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मंत्री नंदी के बेटे से ठगी : आईपी एड्रेस से दोनों एजेंटों तक पहुंची पुलिस, फिर हुआ खुलासा
Mon, 25 Nov 2024 04:34 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Mon, 25 Nov 2024 04:34 PM IST
सार
दोनों ने बरेली के खाते से नेटबैकिंग के जरिये अलग-अलग खातों में रकम भेजी थी। वहीं इस बात का भी खुलासा हुआ है कि खाताधारक को इस बात की जानकारी नहीं थीं एजेंट उनका खाता प्रयोग कर रहे हैं।
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नंद गोपाल गुप्ता नंदी
- फोटो : amar ujala
विस्तार
कैबिनेट मंत्री के सीए से 2.08 करोड़ की साइबर ठगी का खुलासा गिरोह के दोनों एजेंटों के आईपी एड्रेस से हुआ। दरअसल, दोनों ने विजय के माध्यम से बरेली वाले खाते का नेटबैंकिंग कस्टमर आईडी व पासवर्ड ले लिया था और इसी के जरिये पूरी रकम ठिकाने लगाई।
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जांच में पता चल गया कि उनके ही आईपी एड्रेस से खाता एक्सेस किया गया, जिस पर उन्हें दबोच लिया गया और फिर खुलासा हो गया। पुलिस के मुताबिक, खाताधारक संजीव लुब्रिकेंट कंपनी का संचालक है। उसने पूछताछ में बताया कि उसके साले सुरजीत ने पांच फीसदी कमीशन का लालच देकर उससे खाते का कस्टमर आईडी व पासवर्ड ले लिया था। साथ ही इसे अपने दोस्त विजय को दे दिया था। उसने यह भी कहा कि विजय ने खाते का एक्सेस किसे दिया, वह नहीं जानता। यही बात उसके साले सुरजीत ने भी बताई। पुलिस ने विजय से पूछा तो उसने दोनों एजेंटों दिव्यांशु व पुलकित का नाम तो बताया लेकिन उनका पता नहीं बता सका।
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इसके बाद पुलिस ने खाते का डिटेल निकाला तो पता चला कि ठगी के कुल 65 लाख रुपये नेटबैंकिंग से अलग-अलग कई खातों में ट्रांसफर की गई। जांच के क्रम में ही उन दो इंटरनेट कनेक्शन के आईपी एड्रेस मिले, जिनसे नेटबैंकिंग एक्सेस किया गया। इसके बाद पुलिस ने डिवाइस और उस नंबर का पता लगाया जिससे इंटरनेट चलाया जा रहा था और इस तरह दोनों एजेंटों को पकड़ा गया तब मामले का खुलासा हुआ।
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