुक है वे अपना अमर उजाला कार्यालय से संपर्क कर अतिरिक्त जानकारियां हासिल कर सकती है।
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रक्तदान को लेकर कोई भी स्वैच्छिक रक्तदाता या फिर सामाजिक संगठन से जुड़े पदाधिकारी, कार्यकर्ता अमर उजाला कार्यालय में सीधे फोन करके पंजीकरण करा सकता है। पंजीकरण से संबंधित जानकारी 0532-2560294, 2560295, 9675889628, 9897589628 पर सुबह 10 बजे से लेकर सांय आठ बजे तक दी जा सकती है।
रक्तदान को लेकर समाज में तमाम भ्रांतियां व्याप्त हैं। मसलन रक्तदान करने से शारीरिक कमजोरी आ जाती है। रक्तदान के बाद शरीर में खून की कमीं आ जाती है। जो कई दिनों बाद पूरी होती है आदि आदि। इस संबंध में बेली अस्पताल ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि रक्तदान से कोई कमजोरी नहीं आती है। जहां तक रक्तदान के बाद इसकी कमी का सवाल है तो मानव शरीर की संरचना ऐसी है कि रक्तदान के ठीक 24 घंटे के भीतर शरीर अपने आप खून की पूर्ति कर लेता है।
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रक्तदान शिविर में जहां स्वैच्छिक रक्तदाता रक्तदान कर मरीजों की जिंदगी बचाने में अपना बहुमूल्य योगदान देंगे, वहीं सामाजिक सरोकारों से जुड़ी संस्थाओं एवं संगठनों को भी इस अभियान से जोड़ने का सार्थक प्रयास होगा। रक्तदान शिविर के दौरान रक्तदाताओं को उनके ब्लड ग्रुप से संबंधित जानकारियां मिलेगी साथ ही उन्हें अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से सम्मानित भी किया जाएगा। इतना ही नहीं अमर उजाला फाउंडेशन का यह प्रयास भी होगा कि ऐसे महादानियों के साथ अमर उजाला परिवार का संबंध सदैव बना रहे।
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रक्तदान शिविर के दौरान चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान भी दिए जाएंगे ताकि रक्तदान को लेकर आमजन में व्याप्त भ्रांतियों का भी निराकरण किया जा सके। जो रक्तदाता या सामाजिक संस्थाएं रक्तदान करने को इच्छुक है वे अपना अमर उजाला कार्यालय से संपर्क कर अतिरिक्त जानकारियां हासिल कर सकती है।
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रक्तदान को लेकर कोई भी स्वैच्छिक रक्तदाता या फिर सामाजिक संगठन से जुड़े पदाधिकारी, कार्यकर्ता अमर उजाला कार्यालय में सीधे फोन करके पंजीकरण करा सकता है। पंजीकरण से संबंधित जानकारी 0532-2560294, 2560295, 9675889628, 9897589628 पर सुबह 10 बजे से लेकर सांय आठ बजे तक दी जा सकती है।
रक्तदान को लेकर समाज में तमाम भ्रांतियां व्याप्त हैं। मसलन रक्तदान करने से शारीरिक कमजोरी आ जाती है। रक्तदान के बाद शरीर में खून की कमीं आ जाती है। जो कई दिनों बाद पूरी होती है आदि आदि। इस संबंध में बेली अस्पताल ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि रक्तदान से कोई कमजोरी नहीं आती है। जहां तक रक्तदान के बाद इसकी कमी का सवाल है तो मानव शरीर की संरचना ऐसी है कि रक्तदान के ठीक 24 घंटे के भीतर शरीर अपने आप खून की पूर्ति कर लेता है।