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लॉकडाउन से मुसीबत में कैंसर और किडनी के मरीज, किसी का लखनऊ तो किसी का दिल्ली में चल रहा है उपचार
Tue, 05 May 2020 12:07 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 05 May 2020 12:07 AM IST
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kidney
- फोटो : kidney
महामारी कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए हुए लॉकडाउन के चलते किडनी और कैंसर रोगियों की मुसीबत बढ़ गई है। लॉकडाउन के चलते मरीज न तो डॉक्टर के पास जाकर जांच करवा पा रहे हैं और न ही दवा खरीद पा रहे हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले के 1383 लोग कैंसर रोग से पीड़ित हैं। इनमें किसी को ब्रेन कैंसर तो किसी को चेस्ट य फिर पेट के किसी अंग में कैंसर हो गया है। कुछ ही ऐसे लोग हैं जो मुह के कैंसर से पीड़ित हैं। जिले में कैंसर की जांच और इलाज के लिए चिकित्सक की व्यवस्था न होने के कारण लोग प्रयागराज या फिर लखनऊ ओैर मुंबई में स्थित अस्पतालों में लोग अपना इलाज कराते हैं।
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ज्यादातर लोगों का इलाज मुंबई से चल रहा है। इन्हें हर माह जांच कराने के लिए मुंबई जाना होता है। जांच के बाद चिकित्सक दवाएं लिखते हैं। महामारी कोरोना वायरस के चलते देश में लॉकडाउन चल रहा है। ऐसे में मरीज न तो जांच कराने के लिए चिकित्सक के पास मुंबई जा पा रहे हैं और न ही दवाएं खरीद पा रहे हैं।
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किडनी
इससे उनकी हालत बिगड़ती जा रही है। जिले के 3 हजार से अधिक लोग किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं। इनमे एक हजार लोग जहां जिला अस्पताल में पहुंचकर अपना डायलिसिस करवा रहे हैं तो वहीं ज्यादातर लोग प्रयागराज य फिर लखनऊ से अपना इलाज करवा रहे हैं। मगर लॉकडाउन के चलते हर कोई घर में कैद है। इलाज के लिए अस्पताल नहीं पहुंच पा रहे हैं।
रोगियों को इलाज कराने के लिए जाने के लिए पूर्ण रूप से छूट है। जांच और इलाज कराने के लिए जाते समय प्रशासन को सूचना देनी होगी। प्रशासन की ओर से पास जारी किया जाएगा। लौटते समय फिर सूचित करने पर उनकी कोरोना की जांच करने के बाद घर भेजा जाएगा। जाने के लिए वाहन की व्यवस्था कोई नहीं उपलब्ध कराएगा।
डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
रोगियों को इलाज कराने के लिए जाने के लिए पूर्ण रूप से छूट है। जांच और इलाज कराने के लिए जाते समय प्रशासन को सूचना देनी होगी। प्रशासन की ओर से पास जारी किया जाएगा। लौटते समय फिर सूचित करने पर उनकी कोरोना की जांच करने के बाद घर भेजा जाएगा। जाने के लिए वाहन की व्यवस्था कोई नहीं उपलब्ध कराएगा।
डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीएमओ।