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21 हिरनों की मौत का मामला : घटना के नौ दिन बाद सीसीटीवी फुटेज खंगालने की तैयारी
Thu, 05 Jan 2023 11:10 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 05 Jan 2023 11:10 PM IST
सार
छतनाग के आनंद कानन बिरला हाउस में वन विभाग की जांच टीम हिरनों की मौत के नौ दिन बाद घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालेगी। वन विभाग यूनिवर्सल केबल प्राइवेट लिमिटेड के चार अन्य अधिकारियों को भी नोटिस भेजने की तैयारी की है।
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चिंकारा। सांकेतिक चित्र।
- फोटो : चिंकारा। सांकेतिक चित्र।
विस्तार
छतनाग के आनंद कानन बिरला हाउस में वन विभाग की जांच टीम हिरनों की मौत के नौ दिन बाद घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालेगी। वन विभाग यूनिवर्सल केबल प्राइवेट लिमिटेड के चार अन्य अधिकारियों को भी नोटिस भेजने की तैयारी की है। इससे पहले संस्था के सुरक्षा कर्मी जंग बहादुर, सुरक्षा अधिकारी अवधेश कुमार व कीपर लाल चंद्र यादव को जेल भेजा जा चुका है। वहीं बीट प्रभारी राकेश व वन दरोगा इंद्रकांत को निलंबित किया गया है।
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सहायक वन संरक्षक कुंज बिहारी वर्मा के नेतृत्व में बनी जांच ने शुरूआती जांच में पाया है कि बाड़े में लगी छह फुट ऊंची जाली कई जगहों पर नीचे तक नहीं थी। जिसके रास्ते कोई भी छोटा जानवर अंदर प्रवेश कर सकता है। बता दें कि 27 दिसंबर की रात कुछ आवारा कुत्तों ने बाड़े में घुसकर 20 हिरनों व एक चिंकारा को मार डाला था।
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दो हेक्टेयर के बाड़े में दो सीसीटीवी
1988 में छतनाग स्थित आनंद कानन को वन विभाग द्वारा हिरन रखने का लाइसेंस वन विभाग ने दिया था। जिसके बाद इस प्रकार की यह पहली घटना है। जांच अधिकारी कुंज बिहारी वर्मा का कहना है कि मौका मुआयना करने पर उन्हें एक सीसीटीवी फुटेज बाड़े के पास व दूसरा गेट पर लगा दिखा।
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यथा स्थिति से अवगत नहीं कराया
जांच में पाया गया कि बीट प्रभारी राकेश कुमार व वन दरोगा इंद्रकांत ने समय-समय पर बाड़े की स्थिति का जायजा नहीं लिया। इसके अलावा बाड़े की सुरक्षा कर रही संस्था ने भी विभाग को कोई जानकारी नहीं दी।
बाड़े की सुरक्षा में लगाई गई जाली कई जगहों पर नीचे तक नहीं थी। अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हर एक पहलू को परखा जाएगा। -कुंज बिहारी वर्मा, सहायक वन संरक्षक