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नशे में धुत युवकों का बारातियों पर हमला, बोलेरो कूंची

Fri, 26 Apr 2019 01:10 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 26 Apr 2019 01:10 AM IST
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Bunker attack on baras, bolero couches
रास्ते के विवाद में गई महिला की जान - फोटो : demo pic
मेजा के कोहड़ार कस्बे के पास नशे में धुत युवकों ने जमकर तांडव किया। रीवा से आ रहे बारातियों पर न सिर्फ हमला बोला बल्कि उनकी बोलेरो भी कूंच दी। हमले में आधा दर्जन बाराती घायल हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। देर रात थाने में तीन लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी घर छोड़कर भागे हुए हैं। 
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मेजा के ममोली गांव के रहने वाले उमेश तिवारी किसान हैं। बृहस्पतिवार को उनकी बेटी की शादी थी। जिसमें शामिल होने के लिए बाराती मध्य प्रदेश के रीवा से आ रहे थे। कुछ बाराती बोलेरो पर सवार थे। कोहड़ार कस्बे के पास पहुंचने पर बारातियों ने वहां खड़े तीन युवकों से उमेश के मकान का पता पूछा। आरोप है कि इस पर नशे में धुत तीनों युवकों ने उन्हें गालियां देनी शुरू कर दी। बारातियों ने विरोध किया तो युवक विवाद करने लगे और मारपीट पर उतारू हो गए।
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इस दौरान एक युवक वहां से चला गया और अगले ही पल कस्बे के भीतर से 25-30 लोगों को साथ ले आया। इसके बाद युवकों ने उनके साथियों ने बारातियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा जिसमें करीब आधा दर्जन बाराती घायल हो गए। इससे भी मन नहीं भरा तो ईंट-पत्थरों से बोलेरो कूंच दी। इसके बाद हमलावर भाग निकले। सूचना मिली तो शादी वाले घर से लोग भागते हुए पहुंचे। कुछ देर बाद पुलिस भी पहुंच गई। छानबीन में पता चला कि तीनों हमलावर युवक कोहड़ार कस्बे के ही रहने वाले हैं। देर रात भुक्तभोगी व्यापारियों ने मेजा थाने में तीनों युवकों के खिलाफ नामजद तहरीर दी। पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। 
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इस पूरे मामले में कोहड़ार चौकी पुलिस की भी कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में रही। घटना चौकी से महज 200 मीटर की दूरी पर हुई। जिस वक्त की यह घटना बताई जा रही है, वह बहुत देर रात की भी नहीं है। ऐसे में घंटे भर तक उपद्रव होने के बावजूद पुलिस को इसकी भनक न लगना बेहद चौंकाने वाला है। वैसे सूत्रों की मानें तो गश्त के नाम पर पुलिस महज खानापूर्ति करती है। यही वजह है कि रात होते ही चौराहों व नुक्कड़ों पर अराजक तत्वों का जमावड़ा होने लगता है। 
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