मठ बाघंबरी गद्दी पहुंची सीबीआई: सेवादारों से की घंटों पूछताछ, सभी के मोबाइल किए जब्त
सीबीआई के आईजी वीके चौधरी और मुख्य जांच अधिकारी केएस नेगी शनिवार दिन में करीब 11 बजे विमान से प्रयागराज पहुंचे। दोनों एयरपोर्ट से सीधे पुलिस लाइन पहुंचे, जहां जिले के आला अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई।
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महंत नरेंद्र गिरि की मौत के मामले की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने शनिवार को अल्लापुर स्थित मठ बाघंबरी गद्दी पहुंच कर सेवादारों से घंटों पूछताछ की। टीम ने दरवाजा तोड़कर महंत नरेंद्र गिरि का शव फंदे से उतारने वाले सेवादारों से कई सवाल किए। चार सेवादारों के मोबाइल जब्त कर लिए गए हैं। सीबीआई टीम ने जिले के आला अधिकारियों के साथ पुलिस लाइन में साढ़े तीन घंटे की मैराथन मीटिंग भी की।
सीबीआई टीम आईजी वीके चौधरी और मुख्य जांच अधिकारी केएस नेगी के नेतृत्व में शाम चार बजे मठ पहुंची। टीम के साथ एसआईटी प्रभारी अजीत सिंह चौहान भी थे। टीम सीधे गेस्ट के उस कमरे के बाहर पहुंची जहां महंत का शव मिला था। पुलिस ने इस कमरे को सील कर रखा है। इसके बाद सीबीआई टीम गेस्ट हाउस के सभी कमरों में गई। कमरों और आसपास के निरीक्षण के बाद सेवादारों सर्वेश उर्फ बबलू, सुमित और धनंजय को बुलाया गया। सर्वेश और सुमित ने ही दरवाजा तोड़कर महंत के शव को नीचे उतारा था। धनंजय भी उनके साथ था। तीनों सेवादारों से घंटों पूछताछ की गई। इसके बाद उनके मोबाइल जब्त कर लिए गए। एक और सेवादार का मोबाइल जब्त किया गया है। टीम गेस्ट हाउस और मठ की छत पर भी गई। फिलहाल सील कमरे को नहीं खोला गया था। सीबीआई टीम इसी कमरे में सीन रिक्रिएट करेगी। इससे पहले सीबीआई टीम ने पुलिस लाइन में एडीजी, आईजी, डीआईजी समेत सभी आला अधिकारियों के साथ मीटिंग की।
विमान से पहुंचे आईजी और मुख्य जांच अधिकारी
सीबीआई के आईजी वीके चौधरी और मुख्य जांच अधिकारी केएस नेगी शनिवार दिन में करीब 11 बजे विमान से प्रयागराज पहुंचे। दोनों एयरपोर्ट से सीधे पुलिस लाइन पहुंचे, जहां जिले के आला अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई। जांच टीम के अधिकांश सदस्य शुक्रवार की शाम को ही प्रयागराज पहुंच गए थे।
पुलिस लाइन में केस किया गया हैंडओवर, सौंपे गए सारे दस्तावेज
सीबीआई टीम और जिले के आला अधिकारियों के साथ मीटिंग के दौरान महंत की मौत का केस सीबीआई को हैंडओवर कर दिया गया। एसआईटी ने केस से संबंधित पूरे दस्तावेज केंद्रीय जांच एजेंसी को सौंप दिए। एसआईटी प्रमुख ने खुदकुशी वाले दिन से लेकर लेकर अब तक के पूरे घटनाक्रम से सीबीआई को अवगत कराया। जांच और विवेचना के दौरान जिन लोगों से पूछताछ की गई, उसका ब्योरा भी सीबीआई को उपलब्ध करा दिया गया।
सीबीआई के आईजी वीके चौधरी और मुख्य जांच अधिकारी केएस नेगी के आने के बाद पुलिस लाइन में शनिवार दोपहर 12 बजे से जिले के आला अधिकारियों और एसआईटी सदस्यों के साथ मीटिंग शुरू हुई। इसके साथ ही एफआईआर की मूल कापी, केस डायरी और विवेचक डायरी सीबीआई को सौंप दी गई। मामले में आरोपी बनाए गए आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी के बयान और पुलिस की पूछताछ के सारे ब्योरे भी सीबीआई को सौंपे गए। मठ के सेवादारों के बयान और इस केस से जुड़े अधिकारियों की जांच रिपोर्ट के साथ विवेचक का लिखित बयान भी सौंपा गया।
विवेचक ने शुक्रवार को अदालत की अनुमति लेकर नैनी जेल में आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी से पूछताछ की थी। पूछताछ का पूरा ब्योरा टीम को उपलब्ध करा दिया गया। इसके साथ ही एसआईटी प्रमुख अजीत सिंह चौहान और टीम के अन्य सदस्यों ने खुदकुशी वाले दिन से लेकर अब तक के सारे घटनाक्रम से टीम को अवगत कराया। एडीजी, आईजी और डीआईजी ने भी केस से संबंधित अपनी राय सीबीआई को बताई। तीनों आरोपियों के मोबाइल की जांच भी पुलिस ने की थी। नरेंद्र गिरि के मोबाइल कॉल डीटेल्स और तथा अन्य डाटा भी सौंप दिया गया। सीबीआई ने एसआईटी के अधिकारियों से केस से संबंधित कई प्रश्न भी पूछे। डीआईजी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी ने बताया कि सीबीआई टीम को केस हैंडओवर कर दिया गया है। टीम ने जांच शुरू कर दी।