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रहीमापुर कसार गांव में तालाब में डूबने से बालक की मौत
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रहीमापुर कसार गांव में तालाब में डूबने से बालक की मौत
रविवार शाम नहाते वक्त हुआ हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
कड़ा। इलाके के रहीमापुर कसार गांव में रविवार शाम एक बालक नहाते वक्त तालाब में डूब गया। हादसे की जानकारी मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इन्होंने किसी तरह उसे बाहर निकाला। हालांकि इससे पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।
इटावा शहर के लोधी मोहल्ले की सुशीला पत्नी चंद्रशेखर का मायका रहीमापुर कसार में है। दो दिन पहले रक्षाबंधन के पर्व की वजह से वह मायके आई थी। रविवार शाम उसका करीब दस वर्षीय बेटा कृष्णा बच्चों के साथ खेलते हुए गांव के बाहर तालाब पहुंच गया। बताया जाता है कि वह तालाब में ही नहाने लगा। तभी पैर फिलने के कारण कृष्णा गहरे पानी में समा गया। यह देख साथी शोर मचाने लगे। सूचना पाकर पहुंचे परिजनों व ग्रामीणों ने किसी तरह कृष्णा को बाहर निकाला। हालांकि इससे पहले ही उसकी सांसें थम चुकी थीं। हादसे से पीड़ित परिवारीजनों की रो.रोकर हालत खराब हो गई। मामले में कड़ा कोतवाल राकेश तिवारी का कहना है कि परिवार वाले पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी नहीं हुए। इसलिए पंचनामा करके लाश उनके हवाले कर दी गई है।
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रविवार शाम नहाते वक्त हुआ हादसा
संवाद न्यूज एजेंसी
कड़ा। इलाके के रहीमापुर कसार गांव में रविवार शाम एक बालक नहाते वक्त तालाब में डूब गया। हादसे की जानकारी मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इन्होंने किसी तरह उसे बाहर निकाला। हालांकि इससे पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी।
इटावा शहर के लोधी मोहल्ले की सुशीला पत्नी चंद्रशेखर का मायका रहीमापुर कसार में है। दो दिन पहले रक्षाबंधन के पर्व की वजह से वह मायके आई थी। रविवार शाम उसका करीब दस वर्षीय बेटा कृष्णा बच्चों के साथ खेलते हुए गांव के बाहर तालाब पहुंच गया। बताया जाता है कि वह तालाब में ही नहाने लगा। तभी पैर फिलने के कारण कृष्णा गहरे पानी में समा गया। यह देख साथी शोर मचाने लगे। सूचना पाकर पहुंचे परिजनों व ग्रामीणों ने किसी तरह कृष्णा को बाहर निकाला। हालांकि इससे पहले ही उसकी सांसें थम चुकी थीं। हादसे से पीड़ित परिवारीजनों की रो.रोकर हालत खराब हो गई। मामले में कड़ा कोतवाल राकेश तिवारी का कहना है कि परिवार वाले पोस्टमार्टम कराने के लिए राजी नहीं हुए। इसलिए पंचनामा करके लाश उनके हवाले कर दी गई है।
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