होली पर सावधानी : आंखों में चश्मा और शरीर पर नारियल तेल लगाकर खेलें होली, जरा सी चूक पड़ सकती है भारी
होली पर्व के दौरान रंग खेलते समय अपनी त्वचा और आंखों का विशेष ख्याल रखना चाहिए क्योंकि जरा सी चूक रंग में भंग डालने का काम कर सकती है। अगर देखा जाए तो हर साल करीब 25 फीसदी मामले त्वचा और आंखों में इन्फेक्शन के आते हैं।
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होली पर्व के दौरान रंग खेलते समय अपनी त्वचा और आंखों का विशेष ख्याल रखना चाहिए क्योंकि जरा सी चूक रंग में भंग डालने का काम कर सकती है। अगर देखा जाए तो हर साल करीब 25 फीसदी मामले त्वचा और आंखों में इन्फेक्शन के आते हैं। ऐसे में जहां सुरक्षित होली के लिए हर्बल रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए, तो वहीं रंग खेलने के लिए खुद को तैयार करना भी जरूरी है। जिसके लिए कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना आवश्यक है।
स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. कावेरी सिन्हा कहती हैं कि त्वचा को सुरक्षित रखने के लिए होली खेलने से पहले भरपूर पानी पीना चाहिए, ताकि शरीर में नमी बनी रहे। साथ ही बाहर जाने से पहले नारियल तेल या बॉडी लोशन अच्छी तरह से लगाएं, लेकिन मॉइस्चराइजिंग क्रीम का ही उपयोग करें, न कि मॉइस्चराइजिंग लोशन का। होली खेलते समय दूसरों पर जबरदस्ती रगड़कर रंग न लगाएं और उनकी आंखों व मुंह की सुरक्षा का ध्यान रखें। अगर गलती से रंग आंखों में चला जाए, तो यह गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है।
ऐसे में रासायनिक रंगों और डाई का उपयोग न करके हर्बल या प्राकृतिक रंगों का उपयोग करना चाहिए। गीले रंगों के बजाय अबीर और गुलाल से होली खेलें। अक्सर देखा जाता है कि होली के बाद लोग त्वचा से रंग छुड़ाने के लिए जोर-जोर से रगड़ते हैं, जिससे रैशेज और एलर्जी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। वहीं मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर एवं विश्व प्रसिद्ध नेत्र सर्जन डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि होली खेलते समय आंखों की सुरक्षा के लिए विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए।
आखों को कैसे रखें सुरक्षित
1-आंखों के आसपास नारियल तेल या मॉइस्चराइजर लगाएं, जिससे रंगों के हानिकारक केमिकल का सीधा असर न हो।
2-यदि संभव हो तो चश्मा पहनें, ताकि रंग आंखों में न जाए।
3-पास में साफ पानी अवश्य रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत आंखों को धोया जा सके।
4-कॉन्टैक्ट लेंस पहनकर होली न खेलें, क्योंकि यह आंखों को अधिक संवेदनशील बना सकता है।
5-पक्के व केमिकल युक्त रंगों से बचें, क्योंकि इनमें मरकरी और लेड जैसे हानिकारक रसायन होते हैं, जो आंखों में जलन, लालिमा और स्थायी दृष्टि दोष का कारण बन सकते हैं।
6-अगर आंखों में रंग चला जाए तो आंखों को बिल्कुल न रगड़ें, इससे पुतली पर खरोंच आ सकती है और इंफेक्शन हो सकता है।
7-तुरंत साफ पानी से आंखों को धोएं और यह प्रक्रिया तब तक दोहराएं जब तक जलन पूरी तरह खत्म न हो जाए।
8-यदि जलन बनी रहती है तो स्वयं से कोई इलाज न करें और तुरंत किसी नेत्र रोग विशेषज्ञ से संपर्क करें।
कैसे रखें त्वचा सुरक्षित
1-अत्यधिक साबुन का प्रयोग न करें
2-रंग छुड़ाने के लिए तीन बार से अधिक साबुन न लगाएं, हल्के हाथों से धोएं।
3-रंग खुद-ब-खुद दो दिन में हल्का हो जाएगा, इसलिए ज्यादा घबराने की जरूरत नहीं है।
4-बच्चों की कोमल त्वचा पर कपड़े धोने वाले डिटर्जेंट या हार्ड साबुन का प्रयोग न करें।
5-बर्फ से त्वचा को आराम दें
6-एक साफ सूती कपड़े में बर्फ के टुकड़े लपेटकर 10-15 मिनट तक हल्के हाथों से रगड़ें।
7-इससे त्वचा के रोमछिद्र बंद होंगे, जिससे हानिकारक रसायनों का असर कम होगा।
8-त्वचा और बालों की सुरक्षा के लिए तेल लगाएं
सुरक्षित व खुशियों से भरी होली खेलें। इसके लिए जरूरी है, अपनी आंखों के प्रति सावधान रहना। इसलिए रंग खेलने के दौरान उचित गाइड लाइन का उपयोग करें। - डॉ. एसपी सिंह, वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ, एमएलएन मेडिकल कॉलेज।
होली से पहले त्वचा पर तेल और संस्क्रीम लगाकर उसे सुरक्षित रखना चाहिए। साथ ही रंग छुड़ाने के लिए कठोर रगड़ाई से बचें और नेचुरल उपायों का उपयोग करें। त्वचा और बालों की देखभाल के लिए सही तेल, मॉइस्चराइजर और फेस पैक का प्रयोग करें। - डॉ. कावेरी सिन्हा, त्वचा रोग विशेषज्ञ।