रिटायर्ड फौजी हत्याकांड : दो किमी तक किया पीछा, मौका मिलते ही बोला हमला, दोस्त के सामने ही पीट-पीटकर मार डाला
घटना के वक्त बाइक दोस्त सोहन पाल चला रहा था। धर्मेंद्र पीछे बैठे थे। विवाद होते देख सोहन ने बाइक की स्पीड बढ़ा ली और फिर घर की ओर बढ़ गया। अबूबकरपुर चौराहे पर धर्मेंद्र को कुछ सामान लेना था। साथ ही वहीं से उसे भी घर चले जाना था, ऐसे में उसने बाइक रोक ली।
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धूमनगंज में रिटायर फौजी धर्मेंद्र कुमार सिंह की हत्या करने वाले बदमाशों ने करीब दो किमी तक उसका पीछा किया था। सुलेमसराय में बाइक छू जाने पर कहासुनी के बाद ही वह पीछे लग गए थे। बदमाश सुलेमसराय से पीछा करते रहे और जैसे ही अबूबकर पुर चौराहे पर रिटायर फौजी ने बाइक रोकी, उन्हें मौका मिल गया और उन्होंने वारदात अंजाम दे डाली।
मृतक की पत्नी के भाई आलोक कुमार सिंह भी फौज से रिटायर हैं और वारदात के बाद अस्पताल पहुंचने वालों में वह भी शामिल थे। उनके मुताबिक, घटना के प्रत्यक्षदर्शी सोहन पाल ने बताया कि धर्मेंद्र की हत्या करने वाले बदमाश सुलेमसराय से ही उनके पीछे लग गए थे। वहां बाइक छूने पर युवकों ने गालीगलौज की और विरोध करने पर मारपीट पर उतारू हो गए।
घटना के वक्त बाइक वह चला रहा था जबकि धर्मेंद्र पीछे बैठे थे। विवाद होते देख उसने बाइक की स्पीड बढ़ा ली और फिर घर की ओर बढ़ गया। अबूबकरपुर चौराहे पर धर्मेंद्र को कुछ सामान लेना था। साथ ही वहीं से उसे भी घर चले जाना था, ऐसे में उसने बाइक रोक ली। इसके तुरंत बाद ही पीछे से तीन बाइक पर सवार होकर वही छह युवक आ धमके, जिनसे कुछ देर पहले कहासुनी हुई थी। पहुंचते ही घेरकर पहले बदमाशों ने उसे गालियां देनी शुरू की।
धर्मेंद्र ने विरोध किया तो पिस्टल निकाल लिया और उनसे भी गालीगलौज करने लगे। फिर अचानक हमला बोल दिया। वह गिड़गिड़ाता रहा, लेकिन बदमाश तब तक वार करते रहे जब तक कि धर्मेंद्र जमीन पर नहीं गिर पड़े।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई तस्वीरें
जिस जगह पर वारदात हुई, वहां आसपास फिलहाल कोई सीसीटीवी कैमरा पुलिस को नहीं मिला है। हालांकि रास्ते पर लगे एक सीसीटीवी कैमरे में उनकी तस्वीर कैद हुई है। इस फुटेज के जरिए उनकी तलाश की जा रही है।
स्मैकियों पर शक, शाम होते ही लगता है जमावड़ा
वारदात जिस बेखौफ तरीके से अंजाम दी गई, उससे इसमें स्मैकियों के हाथ होने का भी शक जताया जा रहा है। दरअसल धूमनगंज का नीवा, गढ़वा, ताड़बाग, पीपलगांव नशेड़ियों के लिए कुख्यात है। शाम होते ही इन मोहल्लों में नशेड़ियों का जमावड़ा लगना शुरू हो जाता है। सरेराह गुंडई के अलावा नशे की लत पूरा करने के लिए वह लूट, छिनैती की वारदातें करते हैं। फरवरी में पुलिस ने ऐसे ही दो बदमाशों को रम्मन का पुरवा तिराहे से गिरफ्तार किया था। दोनों ने अपने एक अन्य साथी संग मिलकर पीपलगांव निवासी शिक्षक बृजेश कुमार से लाइसेंसी बंदूक लूट ली थी।
दो साल पहले भी हुई थी फौजी की हत्या
धूमनगंज में दो साल पहले भी एक फौजी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। 13 फरवरी 2021 की रात परिचित युवती के साथ नीमसराय में गए सेना के जवान आशुतोष सिंह की ईंट-पत्थर से सिर कूंचकर हत्या कर दी गई थी। सात स्मैकियों ने वारदात को अंजाम दिया था। फौजी की हत्या के बाद हत्यारों ने युवती से सामूहिक दुष्कर्म भी किया था। चार दिन बाद इन्हें गिरफ्तार किया गया, तब पता चला था कि सभी की उम्र 18 से 20 साल के बीच की थी।