प्रयागराज : उमर व अली अहमद का करीबी गिरफ्तार, रंगदारी मांगने के मामले में चल रहा था वांछित
मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। मंगलवार को उसे हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ के बाद बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। थान प्रभारी आईपीएस नीतू ने बताया कि आरोपी रंगदारी मांगने समेत अन्य मुकदमों में भी वांछित चल रहा था।
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जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के बेटे उमर व अली का करीबी मो. नसरत बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया। वह बिल्डर भाई मो. मुस्लिम को अगवा कर रंगदारी मांगने के मामले में वांछित चल रहा था। पुलिस ने कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया। नसरत चकिया का रहने वाला है। वह उमर व अली समेत उन छह आरोपियों में से एक है जो 26 अप्रैल को खुल्दाबाद थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे में नामजद किया गया था।
मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। मंगलवार को उसे हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ के बाद बुधवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। थान प्रभारी आईपीएस नीतू ने बताया कि आरोपी रंगदारी मांगने समेत अन्य मुकदमों में भी वांछित चल रहा था। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
उमर, अली समेत तीन का भी बना रिमांड
उधर इस प्रकरण में उमर व अली समेत जेल में बंद तीन आरोपियों का रिमांड भी बनवा लिया गया है। तीसरा आरोपी अतीक का बेहद खास गुर्गा रहा असाद कालिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, तीनों का रिमांड बनवाकर वारंट नैनी व लखनऊ जेल में तामील करा दिया गया है। उधर दो आरोपियों एहतेशाम करीम व अजय की तलाश जारी है।
रास्ते से अगवा कर ले गए थे
मो. मुस्लिम ने आरोप लगाया था कि पिछले 17 वर्षों से आरोपी उससे रंगदारी वसूल रहे थे। यह भी कहा था कि इसी साल जनवरी से अतीक का बेटा असद कई बार अज्ञात लोगों संग उसके लखनऊ स्थित फ्लैट पर आकर गालीगलौज व धमकी देकर रंगदारी मांग चुका था। फ्लैट पर आने के दौरान असद जेल में बंद अपने भाइयों उमर व अली से उसकी फोन पर बात कराता था। यह भी कहा था कि हर प्लॉट में उन्हें हिस्सा देना होगा। हाथ-पैर जोड़ने पर दो दिन का वक्त दिया। इसके बाद उसने गुर्गे असाद कालिया के हाथों अतीक के बेटों को 1.20 करोड़ रुपये भेजवाए।
बेल्ट से बांधकर बारजे से लटकाया था
तहरीर में लिखा था कि 2006 में उसने प्लॉटिंग व भवन निर्माण का काम शुरू किया। इसके बाद से ही अतीक, अशरफ व उनके गुर्गे आए दिन धमकी देने व रंगदारी मांगने लगे थे। उनके खौफ से ही वह लखनऊ चला गया। लेकिन माफिया व उसके गुर्गे लगातार उससे रंगदारी वसूलते रहे। बिल्डर ने कई अन्य आरोप भी लगाए हैं। बताया है कि आरोपी उसे रास्ते से अगवा कर चकिया स्थित अतीक के कार्यालय में ले गए। फिर वहां बेल्ट से बांधकर बारजे पर लटकाते हुए मारने की धमकी दी।