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मानवता का संदेश देने निकली राजा राजराजेश्वर की शोभायात्रा
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Christians culture news
- फोटो : CITY DESK
जीवंत हुई ईश्वरीय सत्ता की स्थापना के लिए प्रभु यीशु की पहल
कैंडल मार्च संग चले जुलूस में बखानी ‘क्राइस्ट द किंग’ की महिमा
प्रयागराज। प्रभु यीशु को संपूर्ण जगत का स्वामी मानने की खुशी में रविवार को मसीहियों की ओर से श्रद्धा एवं उत्साहपूर्वक कैंडल मार्च के साथ राजा राजराजेश्वर की शोभायात्रा निकाली गई। सेंट जोसेफ कैथिड्रल से आरंभ कैंडल मार्च तथा शोभायात्रा सेंट जोसेफ कालेज, कमला नेहरू रोड, हाथी पार्क, रोजगार दफ्तर, लोक सेवा आयोग, स्टेनली रोड, ताशकंद मार्ग होते हुए वापस कैथिड्रल पहुंचकर पूरी हुई। जुलूस में छोटे-छोटे बच्चों ने भी फूल भेंटकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की और यीशु के रथ को आगे बढ़ाया।
वार्षिक कैंडल मार्च में रथनुमा गाड़ी पर प्रभु यीशु के प्रतीक सहित इलाहाबाद धर्मप्रांत के बिशप रॉफी मंजली, फादर लुईस मस्करेहनस सवार थे। बिशप ने परम प्रसाद युक्त पवित्र ‘मांसट्रेंस’ को दोनों हाथों से पकड़ रखा था। रथ को पूरे रास्ते श्रद्धालुओं ने ही खींचा। क्रिसमस के चार रविवार पहले ‘क्राइस्ट द किंग’ की स्थापना के उपलक्ष्य में प्रभु के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उसकी महिमा का बखान भी किया गया। पूरे रास्ते भजन-गीत सहित प्रभु का संदेश बांटा गया, साथ ही प्रार्थनाएं भी की गईं। श्रद्धालुओं ने अपने हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां ले रखी थीं।
नाजरेथ अस्पताल परिवार के सदस्यों ने रथ को फूलों से सजाया। राजा राजराजेश्वर के पर्व पर कैथिड्रल, सेंट जोसेफ, नाजरेथ अस्पताल आदि को भी बिजली की रंगीन रोशनी से आकर्षक तरीके से सजाया गया। बाइबिल पाठ और प्रभु की महिमा के बखान से आरंभ कार्यक्रम के समापन पर पुरोहितों ने देश में शांति और सद्भाव के लिए प्रार्थना की। कैंडल मार्च में नाजरेथ के निदेशक फादर रेजिनाल्ड डिसूजा, सेंट जोसेफ के प्रिसिंपल फादर थामस कुमार, सेंट मेरीज की प्रिंसिपल सिस्टर ज्योति सीजे, रेक्टर फादर रोनाल्ड टेलिस, सेंट एंथोनी की प्रिंसिपल सिस्टर बेसी, पल्ली पुरोहित फादर हेराल्ड ताब्रो सहित विभिन्न गिरजाघरों के पुरोहित और धर्मबहनें शामिल हुईं।
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यीशु एक अद्वितीय राजा थे। वह मनुष्य के पुत्र के रूप में सेवा कराने नहीं बल्कि सेवा करने और अपना जीवन देेने के लिए आए थे। वह वास्तव में सेवक राजा हैं।
फादर लियो सिक्योरा, साधना सदन
क्राइस्ट राजा का राजत्व, दुनिया के सभी राजाओं से महान और अलग था। वह धरती पर ईश्वर का राज्य और शांति-भाईचारे की स्थापना के लिए आए थे। उनका मानवता का संदेश पूरी दुनिया के लिए अनुकरणीय है।
बिशप रॉफी मंजली, इलाहाबाद धर्मप्रांत
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कैंडल मार्च संग चले जुलूस में बखानी ‘क्राइस्ट द किंग’ की महिमा
प्रयागराज। प्रभु यीशु को संपूर्ण जगत का स्वामी मानने की खुशी में रविवार को मसीहियों की ओर से श्रद्धा एवं उत्साहपूर्वक कैंडल मार्च के साथ राजा राजराजेश्वर की शोभायात्रा निकाली गई। सेंट जोसेफ कैथिड्रल से आरंभ कैंडल मार्च तथा शोभायात्रा सेंट जोसेफ कालेज, कमला नेहरू रोड, हाथी पार्क, रोजगार दफ्तर, लोक सेवा आयोग, स्टेनली रोड, ताशकंद मार्ग होते हुए वापस कैथिड्रल पहुंचकर पूरी हुई। जुलूस में छोटे-छोटे बच्चों ने भी फूल भेंटकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की और यीशु के रथ को आगे बढ़ाया।
वार्षिक कैंडल मार्च में रथनुमा गाड़ी पर प्रभु यीशु के प्रतीक सहित इलाहाबाद धर्मप्रांत के बिशप रॉफी मंजली, फादर लुईस मस्करेहनस सवार थे। बिशप ने परम प्रसाद युक्त पवित्र ‘मांसट्रेंस’ को दोनों हाथों से पकड़ रखा था। रथ को पूरे रास्ते श्रद्धालुओं ने ही खींचा। क्रिसमस के चार रविवार पहले ‘क्राइस्ट द किंग’ की स्थापना के उपलक्ष्य में प्रभु के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उसकी महिमा का बखान भी किया गया। पूरे रास्ते भजन-गीत सहित प्रभु का संदेश बांटा गया, साथ ही प्रार्थनाएं भी की गईं। श्रद्धालुओं ने अपने हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां ले रखी थीं।
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नाजरेथ अस्पताल परिवार के सदस्यों ने रथ को फूलों से सजाया। राजा राजराजेश्वर के पर्व पर कैथिड्रल, सेंट जोसेफ, नाजरेथ अस्पताल आदि को भी बिजली की रंगीन रोशनी से आकर्षक तरीके से सजाया गया। बाइबिल पाठ और प्रभु की महिमा के बखान से आरंभ कार्यक्रम के समापन पर पुरोहितों ने देश में शांति और सद्भाव के लिए प्रार्थना की। कैंडल मार्च में नाजरेथ के निदेशक फादर रेजिनाल्ड डिसूजा, सेंट जोसेफ के प्रिसिंपल फादर थामस कुमार, सेंट मेरीज की प्रिंसिपल सिस्टर ज्योति सीजे, रेक्टर फादर रोनाल्ड टेलिस, सेंट एंथोनी की प्रिंसिपल सिस्टर बेसी, पल्ली पुरोहित फादर हेराल्ड ताब्रो सहित विभिन्न गिरजाघरों के पुरोहित और धर्मबहनें शामिल हुईं।
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यीशु एक अद्वितीय राजा थे। वह मनुष्य के पुत्र के रूप में सेवा कराने नहीं बल्कि सेवा करने और अपना जीवन देेने के लिए आए थे। वह वास्तव में सेवक राजा हैं।
फादर लियो सिक्योरा, साधना सदन
क्राइस्ट राजा का राजत्व, दुनिया के सभी राजाओं से महान और अलग था। वह धरती पर ईश्वर का राज्य और शांति-भाईचारे की स्थापना के लिए आए थे। उनका मानवता का संदेश पूरी दुनिया के लिए अनुकरणीय है।
बिशप रॉफी मंजली, इलाहाबाद धर्मप्रांत

Christians culture news- फोटो : CITY DESK