बिना इलाज मौत का मामला : राहत के लिए की जा रही पीड़ित परिवार की तलाश, अखिलेश ने सोशल मीडिया पर कसा तंज
झूंसी में एक महिला की इलाज के अभाव में शुक्रवार को मौत हो गई थी। परिवार के पास दाह संस्कार के लिए भी पैसा नहीं था और पति तथा पिता एक चादर में शव रखकर बांस के सहारे कंधे पर लेकर पैदल ही जा रहे थे। यह स्थिति देख स्थानीय लोगों ने चंदा जुटाकर दाह संस्कार कराया।
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बिना इलाज के महिला की मौत के बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवार को राहत पहुंचाने की कवायद शुरू की है लेकिन शनिवार को परिजन मिले ही नहीं। प्रशासन और पुलिस की टीम का दावा है कि उन्होंने कई जगह तलाश की लेकिन परिजनों का पता नहीं चला। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की टीम को पीड़ित परिवार के लोग मिले और अब उनकी पहचान पत्र बनाने की संभावना तलाशी जा रही है। ताकि, अन्य योजनाओं का लाभ दिलाया जा सके।
झूंसी में एक महिला की इलाज के अभाव में शुक्रवार को मौत हो गई थी। परिवार के पास दाह संस्कार के लिए भी पैसा नहीं था और पति तथा पिता एक चादर में शव रखकर बांस के सहारे कंधे पर लेकर पैदल ही जा रहे थे। यह स्थिति देख स्थानीय लोगों ने चंदा जुटाकर दाह संस्कार कराया।
मामला संज्ञान में आने के बाद डीएम नवनीत सिंह चहल ने जांच का आदेश देने के साथ पीड़ित परिवार को आवास समेत अन्य योजनाओं का लाभ दिए जाने का निर्देश दिया। उन्होंने इसके लिए सीएमओ, नगर आयुक्त, एडीएम को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।
पीड़ित परिवार का नहीं लगा पता
इसी क्रम में फूलपुर के नायब तहसीलदार धनंजय यादव की अगुवाई में टीम ने नीबी, बजहां समेत कई गांवों में पूछताछ की, लेकिन पीड़ित परिवार नहीं मिला। पुलिस ने भी जगह-जगह छानबीन की लेकिन परिवार नहीं मिला। टीम में शामिल कर्मचारियों का कहना था कि लोगों से पूछताछ में पता चला कि परिवार संभवत: वाराणसी का है। उनकी तलाश की जा रही है। एडीएम अजीत जायसवाल ने कहा कि परिवार को पता लगाया जा रहा है। नीबी की प्रधान रंजना द्विवेदी ने बताया कि पीडि़त परिवार उनकी गांव का नहीं है।
वहीं सीएमओ के निर्देश पर कोटवां बनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डाॅ.मनीष मौर्य की अगुवाई में टीम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की। सीएमओ डॉ.आशू पांडेय का कहना है कि यह परिवार घुमंतू समूह का है। इनके पास कोई पहचान पत्र नहीं है। पहले इनका पहचान पत्र बनवाना होगा। इसके बाद आयुष्मान कार्ड समेत अन्य योजनाओं का लाभ मिल पाएगा।
अधिकारियों को पता लगाने का दिया गया है निर्देश - डीएम
सीएमओ, नगर आयुक्त और एसडीएम से पीड़ित परिवार और घटना के बारे में पता लगाने के लिए कहा गया है। प्रारंभिक सूचना के अनुसार यह परिवार वाराणसी का है। वह यहां कब आया और कहां रहता है समेत अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। इन्हें किस तरह से मदद पहुंचाई जा सकती है यह देखा जाएगा। - नवनीत सिंह चहल, डीएम
जहां मृतक का सम्मान नहीं, वहां अमृतकाल नहीं : अखिलेश यादव
बिना इलाज के महिला की मौत तथा शव को पैदल ही बांस तथा चादर के सहारे कंधे पर लादकर ले जाने की घटना को लेकर राजनीतिक दलों ने सरकार को घेरा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर घटना से संबंधित वीडियो पोस्ट करने के साथ लिखा है कि, जहां मृतक का सम्मान नहीं, वहां अमृतकाल नहीं। पीड़ित परिवार को अखिलेश यादव की ओर से एक लाख रुपये की मदद दिए जाने की घोषणा संबंधी सूचना भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है लेकिन किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की। वहीं कांग्रेस की ओर से पोस्ट किया गया है कि सरकार सिर्फ अच्छा दिखाने में जुटी है। जबकि, इस घटना से जमीनी सच्चाई का अनुमान लगाया जा सकता है।