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सीओडी छिवकी को बंद न करने का रक्षा मंत्री ने दिलाया भरोसा
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प्रयागराज। केंद्रीय आयुध भंडार छिवकी को पूर्ण रूप से बंद करने के फैसले को वापस लेने के लिए सोमवार को श्रमिक संगठनों के नेता दिल्ली में रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मिले। सांसद रीता बहुगुणा जोशी के साथ पहुंचे प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने इस दौरान रक्षामंत्री को ज्ञापन सौंपा और हस्तक्षेप की गुहार लगाई। प्रतिनिधिमंडल में शामिल श्रमिक नेताओं के मुताबिक रक्षा मंत्री ने सीओडी छिवकी के सैनिक व असैनिक कामगारों के हितों की रक्षा की दिशा में कदम उठाने का भरोसा दिलाया है।
सीओडी छिवकी को बंद किए जाने के निर्णय पर अमल होने पर करीब एक हजार से अधिक कामगार प्रभावित होंगे। अब तक के आदेश में सीओडी को बंद कर वहां तैनात कर्मचारियों को दूसरे आयुध भंडारों में समायोजित करने की बात कही गई है। सोमवार की सुबह दिल्ली स्थित आवास पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से हुई मुलाकात में भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री महेश नारायण त्रिपाठी, सीओडी छिवकी श्रमिक यूनियन के नेता विवेक तिवारी, सीओडी छिवकी बचाओ संघर्ष समिति के नेता अमित कुमार ने रक्षामंत्री को सीओडी के वैभवशाली इतिहास की भी जानकारी दी। बताया कि देश में सेना के सबसे बड़े आयुध भंडार के रूप में सीओडी छिवकी की स्थापना वर्ष 1943 में की गई थी।
देश का सबसे बड़ा आयुध डिपो है छिवकी
प्रयागराज। इस आयुध डिपो में मौजूदा समय 900 असैनिक व 250 सैनिक कर्मचारी तैनात हैं। 1200 एकड़ क्षेत्रफल में फैले इस इस डिपो में आयुध भंडारण के लिए चार रेलवे प्लेटफार्म, एक रैंप और छह किमी रेल लाइन बिछाई गई है। वर्ष 1962, 1965 1971 व 1999 में हुए युद्ध के दौरान इस डिपो की भूमिका सराही जा चुकी है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से इस सीओडी को प्रशंसा पत्र दिए जाने की जानकारी रक्षामंत्री को दी गई। प्रतिनिधिमंडल में शामिल बीएमएस महामंत्री महेश ने बताया कि रक्षामंत्री ने सीओडी प्रकरण पर कर्मचारियों के हित में कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
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सीओडी छिवकी को बंद किए जाने के निर्णय पर अमल होने पर करीब एक हजार से अधिक कामगार प्रभावित होंगे। अब तक के आदेश में सीओडी को बंद कर वहां तैनात कर्मचारियों को दूसरे आयुध भंडारों में समायोजित करने की बात कही गई है। सोमवार की सुबह दिल्ली स्थित आवास पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से हुई मुलाकात में भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री महेश नारायण त्रिपाठी, सीओडी छिवकी श्रमिक यूनियन के नेता विवेक तिवारी, सीओडी छिवकी बचाओ संघर्ष समिति के नेता अमित कुमार ने रक्षामंत्री को सीओडी के वैभवशाली इतिहास की भी जानकारी दी। बताया कि देश में सेना के सबसे बड़े आयुध भंडार के रूप में सीओडी छिवकी की स्थापना वर्ष 1943 में की गई थी।
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देश का सबसे बड़ा आयुध डिपो है छिवकी
प्रयागराज। इस आयुध डिपो में मौजूदा समय 900 असैनिक व 250 सैनिक कर्मचारी तैनात हैं। 1200 एकड़ क्षेत्रफल में फैले इस इस डिपो में आयुध भंडारण के लिए चार रेलवे प्लेटफार्म, एक रैंप और छह किमी रेल लाइन बिछाई गई है। वर्ष 1962, 1965 1971 व 1999 में हुए युद्ध के दौरान इस डिपो की भूमिका सराही जा चुकी है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय की ओर से इस सीओडी को प्रशंसा पत्र दिए जाने की जानकारी रक्षामंत्री को दी गई। प्रतिनिधिमंडल में शामिल बीएमएस महामंत्री महेश ने बताया कि रक्षामंत्री ने सीओडी प्रकरण पर कर्मचारियों के हित में कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
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