उम्मीदें खत्म : बीपीसीएल के उपकरणों की तीसरी बार लगेगी बोली
नैनी स्थित बीपीसीएल के मशीनाें के नीलामी की एक बार फिर कवायद शुरू की गई है। इसके लिए आठ अप्रैल को बोली लगाई जाएगी। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जाएगी। 2022 में ही यह तीसरा मौका है जब ई-ऑक्शन की घोषणा की गई है।
बीपीसीएल को बंद करने की घोषणा दिसंबर 2020 में ही की जा चुकी है। जमीन और बिल्डिंग को छोड़कर मशीनरी समेत अन्य वस्तुओं को बेचने की भी उसी समय घोषणा की गई थी। इसी क्रम में भारत सरकार के मेटल एंड स्क्रैप्ड ट्रेडिंग कारपोरेशन की ओर से पिछले दो महीनों में दो बार नीलामी की घोषणा की गई लेकिन खरीदार नहीं आए।
इसकी वजह से उपकरणों की नीलामी नहीं हो पाई। अब तीसरी बार आठ अप्रैल को फिर से ई-नीलामी की घोषणा की गई है। इससे कर्मचारियों में निराशा के साथ नाराजगी भी है। वे उपकरणों की नीलामी के बजाय पूरी कंपनी को दूसरे को बेचे जाने की मांग कर रहे हैं। ताकि, कंपनी को दोबारा चलाया जा सके और सैकड़ों लोगाें को रोजगार मिल सके।
50 करोड़ रुपये थी बोली की न्यूनतम राशि
बीपीसीएल की मशीनरी के लिए फरवरी और मार्च में भी नीलामी की घोषणा की गई थी। इनमें 30 से अधिक कंपनियों ने भाग लिया था। कंपनियों को दो करोड़ रुपये सिक्योरिटी के रूप में जमा करने थे। इसके अलावा बोली की न्यूनतम राशि करीब 50 करोड़ रुपये रही लेकिन इसके लिए कोई भी कंपनी आगे नहीं आई। अब तीसरी बार ऑक्शन होने जा रहा है। बीपीसीएल के एक अफसर के अनुसार इस बार न्यूनतम राशि के अलावा शर्तों में भी छूट दी जा सकती है। हालांकि, इसका निर्णय नीलामी के दौरान ही लिया जाएगा।
...तो खत्म हो जाएंगी उम्मीदें
कोविड काल में बीपीसीएल को फिर से चालू करने उम्मीदें जगी थीं। प्रदेश सरकार ने कंपनी के माध्यम से ऑक्सीजन गैस सिलेंडर बनाने का ऑर्डर दिया था। इसके लिए वर्षों से बंद मशीनों को फिर से चालू करने की तैयारी की गई। कुछ हद तक सफलता भी मिल गई लेकिन बाद में यह जिम्मेदारी दूसरी संस्था को दे दी गई है।
इसके अलावा कंपनी के पास अब भी इंडियन ऑयल समेत कई कंपनियों ने पंप बनाने का ऑर्डर है। ऐसे में भारत सरकार की ओर से बंद करने की घोषणा के बावजूद कंपनी को फिर से चालू करने की कवायद जारी रही लेकिन तीसरे प्रयास में उपकरणों की नीलामी हो गई तो सभी तरह की उम्मीदें खत्म हो जाएंगी।