फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   CMP college

सीएमपी में होगा गंगा और सहायक नदियों पर शोध

Sun, 12 Jan 2020 12:52 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jan 2020 12:52 AM IST
विज्ञापन
CMP college
CMP college
नदियों को जोड़ने पर होने वाले नफा-नुकसान का होगा आकलन
विज्ञापन

डॉ. प्रतीक श्रीवास्तव के नेतृत्व में होगा शोध, मंजूर की गई ग्रांट
प्रयागराज। सीएमपी डिग्री कॉलेज में अब गंगा और उसकी सहायक नदियों पर शोध होगा। इसके लिए कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात डॉ. प्रतीक श्रीवास्तव को राष्ट्रीय शोध संस्था साइंस एंड इंजीनियरिंग रिसर्च बोर्ड (एसईआरबी) डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी से कोर रिसर्च ग्रांट मंजूर हुई है। इस शोध के लिए 33 लाख रुपये की गांट की मांग की गई थी।
सीएमपी में वनस्पति विभाग के डॉ. प्रतीक श्रीवास्तव इस प्रोजेक्ट के प्रिंसिपल इंवेस्टिगेटर होंगे, जबकि दो अन्य शिक्षक उनके सहायक के रूप में कार्य करेंगे। शोध के लिए कुल 40 स्थान चिह्नित किए गए हैं, जिनमें जंगल में ऐसी जगहें भी हैं, जहां प्रदूषण बिल्कुल नहीं है। इसके अलावा नदियों के आसपास के ऐसे स्थान हैं, जहां प्रदूषण काफी अधिक है। कुछ ऐसे स्थान भी चिह्नित किए गए हैं, जहां नदियां मिलती हैं। शोध गंगा के साथ उसकी सहायक नदियों शारदा और घाघरा पर भी होगा।
विज्ञापन

डॉ. प्रतीक के मुताबिक केंद्र सरकार की नदी जोड़ों परियोजना आई है। इसके तहत गंगा की कुछ सहायक नदियों को यमुना से जोड़े जाने की योजना है। शोध के दौरान देखा जाएगा कि इस योजना का क्या असर पड़ेगा। मसलन, कुछ क्षेत्रों को गंगा से आने वाली बाढ़ से राहत मिल सकती है तो कुछ स्थानों पर गंगा का जलस्तर भी प्रभावित हो सकता है। शोध के दौरान यह भी देखा जाएगा कि नदियों को जोड़ने से पहले गंगा के आसपास पौधों और गंगा में पाए जाने वाले शैवालों की क्या स्थिति है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शोध के बाद एक प्रस्तावित मॉडल भी तैयार किया जाएगा और प्रोजेक्ट रिपोर्ट सरकार को भेज दी जाएगी। यह पूरा शोध नमामि गंगे परियोजना के तहत होगा। डॉ. प्रतीक के अनुसार इससे पहले उन्होंने अमेठी यूनिवर्सिटी, नोएडा में भी लंबे समय तक नदियों पर शोध किया है। इसे प्रोजेक्ट से परास्नातक के छह छात्रों को जोड़ा जाएगा। प्रत्येक वर्ष दो छात्रों से प्रोजेक्ट पर काम कराया जाएगा। साथ ही अन्य छात्र छात्रों को सेमिनार आदि के माध्यम से भी जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed