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कैट ट्रिब्यूनल ने कहा : व्हाट्सएप पर ‘ओके’ लिखना छुट्टी मंजूरी का पुख्ता सबूत नहीं, रेलकर्मी की याचिका खारिज

Sat, 24 Oct 2026 01:31 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 24 Oct 2026 01:31 PM IST
सार

केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) इलाहाबाद ने कहा है कि व्हाट्सएप पर वरिष्ठ अधिकारी का ‘ओके’ लिखना अपने आप में सक्षम प्राधिकारी से छुट्टी मंजूर होने का पुख्ता सबूत नहीं है।

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CAT Tribunal stated: Writing ‘OK’ on WhatsApp is not conclusive proof of leave approval
अदालत का फैसला। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) इलाहाबाद ने कहा है कि व्हाट्सएप पर वरिष्ठ अधिकारी का ‘ओके’ लिखना अपने आप में सक्षम प्राधिकारी से छुट्टी मंजूर होने का पुख्ता सबूत नहीं है। खासकर तब, जब संबंधित अवधि में विभाग का प्रशासनिक कार्य किसी दूसरे अधिकारी के पास हो और वही छुट्टी मंजूर करने के लिए सक्षम हो। इस टिप्पणी के साथ न्यायिक सदस्य रजनीश कुमार राय ने प्रयागराज से फतेहपुर किए गए रेलवे कर्मचारी के तबादले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी।

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आवेदक कर्मचारी उत्तर मध्य रेलवे में चीफ कमर्शियल सुपरवाइजर/कमर्शियल मैनेजमेंट इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत था। उसका कहना था कि वह 14 से 16 जुलाई 2025 तक तीन दिन की छुट्टी लेकर घर गया था। 16 जुलाई को उसने व्हाट्सएप के जरिये वरिष्ठ मंडल वाणिज्यिक प्रबंधक (कोचिंग), प्रयागराज से 17 और 18 जुलाई की अतिरिक्त छुट्टी मांगी थी। अधिकारी ने जवाब में ‘ओके’ लिखा था। इसके बाद ड्यूटी पर लौटने पर उसका दुर्भावनापूर्ण तरीके से फतेहपुर तबादला कर दिया गया। याची ने तबादले को कैट में चुनौती दी।
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पोर्टल के माध्यम से सक्षम प्राधिकारी से मंजूर कराना जरूरी : रेलवे

रेलवे की ओर से कहा गया कि नियमों के तहत छुट्टी मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (एचआरएमएस) पोर्टल के माध्यम से सक्षम प्राधिकारी से मंजूर कराना जरूरी है। केवल आवेदन देने से छुट्टी स्वीकृत नहीं हो जाती।
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प्रशासनिक जरूरत के तहत तबादले को मनमाना या दंडात्मक नहीं मान सकते : कैट

कैट ने कहा कि आवेदक ऐसा कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सका, जिससे साबित हो कि उसका तबादला दुर्भावना या अनुशासनात्मक कार्रवाई के तहत दंड देने के उद्देश्य से किया गया था। तबादले की प्रक्रिया प्लेसमेंट कमेटी के माध्यम से पूरी की गई और सक्षम अधिकारी ने मंजूरी दी थी। ऐसे में प्रशासनिक जरूरतों के तहत किए गए तबादले को मनमाना या दंडात्मक नहीं माना जा सकता।

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