प्रयागराज : उमर-अली समेत चार पर अपहरण, रंगदारी वसूलने में चार्जशीट, मो. मुस्लिम ने लिखाया था मुकदमा
माफिया अतीक के बेटों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कभी अतीक के करीबी रहे बिल्डर मो.मुस्लिम ने यह मुकदमा खुल्दाबाद थाने में लिखाया था। इसके अलावा दो फरार आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराया गया है। मुकदमा 26 अप्रैल को लिखा गया था। पुलिस ने आरोप पत्र न्यायालय में पेश कर दिया है।
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अतीक अहमद के बेटों उमर व अली पर पुलिस ने फिर शिकंजा कस दिया है। अपहरण, रंगदारी मांगने के मामले में उन दोनों के साथ ही कुल चार लोगों पर चार्जशीट लगा दी गई है। कभी अतीक के करीबी रहे बिल्डर मो.मुस्लिम ने यह मुकदमा खुल्दाबाद थाने में लिखाया था। इसके अलावा दो फरार आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कराया गया है।मुकदमा 26 अप्रैल को लिखा गया था।
खास बात यह है कि इसमें बिल्डर ने अपने भाई मो.नसरत को भी नामजद कराया था। उसे अगस्त में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। तीन आरोपी उमर, अली व असद कालिया जेल में बंद हैं। सूत्रों के मुताबिक पुलिस ने विवेचना के दौरान चारों पर लगे आरोप सही पाए। इसके बाद उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। दो अन्य आरोपी अजय व एहतेशाम करीम के खिलाफ विवेचना जारी है। वह अभी तक पकड़े नहीं जा सके हैं। दोनों पर गैर जमानती वारंट जारी करा लिया गया है।
अगवा कर पिटाई करने का लगाया है आरोप
बिल्डर ने धूूमनगंज के देवघाट स्थित पैतृक जमीन न देने पर अगवा कर अतीक के चकिया स्थित कार्यालय पर ले जाकर पिटाई करने का आरोप लगाया है। तहरीर में बताया है कि देवघाट में उसकी 15 करोड़ से ज्यादा मूल्य की पैतृक जमीन है। अतीक यह जमीन चाहता था, जबकि वह राजी नहीं था। इसी को लेकर उसे धमकाया व प्रताड़ित किया जाता रहता था। 2007 में लखनऊ चला गया।
हालांकि, इसके बाद भी प्रताड़ित किया जाता रहा। एक दिन वह किसी काम से अपने घर जा रहा था। इसी दौरान चकिया में उमर, अली, असाद कालिया, अजय, एहतेशाम व नुसरत ने उसे गाड़ी में खींचकर अगवा कर लिया। इसके बाद उसे अतीक के चकिया स्थित कार्यालय पर ले जाया गया और मारापीटा गया और जमीन देने का दबाव बनाया गया। इन्कार पर गाली-गलौज कर असलहा सटाकर जान से मारने की धमकी दी गई।
खुल्दाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर है मुस्लिम
मो.मुस्लिम खुल्दाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर कुल 16 मुकदमे धूमनगंज, कर्नलगंज, खुल्दाबाद, करेली में दर्ज हैं। लखनऊ के वजीरगंज थाने में भी एक केस है। गैंगस्टर भी लग चुका है। पिछले साल उमेश पाल ने भी उसे एक करोड़ की रंगदारी मांगने में नामजद किया था। दो अन्य मामलों में सूरजपाल ने 20 लाख रंगदारी मांगने, जबकि सुमन देवी ने धोखाधड़ी व जमीन कब्जाने, जान से मारने की धमकी देने समेत अन्य आरोपों में केस दर्ज कराया था। सूत्रों का कहना है कि उमेश पाल हत्याकांड में उसे हिरासत में भी लिया गया था।