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Prayagraj News: पटरियों पर उतरकर हुई डिब्बों की गिनती, एनसीआर में मिले 1900 कोच
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उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) में लगभग एक दशक के लंबे इंतजार के बाद मंगलवार को ट्रेनों के डिब्बों की भौतिक गणना यानी कोच सेंसस का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया। सुबह 10 बजे से शुरू हुए इस महाअभियान में एनसीआर के तकनीकी और परिचालन विभाग के कर्मचारी हाथ में कैमरा और मोबाइल लेकर यार्ड से लेकर पटरियों तक उतरे। पूरे जोन में 1900 कोच गिने गए।
प्रयागराज जंक्शन पर इस अभियान की शुरुआत प्रयागराज एक्सप्रेस और हमसफर एक्सप्रेस के डिब्बों की गिनती से हुई। शाम आठ बजे तक चली इस मैराथन कवायद में उत्तर मध्य रेलवे के खाते में कुल 1900 कोच दर्ज किए गए। इस विशेष कार्य के लिए रेलवे ने 75 कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई थी। अभियान की सबसे खास बात यह रही कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर कोच की जियो टैगिंग के साथ फोटो ली गई और डेटा को रियल-टाइम सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया गया। जो ट्रेनें रास्ते में थीं, उनका विवरण ऑनलाइन सिस्टम से लिया गया, जबकि वर्कशॉप और स्टेबलिंग लाइन में खड़े कोचों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया।
सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि इस गणना का मुख्य उद्देश्य कागजों और पटरियों पर मौजूद कोचों की संख्या के अंतर को खत्म करना है। इस सटीक डेटा के आधार पर भविष्य में ट्रेनों में डिब्बों की संख्या बढ़ाने और परिचालन को सुव्यवस्थित करने की योजना तैयार की जाएगी।
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प्रयागराज जंक्शन पर इस अभियान की शुरुआत प्रयागराज एक्सप्रेस और हमसफर एक्सप्रेस के डिब्बों की गिनती से हुई। शाम आठ बजे तक चली इस मैराथन कवायद में उत्तर मध्य रेलवे के खाते में कुल 1900 कोच दर्ज किए गए। इस विशेष कार्य के लिए रेलवे ने 75 कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई थी। अभियान की सबसे खास बात यह रही कि पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर कोच की जियो टैगिंग के साथ फोटो ली गई और डेटा को रियल-टाइम सॉफ्टवेयर पर अपलोड किया गया। जो ट्रेनें रास्ते में थीं, उनका विवरण ऑनलाइन सिस्टम से लिया गया, जबकि वर्कशॉप और स्टेबलिंग लाइन में खड़े कोचों का मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया गया।
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सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि इस गणना का मुख्य उद्देश्य कागजों और पटरियों पर मौजूद कोचों की संख्या के अंतर को खत्म करना है। इस सटीक डेटा के आधार पर भविष्य में ट्रेनों में डिब्बों की संख्या बढ़ाने और परिचालन को सुव्यवस्थित करने की योजना तैयार की जाएगी।
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