{"_id":"572baf5e4f1c1b307f5ccfcd","slug":"clan-is-forced-to-vandalizing-saifai","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुंडई पर उतारू है सैफई खानदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुंडई पर उतारू है सैफई खानदान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 06 May 2016 02:15 AM IST
विज्ञापन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
72825 शिक्षकों की भर्ती में नियुक्ति की मांग कर रहे 2011 के बीएड-टीईटी पास अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज एवं इलाहाबाद विश्वविद्यालय के सभी पाठ्यक्रमों के लिए ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा की मांग का मामला अब राजनीतिक हो चला है। इस मामले में इविवि के छात्रों एवं टीईटी अभ्यर्थियों के समर्थन में भाजपा भी उतर आई है। भाजपा ने इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए छह सदस्यीय जांच दल भी बना दिया है। इस दल ने बृहस्पतिवार को इविवि छात्रसंघ पदाधिकारियों एवं नैनी जेल में बंद टीईटी अभ्यर्थियों से मुलाकात की। मुलाकात के बाद इस जांच दल ने इविवि के छात्रों की मांग को जहां जायज बताया तो वहीं टीईटी अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में सपा सरकार पर निशाना साधा। यहां प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि प्रदेश में सैफई खानदान गुंडई पर उतारू है।
बता दें कि इन दोनों प्रकरणों पर जांच करने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने छह सदस्यीय टीम गठित की है। इस टीम में सांसद विनोद सोनकर, महेंद्र नाथ पांडेय, काशी क्षेत्र के अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य, विधायक कृष्णा पासवान, विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना एवं प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह शामिल हैं। इस दल के सदस्यों ने आज इविवि छात्रसंघ भवन में अनशन पर बैठे छात्रनेताओं से मुलाकात की। जांच दल नैनी जेल में बंद टीईटी अभ्यर्थियों से भी मिलने गया।
सदस्यों ने सर्किट हाउस में संवाददाताओं से भी बातचीत की। यहां विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना ने कहा कि इविवि मामले में छात्रों की मांग जायज है। ऑनलाइन के साथ छात्रों को ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा का भी विकल्प मिलना चाहिए। इस मामले में जिन छात्रों का निलंबन हुआ है उसे इविवि प्रशासन वापस ले। कुलपति भी छात्रों से वार्ता में शिष्ट भाषा का प्रयोग करें। टीईटी मामले में जांच दल के सदस्यों ने सपा सरकार को सीधे तौर पर निशाने पर ले लिया। कहा कि प्रदेश सरकार के इशारे पर ही अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज हुआ। इसके लिए राज्य सरकार ही दोषी है। स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि सत्ता में आने के बाद राज्य सरकार अंग्रेजों की तरह निर्दोष लोगों पर अत्याचार कर रही है। भाजपा यह मामला सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी।
विज्ञापन
भाजपा के छह सदस्यीय जांच दल के लिए बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस का मीटिंग हॉल नहीं खोला गया। इसे लेकर भाजपा के स्थानीय नेताओं एवं सर्किट हाउस कर्मियों में बहस भी हुई। सर्किट हाउस कर्मियों का तर्क था कि प्रेस वार्ता के लिए भाजपा नेताओें ने बुकिंग नहीं कराई थी, जबकि भाजपा नेता अड़े रहे कि मीटिंग हॉल खोला जाए। काफी गहमा गहमी के बाद सर्किट हाउस के वेटिंग हॉल में किसी तरह से प्रेसवार्ता कराई जा सकी।
विज्ञापन
बता दें कि इन दोनों प्रकरणों पर जांच करने के लिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने छह सदस्यीय टीम गठित की है। इस टीम में सांसद विनोद सोनकर, महेंद्र नाथ पांडेय, काशी क्षेत्र के अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य, विधायक कृष्णा पासवान, विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना एवं प्रदेश महामंत्री स्वतंत्र देव सिंह शामिल हैं। इस दल के सदस्यों ने आज इविवि छात्रसंघ भवन में अनशन पर बैठे छात्रनेताओं से मुलाकात की। जांच दल नैनी जेल में बंद टीईटी अभ्यर्थियों से भी मिलने गया।
विज्ञापन
सदस्यों ने सर्किट हाउस में संवाददाताओं से भी बातचीत की। यहां विधानमंडल दल के नेता सुरेश खन्ना ने कहा कि इविवि मामले में छात्रों की मांग जायज है। ऑनलाइन के साथ छात्रों को ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा का भी विकल्प मिलना चाहिए। इस मामले में जिन छात्रों का निलंबन हुआ है उसे इविवि प्रशासन वापस ले। कुलपति भी छात्रों से वार्ता में शिष्ट भाषा का प्रयोग करें। टीईटी मामले में जांच दल के सदस्यों ने सपा सरकार को सीधे तौर पर निशाने पर ले लिया। कहा कि प्रदेश सरकार के इशारे पर ही अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज हुआ। इसके लिए राज्य सरकार ही दोषी है। स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि सत्ता में आने के बाद राज्य सरकार अंग्रेजों की तरह निर्दोष लोगों पर अत्याचार कर रही है। भाजपा यह मामला सड़क से लेकर सदन तक उठाएगी।
विज्ञापन
भाजपा के छह सदस्यीय जांच दल के लिए बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस का मीटिंग हॉल नहीं खोला गया। इसे लेकर भाजपा के स्थानीय नेताओं एवं सर्किट हाउस कर्मियों में बहस भी हुई। सर्किट हाउस कर्मियों का तर्क था कि प्रेस वार्ता के लिए भाजपा नेताओें ने बुकिंग नहीं कराई थी, जबकि भाजपा नेता अड़े रहे कि मीटिंग हॉल खोला जाए। काफी गहमा गहमी के बाद सर्किट हाउस के वेटिंग हॉल में किसी तरह से प्रेसवार्ता कराई जा सकी।