{"_id":"68d00b23b514b679e20a4d09","slug":"bright-red-roses-bloom-in-the-acacia-forest-their-fragrance-spreading-abroad-2025-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj : बबूल के जंगल में खिलाया सुर्ख लाल गुलाब... विदेशों में बिखर रही खुशबू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj : बबूल के जंगल में खिलाया सुर्ख लाल गुलाब... विदेशों में बिखर रही खुशबू
Sun, 21 Sep 2025 07:56 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 21 Sep 2025 07:56 PM IST
सार
देश-विदेश में नाैकरी करने के बाद मेजा के किसान ने गुलाब की खेती करने का निश्चय किया। इसके लिए गांव की जमीन पर उगे बबूल के जंगल को खत्म कर खेती के लिए तैयार किया।
विज्ञापन
मेजा इलाके के किसान जिज्ञासु मिश्रा का पॉली हाउस जिसमें तैयार हो रही है टॉप सिक्रेट गुलाब की खेती।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
देश-विदेश में नाैकरी करने के बाद मेजा के किसान ने गुलाब की खेती करने का निश्चय किया। इसके लिए गांव की जमीन पर उगे बबूल के जंगल को खत्म कर खेती के लिए तैयार किया। मेहनत और लगन के दम पर अब वहां सुर्ख गुलाब (टॉप सीक्रेट गुलाब) की पैदावार हो रही है जिसकी विदेशों में भी लगातार मांग बढ़ रही है।
विज्ञापन
मेजा के हरवारी लखापुर गांव में जिज्ञासु मिश्रा सहित कई किसानों ने पॉली हाउस में फ्लोरीकल्चर (पुष्पकृषि) की शुरुआत की है। किसान बताते हैं कि उन्होंने उद्यान विभाग की मदद से चार पॉली हाउस और दो नेट हाउस बनाया है। इसमें तीन पॉली हाउस में वह केवल गुलाब की खेती करते हैं। गुलाब की प्रजाति टॉप सीक्रेट को उन्होंने प्रमुखता से लगाया है जिसकी रूस और मिडिल ईस्ट देशों (मिस्र, सीरिया, इजराइल , लेबनान , जॉर्डन , इराक, सऊदी अरब) में लगातार मांग बढ़ रही है। इससे किसान आसपास खुशबू बिखेरने के साथ मालामाल भी हो रहे हैं।
विज्ञापन
कई देशों में की नाैकरी, अब दूसरों को दे रहे रोजगार
जिज्ञासु मिश्रा ने बताया कि 12 साल तक कई देशों में ऑयल कंपनी में नौकरी की। वहां के बाजार को समझने के बाद नौकरी छोड़कर अपने घर वापस आ गए। इसके बाद उन्होंने पॉली हाउस में फ्लोरीकल्चर की शुरुआत की। मिडिल ईस्ट और रूस में टॉप सीक्रेट गुलाब की सबसे ज्यादा मांग को देखते हुए इसका उत्पादन शुरू किया। उनसे प्रेरित होकर अब कई और किसान भी इसका उत्पादन कर रहे हैं।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि मेजा से वो लखनऊ और दिल्ली के बाजार में टॉप सीक्रेट गुलाब भेजते हैं, जहां से विदेशों में निर्यात किया जाता है। फिलहाल उनके पाॅलीहाउस में 22 मजदूर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि टॉप सीक्रेट गुलाब की एक स्टिक का सीजन में (दिसंबर से फरवरी) उन्हें 25 रुपये तक मिल जाता है। इसके अलावा ऑफ सीजन में भी मांग के अनुसार आमदनी होती है। फिलहाल 50-60 लाख रुपये का उनका सालाना टर्नओवर है।
जिला उद्यान अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव बताते हैं कि इस समय जिले में चार पॉली हाउस और दो नेट हाउस में बागवानी की जा रही है। बागवानी विकास मिशन योजना के अंतर्गत इसमें सरकार 50 फीसदी सब्सिडी भी प्रदान कर रही है। जिले में चार पॉली हाउस में फ्लोरीकल्चर और दो नेट हाउस में ड्रैगन फ्रूट की बागवानी हो रही है। फ्लोरीकल्चर के अंतर्गत सुर्ख गुलाब की मांग सबसे अधिक होने की वजह से किसान इसे वरीयता दे रहे हैं।
टॉप सीक्रेट गुलाब में नहीं होते कांटे, लगाना व संभालना आसान
टॉप सीक्रेट एक गहरे लाल रंग की गुलाब की किस्म है जो अपने बड़े और आकर्षक फूलों के लिए जानी जाती है। इसमें कांटे नहीं होते हैं जिससे इसे लगाना और संभालना आसान रहता है।