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करंट से बच्चे की मौत, पिता ने किया जान देने का प्रयास
Mon, 08 Jun 2020 12:18 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 08 Jun 2020 12:18 AM IST
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
जार्जटाउन के अल्लापुर में रहने वाले संजीव बरोलिया का 4 साल का बेटा समर घर के भीतर संदिग्ध हाल में मृत मिला। मानसिक रूप से बीमार पिता संजीव ने भी फांसी लगाकर जान देने का प्रयास किया। घरवालों ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। पोस्टमार्टम में बच्चे की मौत की वजह करंट लगना आई है।
अल्लापुर के सर्वोदय नगर में रहने वाला संजीव निजी अस्पताल की कैंटीन में काम करता था। लॉकडाउन की वजह से पिछले 2 महीने से वह घर में ही रह रहा है। वह पत्नी चंदा व दो बेटों के साथ मकान के दूसरी मंजिल पर रहता था, जबकि नीचे पिता व अन्य दो भाइयों का परिवार रहता है। सेना से रिटायर पिता राम जी ने बताया कि रोज की तरह रविवार सुबह सभी लोग अपने अपने कामों में व्यस्त थे। बहू चंदा नीचे खाना बना रही थी, जबकि संजीव दोनों बेटों के साथ ऊपर अपने कमरे में था।
अचानक संजीव के 2 वर्षीय बेटे की रोने की आवाज सुनाई दी तो घरवाले ऊपर पहुंचे। दरवाजा बंद होने पर खिड़की से झांक कर देखा गया तो संजीव फांसी के फंदे पर लटका हुआ था, जबकि उसका बड़ा बेटा समर 4 वर्ष जमीन पर बेसुध पड़ा था। खिड़की तोड़कर घरवाले भीतर दाखिल हुए, लेकिन तब तक समर की मौत हो चुकी थी। संजीव की सांसें चल रही थीं। उसे फंदे से उतारकर निजी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया।
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पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे की मौत करंट से होना बताया गया है। संजीव की हालत गंभीर बनी हुई थी, उसे आईसीयू में रखा गया है।
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अल्लापुर के सर्वोदय नगर में रहने वाला संजीव निजी अस्पताल की कैंटीन में काम करता था। लॉकडाउन की वजह से पिछले 2 महीने से वह घर में ही रह रहा है। वह पत्नी चंदा व दो बेटों के साथ मकान के दूसरी मंजिल पर रहता था, जबकि नीचे पिता व अन्य दो भाइयों का परिवार रहता है। सेना से रिटायर पिता राम जी ने बताया कि रोज की तरह रविवार सुबह सभी लोग अपने अपने कामों में व्यस्त थे। बहू चंदा नीचे खाना बना रही थी, जबकि संजीव दोनों बेटों के साथ ऊपर अपने कमरे में था।
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अचानक संजीव के 2 वर्षीय बेटे की रोने की आवाज सुनाई दी तो घरवाले ऊपर पहुंचे। दरवाजा बंद होने पर खिड़की से झांक कर देखा गया तो संजीव फांसी के फंदे पर लटका हुआ था, जबकि उसका बड़ा बेटा समर 4 वर्ष जमीन पर बेसुध पड़ा था। खिड़की तोड़कर घरवाले भीतर दाखिल हुए, लेकिन तब तक समर की मौत हो चुकी थी। संजीव की सांसें चल रही थीं। उसे फंदे से उतारकर निजी अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया।
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पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे की मौत करंट से होना बताया गया है। संजीव की हालत गंभीर बनी हुई थी, उसे आईसीयू में रखा गया है।