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Prayagraj : एसआरएन में डॉक्टर की मौत का मामला, लखनऊ से आई मेडिको लीगल टीम ने एकत्र किए सबूत

Thu, 24 Oct 2024 02:27 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 24 Oct 2024 02:27 PM IST
सार

बीते 28 सितंबर की रात कार्तिकेय श्रीवास्तव (27) एसआरएन अस्पताल के पार्किंग एरिया में अपनी कार के भीतर मृत पड़े मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत और फिर परिजनों की ओर से हत्या का आरोप लगने के बाद केस केस को स्टेट मेडिको लीगल सेल को लीगल ओपिनियन के लिए सौंप दिया गया था।

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Case of doctor's death in SRN, medico legal team from Lucknow collected evidence
एसआरएन में डॉक्टर कार्तिकेय की मौत की जांच करने पहुंची टीम। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के जूनियर रेजिडेंट कार्तिकेय श्रीवास्तव (27) की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए सुबूत जुटाए जा रहे हैं। बुधवार को लखनऊ से स्टेट मेडिको लीगल सेल (स्पेशल सेल) की टीम कोतवाली प्रभारी के साथ क्राइम सीन पर पहुंची और यहां से कई सबूत एकत्र किए।

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बीते 28 सितंबर की रात कार्तिकेय श्रीवास्तव (27) एसआरएन अस्पताल के पार्किंग एरिया में अपनी कार के भीतर मृत पड़े मिले थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत और फिर परिजनों की ओर से हत्या का आरोप लगने के बाद केस केस को स्टेट मेडिको लीगल सेल को लीगल ओपिनियन के लिए सौंप दिया गया था।
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इसी सिलसिले में बुधवार दोपहर करीब 12:10 बजे मेडिको लीगल सेल के सहायक निदेशक डॉ. कीर्तिवर्धन सिंह अपनी टीम के साथ कोतवाली पहुंचे। यहां करीब डेढ़ घंटे कोतवाली थाना प्रभारी से केस के संबंध में पूरी जानकारी हासिल की। पूछा कि कार्तिकेय श्रीवास्तव के मौत को लेकर प्राथमिक जांच में पुलिस क्या मानकर चल रही है? साथ ही पुलिस ने तीन डॉक्टरों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया तो किस आधार पर किया है?
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इन तमाम सवालों के बाद टीम करीब 1:40 बजे टीम कोतवाली थाना प्रभारी रोहित कुमार तिवारी को लेकर एसआरएन पहुंची। वारदात स्थल पर पहुंचकर टीम ने एसआरएन चौकी में तैनात पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ की। इसके बाद मौके पर कई सहयोगी डॉक्टरों को बुलाया गया।

दो डॉक्टरों के दर्ज किए बयान

मृतक डॉ. की बहन डॉ. अदिति श्रीवास्तव (जेल अधीक्षक, बिजनौर) ने कोतवाली में तीन डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। मामले में सबूत एकत्र करने के लिए तीन में से दो डॉक्टरों के बयान दर्ज किए गए। इस दौरान दोनों ही डॉक्टरों से करीब 20 से ज्यादा सवाल पूछे गए। एसआरएन में करीब तीन घंटे जांच करने के बाद टीम देर-शाम वापस लखनऊ रवाना हो गई।

शासन को सौंपा जाएगी ओपिनियन रिपोर्ट

शव मिलने के बाद पता चला था कि कार्तिकेय ओटी से गायब हो गए थे। इस कड़ी में जांच आगे बढ़ाई गई। केस की गुत्थी सुलझाने के लिए स्टेट मेडिको लीगल सेल ने ओटी और घटनास्थल की दूरी भी मापी। पाया कि ओटी से कार्तिकेय की कार लगभग 140 कदम की दूरी पर खड़ी थी। इसी में कार्तिकेय का शव मिला था। वहीं, सूत्रों के अनुसार स्टेट मेडिको लीगल सेल अपनी ओपिनियन रिपोर्ट अगले माह तक शासन को साैंप देगा। इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह था मामला

कार्तिकेय श्रीवास्तव एसआरएन अस्पताल के पार्किंग एरिया में अपनी कार के भीतर मृत पड़े मिले थे। कार में एनेस्थीसिया में इस्तेमाल होने वाले इंजेक्शन के दो वायल और सिरिंज मिली थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दम घुटने से मौत की पुष्टि हुई थी। उनकी बहन ने हत्या का शक जताते हुए संस्थान के ही एक असिस्टेंट प्रोफेसर व दो जूनियर डाॅक्टरों पर केस दर्ज कराया था। कार्तिकेय मूल रूप से जिला कोटद्वार उत्तराखंड के रहने वाले थे।

कार की भी हुई वीडियोग्राफी

कार्तिकेय का जिस कार में शव मिला था, टीम ने उसे भी पूरी तरह खंगाला। इसके साथ ही वीडियोग्राफी और फोटो भी ली गई। बता दें कि इस कार की पहले भी दो बार फॉरेंसिक जांच हो चुकी है। वहीं, कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि लखनऊ से आई टीम देर शाम को वापस लौट गई।

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