फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Case of installing spy camera in bathroom: Secrets will be revealed after the arrest of technician

बाथरूम में स्पाई कैमरा लगाने का मामला : टेक्निीशियन की गिरफ्तारी के बाद खुलेंगे राज

Sun, 05 Jun 2022 06:00 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 05 Jun 2022 06:00 AM IST
सार

राजापुर निवासी फैय्याज का एक ठिकाना म्योराबाद में भी होने की जानकारी पुलिस को मिली है। जिस पर एक टीम ने वहां भी दबिश दी। फिलहाल वह पकड़ में नहीं आ सका है। अफसरों का कहना है कि उसकी तलाश की जा रही है।

विज्ञापन

विस्तार

छात्राओं के बाथरूम में स्पाई कैमरा लगाने के मामले में कई राज टेक्नीशियन फैय्याज के पकड़े जाने के बाद खुलेेंगे। राजापुर निवासी यह आरोपी घटना वाले दिन से ही फरार चल रहा है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में जुटी हैं। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ में पता चलेगा कि स्पाई कैमरा फिट करने का यह खेल उसने केवल एक ही जगह पर किया, या अन्य लॉज या हॉस्टलों में भी ऐसा किया गया।

विज्ञापन



राजापुर निवासी फैय्याज का एक ठिकाना म्योराबाद में भी होने की जानकारी पुलिस को मिली है। जिस पर एक टीम ने वहां भी दबिश दी। फिलहाल वह पकड़ में नहीं आ सका है। अफसरों का कहना है कि उसकी तलाश की जा रही है। उधर, आरोपी आशीष खरे के घर से बरामद हार्ड डिस्क, डीवीआर समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान को सोमवार को जंाच के लिए एफएसएल भेजने की तैयारी है।
विज्ञापन



शनिवार को इस संबंध में कर्नलगंज पुलिस लिखापढ़ी में जुटी रही। गौरतलब है कि एक जून को इस मामले का खुलासा तब हुआ था जब किराये पर रहने वाली छात्रा बाथरूम में गई थी। इसी दौरान पता चला कि बाथरूम में लगे शॉवर में स्पाई कैमरा फिट किया गया था। एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में कितने हॉस्टल-लॉज, इसका कोई नहीं रिकॉर्ड

छात्राओं के बाथरूम में स्पाई कैमरा लगाने की घटना सामने आने के बाद लॉज व निजी हॉस्टलों में रहने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले में नियमविरुद्ध तरीके से सैकड़ों हॉस्टल व लॉज संचालित किए जा रहे हैं। इनका न तो कहीं पंजीकरण है और न ही यहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हैं। लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि प्रशासन और पुलिस के रिकॉर्ड में इनके संबंध में कोई जानकारी ही मौजूद नहीं है।


शहर में बड़ी संख्या में पढ़ाई के सिलसिले में बाहर के जिलों से छात्राएं आती हैं। इनमें से ज्यादातर अलग-अलग इलाकों में स्थित लॉज व हॉस्टलों में रहती हैं। एक अनुमान के मुताबिक, शहर व आसपास के इलाकों में छोेटे-बड़े कुल मिलाकर 250 से ज्यादा हॉस्टल व लॉज संचालित हो रहे हैं। लेकिन इनमें से अधिकांश का संचालन नियम विरुद्ध तरीके से हो रहा है। इनमें न तो सुरक्षा की व्यवस्था है और न ही इनका कहीं पंजीकरण है।


नियम के मुताबिक, इन्हें किरायेदारों का सत्यापन भी कराना चाहिए लेकिन संचालक यह भी नहीं करते। चौंकाने वाली बात यह है कि प्रशासन व पुलिस के पास भी इनका कोई रिकॉर्ड नहीं है। एडीएम सिटी मदन कुमार का कहना है कि मौजूदा समय में इसका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है कि जिले में कितने निजी हॉस्टल व लॉज संचालित हो रहे हैं। उधर, नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा का कहना है कि सराय एक्ट की धारा तीन के तहत केवल गेस्ट हाउस का ही पंजीकरण किया जाता है। लॉज या हॉस्टलों के पंजीकरण की व्यवस्था नहीं है। यह जरूर है कि जानकारी में आने पर लॉज व हॉस्टलों से व्यावसायिक कर वसूला जाता है।

पुलिस भी बंद किए रहती है आंखें
निजी हॉस्टल व लॉज के मामलों में पुलिस भी आंखें बंद किए बैठी रहती है। यहां तक कि किरायेदारों के सत्यापन की जांच भी उसकी ओर से नहीं की जाती। करीब चार महीने पहले रेलवे भर्ती परीक्षा को लेकर प्रयाग स्टेशन के पास हुए बवाल के बाद पुलिस अफसरों ने कहा था कि निजी हॉस्टल व लॉज की सूची बनवाई जाएगी। साथ ही इनमें रहने वालों का सत्यापन कराया जाएगा। इसके तहत सूची बनाई भी गई। लेकिन कुछ समय बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। एसएसपी अजय कुमार का कहना है कि कचहरी रोड पर हुुई घटना के बाद सभी थानों को निर्देशित किया गया है। कहा गया है कि महिला कांस्टेबलों को भेजकर गर्ल्स हॉस्टलों व लॉज में जांच करा ली जाए।


अपराधी भी कर रहे थे संचालन
लॉज व हॉस्टलों के संबंध में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई जांच पड़ताल न किए जाने का ही नतीजा है कि अपराधी भी इस धंधे में लिप्त हैं। कुछ समय पहले ही नैनी में जुआ संचालक और अपराधियों को शरण देने वाले पंकज सिंह के लॉज में पुलिस ने छापा मारा था। कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्त नंदी पर बम से हमला करने का आरोपी माफिया दिलीप मिश्र भी औद्योगिक क्षेत्र में चार मंजिला लॉज संचालित करता था। जिसे बाद में पीडीए ने ढहा दिया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed