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Prayagraj News: भूमि के लिए संतों-तीर्थपुरोहितों में ठनी, मेला प्रशासन दफ्तर पर धरना
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खाक चौक के भूमि आवंटन को लेकर रविवार को खाक चौक के संतों और प्रयागवाल सभा के तीर्थपुरोहितों के बीच घमासान मच गया। महावीर मार्ग पर परंपरागत प्रयागवाल की भूमि पर खाक चौक के संतों ने अपना दावा जताते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सैकड़ों की संख्या में साधु-संत नारेबाजी करते हुए मेला प्राधिकरण के कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। प्रशासन की अनसुनी को लेकर सतुआ बाबा फूट-फूट कर रो पड़े। उधर, विवाद बढ़ने पर भूमि आवंटन बीच में ही रोक दिया गया।
देर रात प्रशासन ने दूसरी जगह खाक चौक के संतों को प्रयागवाल के बराबर भूमि देने का आश्वासन दिया, तब मामला शांत हो सका। संगम की रेती पर माघ मेले में समूहों में बसने वाली सबसे बड़ी आध्यात्मिक संस्था खाक चौक व्यवस्था समिति के सौ से अधिक मुकामधारियों के लिए रविवार को दूसरे दिन भी भूमि आवंटन होना था। मेला प्रशासन की राजस्व टीम भूमि आवंटन के लिए पहुंची। उसी दौरान खाक चौक व्यवस्था समिति के महामंत्री महावीर मार्ग पर बसने वाले प्रयागवाल सभा के तीर्थपुरोहितों को दूसरी जगह हटाकर उस भूमि को खाक चौक के लिए आवंटित करने की जिद पर अड़ गए।
उधर, तीर्थ पुरोहितों ने भी खाक चौक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और नारेबाजी करने लगे। तीर्थपुरोहितों का कहना था कि वह किसी भी कीमत पर अपनी भूमि नहीं छोड़ेंगे। विवाद बढ़ने पर महामंडलेश्वर सतुआ बाबा के नेतृत्व में सैकड़ों संत मेला प्रशासन कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान सतुआ बाबा ने मेला प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया। कहा कि खाक चौक के संतों को मनसइता नाले के पास फेंक दिया जाता है। यह दुर्दशा संत नहीं सहेंगे। इस दौरान सतुआ बाबा फफक-फफक कर रोने लगे। देर रात तक संतों का धरना जारी रहा, लेकिन मेला प्रशासन भी टस मस होने के लए तैयार नहीं हुआ।
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प्रभारी मेलाधिकारी दयानंद प्रसाद का कहना था कि परंपरागत तरीके से जो जहां बसते आए हैं, वह वहीं पर अपनी ही जमीनों पर बसेंगे। प्रयागवाल की भूमि छीनकर दूसरे संतों को नहीं दी जा सकती। अंतत: अक्षयवट मार्ग की दक्षिणी पटरी पर खाक चौक को प्रयागवाल के बराबर भूमि देने की मेला प्रशासन ने हामी भरी, तब जाकर धरना समाप्त हुआ।
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देर रात प्रशासन ने दूसरी जगह खाक चौक के संतों को प्रयागवाल के बराबर भूमि देने का आश्वासन दिया, तब मामला शांत हो सका। संगम की रेती पर माघ मेले में समूहों में बसने वाली सबसे बड़ी आध्यात्मिक संस्था खाक चौक व्यवस्था समिति के सौ से अधिक मुकामधारियों के लिए रविवार को दूसरे दिन भी भूमि आवंटन होना था। मेला प्रशासन की राजस्व टीम भूमि आवंटन के लिए पहुंची। उसी दौरान खाक चौक व्यवस्था समिति के महामंत्री महावीर मार्ग पर बसने वाले प्रयागवाल सभा के तीर्थपुरोहितों को दूसरी जगह हटाकर उस भूमि को खाक चौक के लिए आवंटित करने की जिद पर अड़ गए।
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उधर, तीर्थ पुरोहितों ने भी खाक चौक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और नारेबाजी करने लगे। तीर्थपुरोहितों का कहना था कि वह किसी भी कीमत पर अपनी भूमि नहीं छोड़ेंगे। विवाद बढ़ने पर महामंडलेश्वर सतुआ बाबा के नेतृत्व में सैकड़ों संत मेला प्रशासन कार्यालय पर धरने पर बैठ गए। इस दौरान सतुआ बाबा ने मेला प्रशासन पर मनमानी का आरोप लगाया। कहा कि खाक चौक के संतों को मनसइता नाले के पास फेंक दिया जाता है। यह दुर्दशा संत नहीं सहेंगे। इस दौरान सतुआ बाबा फफक-फफक कर रोने लगे। देर रात तक संतों का धरना जारी रहा, लेकिन मेला प्रशासन भी टस मस होने के लए तैयार नहीं हुआ।
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प्रभारी मेलाधिकारी दयानंद प्रसाद का कहना था कि परंपरागत तरीके से जो जहां बसते आए हैं, वह वहीं पर अपनी ही जमीनों पर बसेंगे। प्रयागवाल की भूमि छीनकर दूसरे संतों को नहीं दी जा सकती। अंतत: अक्षयवट मार्ग की दक्षिणी पटरी पर खाक चौक को प्रयागवाल के बराबर भूमि देने की मेला प्रशासन ने हामी भरी, तब जाकर धरना समाप्त हुआ।